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रानी मुखर्जी नहीं कर सकती हैं डाइटिंग, कहा- ‘फ्राइड फिश और राइस नहीं छोड़…’, 47 साल की एक्ट्रेस ने बताई अपनी डाइट फिलॉसफी

जहां बॉलीवुड सेलेब्रिटीज अपनी डाइट को लेकर बहुत अनुशासित रहते हैं, वहीं बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि वो स्ट्रिक्ट डाइटिंग नहीं कर सकतीं.

Written By: Shivangi Shukla
Edited By: Hasnain Alam
Last Updated: 2026-02-28 18:14:57

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जहां बॉलीवुड सेलेब्रिटीज अपनी डाइट को लेकर बहुत अनुशासित रहते हैं, वहीं बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि एक बंगाली होने के नाते वह राइस और फ्राइड फिश से दूर नहीं रह सकतीं. उन्होंने कहा कि वो अपनी सांस्कृतिक खाने की आदतों से जुड़ी हैं.  
उनका मानना है कि बहुत सख्त और रिस्ट्रिक्टिव डाइट्स (जैसे कुछ बहुत ट्रेंडी डाइट प्लान) उनके लिए काम नहीं करतीं, क्योंकि वह खुद को बिना दोषी महसूस किए अपनी पसंदीदा चीजें जैसे चावल, फ्राइड फिश, आलू शाक और गुड़ खाना पसंद करती हैं. 

रानी मुखर्जी की डाइट फिलॉसफी  

रानी कहती हैं कि उनकी सेहत और वेलनेस अवधारणा त्याग पर नहीं, बल्कि बैलेंस पर आधारित है. वह अपनी फिटनेस के लिए रोज़ाना एक्सरसाइज जरूर करती हैं, लेकिन अपनी बंगाली रसोई और घर का खाना कम करने को तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि जैसे बंगाली होने के नाते वह बिना फ्राइड फिश खाए मछली का मज़ा ही नहीं ले पातीं, वैसे ही वह चावल या गुड़ जैसी चीज़ें भी पूरी तरह नहीं छोड़ना चाहतीं. 

फ्राइड फिश और नॉर्मल/कुक्ड फिश में अंतर  

फ्राइड फिश और नॉर्मल फिश (जैसे उबली, बेक्ड या ग्रिल्ड फिश) में सबसे बड़ा अंतर तेल/फैट की मात्रा और पाचन पर उसका असर है. साथ ही फ्राइड फिश का टेस्ट थोड़ा क्रिस्पी होता है, जो इसके स्वाद को बढ़ाता है. फ्राइड फिश में डीप फ्राइंग या शैलो फ्राइंग के कारण कैलोरी और फैट ज़्यादा हो जाता है, खासकर अगर ऑयल बार‑बार गर्म किया गया हो तो कुछ अस्वस्थ फैट और ट्रांस फैट भी बढ़ सकते हैं, जो दिल की बीमारियों और ऑबेसिटी के जोखिम बढ़ा सकते हैं.
वहीं कुक्ड या बेक्ड/ग्रिल्ड फिश में तेल कम इस्तेमाल होता है, इसलिए यह कम कैलोरी और हार्ट‑फ्रेंडली माना जाता है. हालांकि दोनों में प्रोटीन और ओमेगा‑3 फैटी एसिड लगभग बराबर होते हैं, लेकिन फ्राइंग प्रक्रिया में कुछ विटामिन (जैसे विटामिन D आदि) थोड़े घट सकते हैं और ज्यादा तेल से सैचुरेटेड फैट बढ़ जाता है.

मर्दानी 3 में दिखा रानी मुखर्जी का जलवा 

पिछले महीने रानी मुखर्जी की फिल्म मर्दानी 3 रिलीज हुई थी. इस फिल्म में लड़कियों की ट्रैफिकिंग के बारे में दिखाया गया है. 50 करोड़ रु. के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के साथ इसे रानी मुखर्जी की एक सफल फिल्म माना जा सकता है. रानी मुखर्जी 90 के दशक से सिनेमा में सक्रिय हैं. उन्होंने गुलाम, कुछ-कुछ होता है, चोरी-चोरी चुपके-चुपके जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया है.

