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Item Songs: नोरा फतेही की ही नहीं! ये 9 पुराने ‘आइटम सॉन्ग’ अगर आज होते रिलीज तो मच जाता हंगामा

Nora Fatehi Song Controversy: नोरा फतेही के गाने पर मचे बवाल ने पुरानी यादें ताजा कर दी हैं. क्या आप जानते हैं बॉलीवुड के वो 9 सुपरहिट गाने, जो आज के डिजिटल दौर में रिलीज होते तो बैन हो जाते?

Written By: Shivani Singh
Last Updated: 2026-03-18 20:46:36

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Bollywood Item Songs: नोरा फतेही के गाने पर मचे बवाल ने पुरानी यादें ताजा कर दी हैं. ‘सरके चुनर सरके’ गाने का डबल मीनिंग ने इसे विरोध का कारण बना दिया. इस गाने को सरकार ने बैन कर दिया है. लेकिन कई बॉलीवुड के आइटम नंबर्स जिन्हें कभी बोल्ड एंटरटेनमेंट माना जाता था, आज के दौर में शायद ही टिक पाएं. आज की बदली हुई सोच, संवेदनशीलता और महिलाओं के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण इन गानों को ऑब्जेक्टिफिकेशन या सेक्सिज्म के नजरिए से देखा जाता. आइए एक नजर डालते हैं बीते दौर के उन गानों पर जिन्होंने तब तो खूब सुर्खियां बटोरीं लेकिन आज के सोशल मीडिया दौर में इन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ सकता है.

चोली के पीछे क्या है

माधुरी दीक्षित पर फिल्माया गया यह गाना अपने समय का सबसे बड़ा हिट था. हालांकि इसके डबल मीनिंग शब्दों के कारण तब भी इसे अश्लील कहा गया था. आज के समय में इस गाने को महिलाओं के अनुचित इशारों को बढ़ावा देने के लिए कड़ी आलोचना झेलनी पड़ती. 

मैं आई हूं यूपी-बिहार लूटने

शिल्पा शेट्टी के जबरदस्त डांस ने तब खूब वाहवाही लूटी थी लेकिन इस गाने के बोल क्षेत्रीय रूढ़िवादिता को बढ़ावा देते हैं. आज के भारत में उत्तर भारत की छवि को गलत तरीके से पेश करने के लिए इन बोलों पर विरोध प्रदर्शन होना तय होता. 

चढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी

70 के दशक में भी इस गाने की कोरियोग्राफी और बोलों ने कई लोगों को हैरान कर दिया था. आज के समय में शायद यह सेंसर बोर्ड से पास भी न हो पाए, क्योंकि इसमें महिलाओं को केवल पुरुषों की इच्छा की वस्तु के रूप में दिखाया गया है. 

कांटा लगा

इस रीमिक्स गाने से शेफाली जरीवाला रातों-रात थोंग गर्ल के रूप में मशहूर हो गई थीं. उनके पहनावे और गाने के फिल्मांकन के बोल्ड अंदाज पर आज के दौर में निश्चित रूप से बड़ा विवाद खड़ा हो जाता. 

बाबूजी जरा धीरे चलो

याना गुप्ता का यह गाना अपनी बोल्डनेस की वजह से काफी चर्चा में रहा था. हालांकि यह गाना खूब पसंद किया गया लेकिन आज इसके ‘सेंसुअल’ बोलों को महिलाओं के मैटेरियलाइजेशन के लिए कटघरे में खड़ा किया जाता.

महबूबा महबूबा

हेलन का यह डांस नंबर अपने समय में काफी उत्तेजक माना गया था. अगर यह गाना आज रिलीज होता तो महिला शरीर के अत्यधिक प्रदर्शन और कामुकता को लेकर इसकी कड़ी निंदा की जाती.

सपने में मिलती है

सड़कछाप भाषा और महिला को एक इंसान के बजाय एक कल्पना के रूप में दिखाने वाला यह गाना आज छेड़खानी को बढ़ावा देने वाला माना जाता. मौजूदा दौर में ऐसे गानों को ‘रेड फ्लैग’ यानी गलत माना जाता है.

लैला ओ लैला

जीनत अमान का यह गाना अपनी मोहक धुन के लिए जाना जाता है लेकिन इसमें पुरुषवादी नजरिया साफ झलकता है. आज के मानकों के अनुसार, इसे महिलाओं का शोषण करने वाला या पुराना घिसा-पिटा तरीका माना जाता.

मुन्नी बदनाम हुई

मलाइका अरोड़ा का यह गाना बहुत पुराना नहीं है फिर भी इसके बोलों को लेकर काफी विरोध हुआ था. नारीवाद को लेकर बढ़ती चर्चाओं के बीच आज इस तरह के गानों को सेंसरशिप का सामना करना पड़ता.

