Bollywood Flashback : भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी होती है. जो हमेशा के लिए याद रह जाती है. 1992 में आई फिल्म ‘रोजा’ भी एक ऐसी ही फिल्म है. कश्मीर के हालात और देशभक्ति पर बनी इस फिल्म ने न केवल लोगों का दिल जीता, बल्कि भारतीय संगीत को पूरी दुनिया में मशहूर कर दिया.
संगीत का जादू और ए.आर. रहमान की शुरुआत
इस फिल्म की सबसे बड़ी खास बात थी ए.आर. रहमान का संगीत. ‘रोजा’ से ही रहमान ने अपने करियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म के गाने इतने सुपरहिट हुए कि आज भी लोग इन्हें गुनगुनाते है. ‘दिल है छोटा सा’ और ‘भारत हमको जान से प्यारा है’ जैसे गानों ने रहमान को रातों-रात बड़ा स्टार बना दिया. इसी फिल्म ने भारत को उसका पहला ऑस्कर जीतने वाला संगीतकार देने की राह दिखाई.
11 बड़े अवॉर्ड्स और कामयाबी
‘रोजा’ फिल्म को अपनी शानदार कहानी और बेहतरीन संगीत के लिए कुल 11 बड़े अवॉर्ड्स मिले. इसे तीन नेशनल अवॉर्ड्स (राष्ट्रीय पुरस्कार) भी मिले. यह फिल्म दक्षिण भारत की थी, लेकिन इसकी कामयाबी इतनी बड़ी थी कि इसे पूरे भारत में पसंद किया गया. इसने साबित कर दिया कि अगर फिल्म अच्छी हो, तो भाषा कोई रुकावट नहीं बनती.
एक बहादुर पत्नी की कहानी
इस फिल्म की कहानी एक गांव की लड़की ‘रोजा’ की है. जब आतंकवादियों ने उसके पति (अरविंद स्वामी) को अगवा कर लिया, तो वह उसे छुड़ाने के लिए अकेले ही सरकार और सिस्टम से लड़ गई. निर्देशक मणिरत्नम ने प्यार और देशप्रेम को बहुत ही सुंदर तरीके से दिखाया. फिल्म का हर सीन रोंगटे खड़े कर देने वाला था.आज भी ‘रोजा’ को भारतीय सिनेमा की सबसे बेहतरीन फिल्मों में गिना जाता है. इसी फिल्म ने तमिल फिल्मों के लिए उत्तर भारत के रास्ते खोले, जिसे आज हम ‘पैन इंडिया’ फिल्में कहते है.