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Written By: Shivangi Shukla
Edited By: Hasnain Alam
Last Updated: 2026-02-28 18:14:57

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जहां बॉलीवुड सेलेब्रिटीज अपनी डाइट को लेकर बहुत अनुशासित रहते हैं, वहीं बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि एक बंगाली होने के नाते वह राइस और फ्राइड फिश से दूर नहीं रह सकतीं. उन्होंने कहा कि वो अपनी सांस्कृतिक खाने की आदतों से जुड़ी हैं.  
उनका मानना है कि बहुत सख्त और रिस्ट्रिक्टिव डाइट्स (जैसे कुछ बहुत ट्रेंडी डाइट प्लान) उनके लिए काम नहीं करतीं, क्योंकि वह खुद को बिना दोषी महसूस किए अपनी पसंदीदा चीजें जैसे चावल, फ्राइड फिश, आलू शाक और गुड़ खाना पसंद करती हैं. 

रानी मुखर्जी की डाइट फिलॉसफी  

रानी कहती हैं कि उनकी सेहत और वेलनेस अवधारणा त्याग पर नहीं, बल्कि बैलेंस पर आधारित है. वह अपनी फिटनेस के लिए रोज़ाना एक्सरसाइज जरूर करती हैं, लेकिन अपनी बंगाली रसोई और घर का खाना कम करने को तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि जैसे बंगाली होने के नाते वह बिना फ्राइड फिश खाए मछली का मज़ा ही नहीं ले पातीं, वैसे ही वह चावल या गुड़ जैसी चीज़ें भी पूरी तरह नहीं छोड़ना चाहतीं. 

फ्राइड फिश और नॉर्मल/कुक्ड फिश में अंतर  

फ्राइड फिश और नॉर्मल फिश (जैसे उबली, बेक्ड या ग्रिल्ड फिश) में सबसे बड़ा अंतर तेल/फैट की मात्रा और पाचन पर उसका असर है. साथ ही फ्राइड फिश का टेस्ट थोड़ा क्रिस्पी होता है, जो इसके स्वाद को बढ़ाता है. फ्राइड फिश में डीप फ्राइंग या शैलो फ्राइंग के कारण कैलोरी और फैट ज़्यादा हो जाता है, खासकर अगर ऑयल बार‑बार गर्म किया गया हो तो कुछ अस्वस्थ फैट और ट्रांस फैट भी बढ़ सकते हैं, जो दिल की बीमारियों और ऑबेसिटी के जोखिम बढ़ा सकते हैं.
वहीं कुक्ड या बेक्ड/ग्रिल्ड फिश में तेल कम इस्तेमाल होता है, इसलिए यह कम कैलोरी और हार्ट‑फ्रेंडली माना जाता है. हालांकि दोनों में प्रोटीन और ओमेगा‑3 फैटी एसिड लगभग बराबर होते हैं, लेकिन फ्राइंग प्रक्रिया में कुछ विटामिन (जैसे विटामिन D आदि) थोड़े घट सकते हैं और ज्यादा तेल से सैचुरेटेड फैट बढ़ जाता है.

मर्दानी 3 में दिखा रानी मुखर्जी का जलवा 

पिछले महीने रानी मुखर्जी की फिल्म मर्दानी 3 रिलीज हुई थी. इस फिल्म में लड़कियों की ट्रैफिकिंग के बारे में दिखाया गया है. 50 करोड़ रु. के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के साथ इसे रानी मुखर्जी की एक सफल फिल्म माना जा सकता है. रानी मुखर्जी 90 के दशक से सिनेमा में सक्रिय हैं. उन्होंने गुलाम, कुछ-कुछ होता है, चोरी-चोरी चुपके-चुपके जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया है.

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