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Home > मनोरंजन > कीड़े-मकोड़े से भरे कमरे में सोते थे राजेंद्र चावला, फिल्म इंडस्ट्री में काम के घंटो को लेकर एक्टर ने किया ये खुलासा

कीड़े-मकोड़े से भरे कमरे में सोते थे राजेंद्र चावला, फिल्म इंडस्ट्री में काम के घंटो को लेकर एक्टर ने किया ये खुलासा

Rajendra Chawla: अभिनेता राजेंद्र चावला ने हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के घंटों को फिक्स करने को बेतुका बयान बताया है. साथ ही उन्होंने अपने मुश्किल दिनों का जिक्र किया है. जानिए उन्होंने क्या कहा.

Written By: Kamesh Dwivedi
Last Updated: January 15, 2026 14:08:57 IST

Rajendra Chawla On Working Hours Debate: अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों के लिए काम के घंटों को फिक्स करने की बात कही थी. इसके बाद से लोगों में एक बहस छिड़ी हुई है. तमाम सितारे इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे चुके है. अब अभिनेता राजेंद्र चावला ने दीपिका पादुकोण द्वारा उठाए गए विषय को बेतुका बताते हुए कहा कि ये संभव नहीं है. इतना ही नहीं, उन्होंने कुछ हैरान करने वाली बातों का भी खुलासा किया है.

12-14 घंटे की शिफ्ट होती है

बॉलीवुड बबल से बात करते हुए,अभिनेता राजेंद्र चावला ने हिंदी सिनेमा में काम के घंटों को लेकर छिड़ी बहस पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ‘मैं यह समझता हूं, लेकिन अगर आप इस इंडस्ट्री में आ रहे हैं, तो आपको पहले दिन से ही यह समझना होगा कि काम करने का यही तरीका है. आपको यह बात स्वीकार करनी होगी कि शिफ्ट 12-14 घंटे की होती हैं, क्योंकि काम का बोझ बहुत बढ़ गया है.’

आप 9 से 5 नौकरी कर लीजिए

आगे बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ‘उदाहरण के लिए, डेली सोप के लिए 22-25 मिनट का कंटेंट देना पड़ता है. अगर आप ये सोचेंगे कि मैं 8 घंटे काम करूंगा या 5 घंटे, तो काम कैसे पूरा होगा? अगर आप इस क्षेत्र में आए हैं, तो आपको इसके अनुसार ही दौड़ना होगा. अगर आप इसे स्वीकार नहीं कर सकते, तो कोई 9-5 वाली नौकरी कर लीजिए और वहां खुश रहिए. किसी ने आपको यहां आने के लिए मजबूर नहीं किया है.’

कीड़े-मकोड़े से भरे कमरे में सोना पड़ता था

राजेंद्र चावला ने अपने शुरुआती करियर के संघर्ष के दिनों को साझा किया. उन्होंने कहा कि आजकल अभिनेताओं की स्थिति वास्तव में कहीं बेहतर हो चुकी हैं. एक्टर ने बताया कि जब वह थिएटर शो के लिए जाते थे, तो हम कीड़ों से भरे कमरों में सोते थे. वह सिर्फ चटाई का सहारा लेते थे. अभिनेता ने आगे कहा, ‘हमारे जमाने में महिलाएं खुले में या पेड़ों के पीछे कपड़े बदलती थीं. एयर कंडीशनर वाले मेकअप रूम या फर्श नहीं होते थे. अमिताभ बच्चन जैसे लोग धूप में पूरे कॉस्ट्यूम में बैठे रहते थे. आजकल तो लोग अगर उन्हें अपना शॉट नहीं मिलता, तब अपने मेकअप रूम में चले जाते हैं.’

एक नजर राजेंद्र चावला के करियर पर

राजेंद्र चावला ने कई फिल्मों में काम किया है. उनकी कुछ फिल्मों की बात करें, तो ‘ए वेडनसडे’, ‘मुंबई मिरर’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ और ‘पैसा पैसा’ में निभाई गई भूमिकाओं के लिए जाना जाता है. इसके अलावा उन्होंने टेलीविजन धारावाहिकों ‘सास बिना ससुराल’, ‘घर की लक्ष्मी बेटियां’, ‘माता-पिता के चरणों में स्वर्ग’ में भी शानदार रोल किया है. 

