Ramaiya Vastavaiya Song Behind Story: हिंदी सिनेमा बिना गानों के अधूरा है. हीरो या हीरोइन को अपने भाव व्यक्त करने हों या फिल्म के अहम मोड़ की कहानी, इन सबमें अक्सर गाने मुख्य भूमिका अदा करते हैं. आज हम एक ऐसे ही चर्चित गाने के बारे में बात करने जा रहे हैं. राज कपूर की मशहूर फिल्म ‘श्री 420’ का गाना ‘रमैया वस्तावैया’ खंडाला के एक होटल से निकला था. इस गाने का कनेक्शन वेटर से है.
किसने लिखा था ये गाना?
‘रमैया वस्तावैया’ गाने के धनु शंकर जयकिशन ने तैयार किया था. वहीं इसे आवाज दी थी मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर और मुकेश ने. इसके अलावा यह गाना गीतकार शैलेंद्र ने लिखा था. इस सॉन्ग को राज कपूर और नरगिस के साथ फिल्माया गया था, जिसमें राज कपूर मायूस दिखते हैं.
कैसे बना ये मशहूर गाना?
एक समय राज कपूर, गीतकार शैलेंद्र, हजरत जयपुरी और संगीतकार शंकर जयकिशन की जोड़ी बहुत चर्चित थी. इन चार लोगों की जोड़ी सिर्फ स्टूडियो में ही काम नहीं करती थी. बल्कि ये खंडाला और लोनावला की वादियों में भी निकल जाया करते थे. एक बार ये सब खंडाला गए हुए थे और वहां एक होटल में सभी नाश्ता पानी के लिए रुके. लेकिन वेटर नाश्ता ले आने में बहुत देरी कर रहा था. फिर वहीं होटल में एक रमैया नाम का वेटर था, जो तेलुगु भाषी था. इसके बाद संगीतकार शंकर जयकिशन ने तेलुगु में ही आवाज लगाई रमैया वस्तावैया. फिर क्या ये शब्द गीतकार शैलेंद्र को पसंद आया और उन्होंने आगे की लाइनें लिख दीं. फिर क्या शंकर जयकिशन ने मेज बजाकर वहीं धुन निकालनी शुरू कर दी.
राज कपूर को पसंद आया गाना
जब ये गाना राज कपूर ने सुना तो वह इस पर फिदा हो गए. इस तरह ये गाना बन गया है. जिसके बोल हैं, ‘रमैया वस्तावैया मैंने दिल तुझको दिया, हां रमैया वस्तावैया मैंने दिल तुझको दिया…’.
क्या है इस गाने का अर्थ?
रमैया वस्तावैया गाने का हिंदी अर्थ है रमैया यहां कब आओगे. यह सॉन्ग आज 70 साल बाद भी लोगों को दीवाना बना देता है.