Nusrat Fateh Ali Khan: कुछ फिल्में अपनी कहानी के लिए याद की जाती हैं, कुछ अपने सितारों के लिए, तो कुछ अपने ऐसे गानों के लिए जो कभी पुराने नहीं होते. ऐसी ही एक यादगार फिल्म है ‘धड़कन’ और उसका मशहूर गाना ‘दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है’. करीब 25 साल बाद भी यह गाना शादियों में खूब बजता है और लोगों के दिलों को छू जाता है.
नुसरत फतेह अली खान का भावुक पल
इस गाने को दिग्गज गायक नुसरत फतेह अली खान ने अपनी आवाज दी थी. गीतकार समीर अंजन के मुताबिक, नुसरत साहब आमतौर पर फिल्मों में गाने नहीं गाते थे, लेकिन उन्हें इस गाने का संगीत और बोल इतने पसंद आए कि उन्होंने इसके लिए हामी भर दी.मुंबई में रिकॉर्डिंग के दौरान सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन जैसे ही नुसरत साहब ने लाइन गाई ‘मैं तेरी बाहों के झूले में पली, बाबुल’वे भावुक हो गए और रोने लगे. रिकॉर्डिंग बार-बार रोकनी पड़ी. बताया जाता है कि ऐसा करीब 150 बार हुआ.
क्यों हुए थे नुसरत साहब भावुक?
जब उनसे वजह पूछी गई, तो उन्होंने बताया कि यह लाइन उन्हें अपनी बेटियों की याद दिला रही थी. शादी के बाद बेटी का अपने मायके से विदा होना उन्हें अंदर तक छू गया.
फिल्म ‘धड़कन’ के बारे में
फिल्म ‘धड़कन’ में अक्षय कुमार, शिल्पा शेट्टी, सुनील शेट्टी और महिमा चौधरी नजर आए थे. फिल्म का निर्देशन धर्मेश दर्शन ने किया था. इसके गाने नदीम-श्रवणके संगीत और समीर अंजन के बोलों की वजह से सुपरहिट हुए.नुसरत फतेह अली खान की वही सच्ची भावनाएं इस गाने की जान बन गईं. यही वजह है कि ‘दूल्हे का सेहरा’आज भी लोगों को भावुक कर देता है. यह सिर्फ एक शादी का गाना नहीं, बल्कि एक एहसास है जो पीढ़ियों तक जिंदा रहेगा.