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कीड़े-मकोड़े से भरे कमरे में सोते थे राजेंद्र चावला, फिल्म इंडस्ट्री में काम के घंटो को लेकर एक्टर ने किया ये खुलासा

Rajendra Chawla: अभिनेता राजेंद्र चावला ने हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के घंटों को फिक्स करने को बेतुका बयान बताया है. साथ ही उन्होंने अपने मुश्किल दिनों का जिक्र किया है. जानिए उन्होंने क्या कहा.

Written By: Kamesh Dwivedi
Last Updated: January 15, 2026 14:08:57 IST

Rajendra Chawla On Working Hours Debate: अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों के लिए काम के घंटों को फिक्स करने की बात कही थी. इसके बाद से लोगों में एक बहस छिड़ी हुई है. तमाम सितारे इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे चुके है. अब अभिनेता राजेंद्र चावला ने दीपिका पादुकोण द्वारा उठाए गए विषय को बेतुका बताते हुए कहा कि ये संभव नहीं है. इतना ही नहीं, उन्होंने कुछ हैरान करने वाली बातों का भी खुलासा किया है.

12-14 घंटे की शिफ्ट होती है

बॉलीवुड बबल से बात करते हुए,अभिनेता राजेंद्र चावला ने हिंदी सिनेमा में काम के घंटों को लेकर छिड़ी बहस पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ‘मैं यह समझता हूं, लेकिन अगर आप इस इंडस्ट्री में आ रहे हैं, तो आपको पहले दिन से ही यह समझना होगा कि काम करने का यही तरीका है. आपको यह बात स्वीकार करनी होगी कि शिफ्ट 12-14 घंटे की होती हैं, क्योंकि काम का बोझ बहुत बढ़ गया है.’

आप 9 से 5 नौकरी कर लीजिए

आगे बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ‘उदाहरण के लिए, डेली सोप के लिए 22-25 मिनट का कंटेंट देना पड़ता है. अगर आप ये सोचेंगे कि मैं 8 घंटे काम करूंगा या 5 घंटे, तो काम कैसे पूरा होगा? अगर आप इस क्षेत्र में आए हैं, तो आपको इसके अनुसार ही दौड़ना होगा. अगर आप इसे स्वीकार नहीं कर सकते, तो कोई 9-5 वाली नौकरी कर लीजिए और वहां खुश रहिए. किसी ने आपको यहां आने के लिए मजबूर नहीं किया है.’

कीड़े-मकोड़े से भरे कमरे में सोना पड़ता था

राजेंद्र चावला ने अपने शुरुआती करियर के संघर्ष के दिनों को साझा किया. उन्होंने कहा कि आजकल अभिनेताओं की स्थिति वास्तव में कहीं बेहतर हो चुकी हैं. एक्टर ने बताया कि जब वह थिएटर शो के लिए जाते थे, तो हम कीड़ों से भरे कमरों में सोते थे. वह सिर्फ चटाई का सहारा लेते थे. अभिनेता ने आगे कहा, ‘हमारे जमाने में महिलाएं खुले में या पेड़ों के पीछे कपड़े बदलती थीं. एयर कंडीशनर वाले मेकअप रूम या फर्श नहीं होते थे. अमिताभ बच्चन जैसे लोग धूप में पूरे कॉस्ट्यूम में बैठे रहते थे. आजकल तो लोग अगर उन्हें अपना शॉट नहीं मिलता, तब अपने मेकअप रूम में चले जाते हैं.’

एक नजर राजेंद्र चावला के करियर पर

राजेंद्र चावला ने कई फिल्मों में काम किया है. उनकी कुछ फिल्मों की बात करें, तो ‘ए वेडनसडे’, ‘मुंबई मिरर’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ और ‘पैसा पैसा’ में निभाई गई भूमिकाओं के लिए जाना जाता है. इसके अलावा उन्होंने टेलीविजन धारावाहिकों ‘सास बिना ससुराल’, ‘घर की लक्ष्मी बेटियां’, ‘माता-पिता के चरणों में स्वर्ग’ में भी शानदार रोल किया है. 

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