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल पुरानी फिल्मों और उनके गानों के प्रति बदलते नजरिए को दर्शाने के लिए है. इसका उद्देश्य किसी भी कलाकार या उनके काम की आलोचना करना नहीं है, बल्कि यह दिखाना है कि समय के साथ हमारे सांस्कृतिक और सिनेमाई मानक कैसे बदल गए हैं.

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Bollywood Item Songs: नोरा फतेही के गाने पर मचे बवाल ने पुरानी यादें ताजा कर दी हैं. ‘सरके चुनर सरके’ गाने का डबल मीनिंग ने इसे विरोध का कारण बना दिया. इस गाने को सरकार ने बैन कर दिया है. लेकिन कई बॉलीवुड के आइटम नंबर्स जिन्हें कभी बोल्ड एंटरटेनमेंट माना जाता था, आज के दौर में शायद ही टिक पाएं. आज की बदली हुई सोच, संवेदनशीलता और महिलाओं के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण इन गानों को ऑब्जेक्टिफिकेशन या सेक्सिज्म के नजरिए से देखा जाता. आइए एक नजर डालते हैं बीते दौर के उन गानों पर जिन्होंने तब तो खूब सुर्खियां बटोरीं लेकिन आज के सोशल मीडिया दौर में इन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ सकता है.

चोली के पीछे क्या है

माधुरी दीक्षित पर फिल्माया गया यह गाना अपने समय का सबसे बड़ा हिट था. हालांकि इसके डबल मीनिंग शब्दों के कारण तब भी इसे अश्लील कहा गया था. आज के समय में इस गाने को महिलाओं के अनुचित इशारों को बढ़ावा देने के लिए कड़ी आलोचना झेलनी पड़ती. 

मैं आई हूं यूपी-बिहार लूटने

शिल्पा शेट्टी के जबरदस्त डांस ने तब खूब वाहवाही लूटी थी लेकिन इस गाने के बोल क्षेत्रीय रूढ़िवादिता को बढ़ावा देते हैं. आज के भारत में उत्तर भारत की छवि को गलत तरीके से पेश करने के लिए इन बोलों पर विरोध प्रदर्शन होना तय होता. 

चढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी

70 के दशक में भी इस गाने की कोरियोग्राफी और बोलों ने कई लोगों को हैरान कर दिया था. आज के समय में शायद यह सेंसर बोर्ड से पास भी न हो पाए, क्योंकि इसमें महिलाओं को केवल पुरुषों की इच्छा की वस्तु के रूप में दिखाया गया है. 

कांटा लगा

इस रीमिक्स गाने से शेफाली जरीवाला रातों-रात थोंग गर्ल के रूप में मशहूर हो गई थीं. उनके पहनावे और गाने के फिल्मांकन के बोल्ड अंदाज पर आज के दौर में निश्चित रूप से बड़ा विवाद खड़ा हो जाता. 

बाबूजी जरा धीरे चलो

याना गुप्ता का यह गाना अपनी बोल्डनेस की वजह से काफी चर्चा में रहा था. हालांकि यह गाना खूब पसंद किया गया लेकिन आज इसके ‘सेंसुअल’ बोलों को महिलाओं के मैटेरियलाइजेशन के लिए कटघरे में खड़ा किया जाता.

महबूबा महबूबा

हेलन का यह डांस नंबर अपने समय में काफी उत्तेजक माना गया था. अगर यह गाना आज रिलीज होता तो महिला शरीर के अत्यधिक प्रदर्शन और कामुकता को लेकर इसकी कड़ी निंदा की जाती.

सपने में मिलती है

सड़कछाप भाषा और महिला को एक इंसान के बजाय एक कल्पना के रूप में दिखाने वाला यह गाना आज छेड़खानी को बढ़ावा देने वाला माना जाता. मौजूदा दौर में ऐसे गानों को ‘रेड फ्लैग’ यानी गलत माना जाता है.

लैला ओ लैला

जीनत अमान का यह गाना अपनी मोहक धुन के लिए जाना जाता है लेकिन इसमें पुरुषवादी नजरिया साफ झलकता है. आज के मानकों के अनुसार, इसे महिलाओं का शोषण करने वाला या पुराना घिसा-पिटा तरीका माना जाता.

मुन्नी बदनाम हुई

मलाइका अरोड़ा का यह गाना बहुत पुराना नहीं है फिर भी इसके बोलों को लेकर काफी विरोध हुआ था. नारीवाद को लेकर बढ़ती चर्चाओं के बीच आज इस तरह के गानों को सेंसरशिप का सामना करना पड़ता.

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल पुरानी फिल्मों और उनके गानों के प्रति बदलते नजरिए को दर्शाने के लिए है. इसका उद्देश्य किसी भी कलाकार या उनके काम की आलोचना करना नहीं है, बल्कि यह दिखाना है कि समय के साथ हमारे सांस्कृतिक और सिनेमाई मानक कैसे बदल गए हैं.

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