Phool Tumhe Bheja Hai Khat Mein Song Behind Story: बॉलीवुड की दुनिया में कुछ ऐसे मोहब्बत के गीत लिखे गए हैं, जो आज भी लोगों के दिलों में उतर जाते हैं. आज हम आपको साल 1968 में रिलीज हुई एक फिल्म के गाने के बारे में बता रहे हैं, जिसे गीतकार ने एक चिट्ठी पर लगे लिपस्टिक के निशान देखकर लिख दिए थे. यह गीत उस दौर के हर प्रेमी-प्रेमिकाओं की जुबां पर होता था. इस गाने के लिखे जाने की कहानी काफी दिलचस्प है. तो किस बात की देर, चलिए जानते हैं उस गाने को..
कौन सा है वो गीत?
गोविंद सरैय्या के निर्देशन में साल 1968 में फिल्म ‘सरस्वतीचंद्र’ रिलीज हुई थी. इस फिल्म में एक गाना था ‘फूल तुम्हें भेजा है खत में..’. इस गाने को आवाज दी थी मुकेश साहब और लता मंगेशकर ने. वहीं इस गाने के बोलो को इंदीवर ने लिखा था. साथ ही इसे कंपोज किया था आनंद और कल्याणजी की जोड़ी ने.
कैसे लिखा गया यह गाना?
इस गाने के लिखने के पीछ की कहानी काफी रोचक है. उस दौर में कंपोजर आनंदजी के पास उनके प्रशंसकों की चिट्ठियां आती थीं. एक दिन हुआ कुछ ऐसा कि किसी फैन ने अपनी चिट्ठी के साथ फूला भेजा और उसपर लिपस्टिक के निशान लगे हुए थो. यह देख आनंद ने इस खत को कल्याणजी को दिखाया. इसके बाद जब इसे गीतकार इंदीवर ने देखा, वाह इसपर तो गाना लिखा जा सकता है और कहा कि फूल तुम्हें भेजा है खत में फूल नहीं मेरा दिल है. फिर क्या था ये सबको इतना पसंद आया कि इसे गाने को तैयार पर तैयार कर लिया गया. इसके बाद यह गाना अमर हो गया और इसने मोहब्बत की मिसाल कायम की.
फिल्म के अन्य गाने भी बहुत सुंदर थे
फिल्म ‘सरस्वतीचंद्र’ में ‘फूल तुम्हें भेजा है खत में..’ के अलावा भी कई गाने थे, जो लोगों को दिलों में बसते हैं. इसमें ‘चंदन सा बदन’, ‘मैं तो भूल चली बाबुल का देस’, ‘हमने अपना सबकुछ खोया’ जैसे मंत्रमुग्ध करने वाले सॉन्ग मौजूद थे. इस फिल्म के लिए आनंद और कल्याणजी को बेस्ट म्यूजिक का नेशनल अवॉर्ड मिला था.