Saj Rahi Gali Meri Maa Song Story: 70 के दशक में एक ऐसी फिल्म आई, जिसका एक गाना काफी चर्चा में रहा. आज के दौर में भी उस गाने को जब भी दर्शक सुनते हैं, तो वो मंत्रमुग्ध हो जाया करते हैं. जिस गाने के बार में हम बात करने जा रहे हैं, उसे मोहम्मद रफी ने गाया था. लेकिन क्या आपको पता है कि यह गाना किन्नरों के साथ गाया गया था. जब गायक ने यह सब देखा तो वो चौंक गए थे. क्या है इस गाने के पीछे का पूरा सच?
क्या है गाने का नाम?
साल 1974 में महमूद के निर्देशन में फिल्म ‘कुंवारा बाप’ रिलीज हुई थी. इस फिल्म में मौजूद गाना ‘सज रही गली मेरी मां…’ काफी मशहूर हुआ था. इस सॉन्ग को बनाने के पीछे की कहानी काफी रोचक है.
जब किन्नरों के साथ गाना पड़ा यह सॉन्ग
‘सज रही गली मेरी मां…’ गाने को आवाज दी थी मोहम्मद रफी और महमूद ने. बताया जाता है कि यह गाना राजेश रोशन पहला सॉन्ग होने वाला था. इस गाने के लिए राजेश रोशन ने रफी साहब को बुलाया. जब मोहम्मद रफी गाना रिकॉर्ड करने के लिए स्टूडियो में पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि स्टूडियो में कई किन्नर बैठे हुए हैं. रफी साहब यह सब देखकर चौंक गए और घबरा गए. वह सोचने लगे की आखिर किन्नरों को क्यों बुलाया गया है. फिर राजेश रोशन और महमूद ने रफी साहब की जब घबराई हुई हालत देखी, तो वह पूरा मामला समझ गए. इसके बाद मोहम्मद रफी को बताया गया कि उन्हें किन्नरों के साथ एक गाना गाना है. जब रफी साहब ने ये सुना तो उन्हें पूरा माजरा समझ आ गया. इसके बाद हम सभी जानते हैं कि ये गाना बहुत पॉपुलर हुआ.
फिल्म के बारे में
फिल्म ‘कुंवारा बाप’ की कहानी की बात करें, तो उसमें एक रिक्शा चालक रहता है, जिसका जीवन उस वक्त बदलता है, जब वह अपने दरवाजे पर लावारिस बच्चा पाता है. वह बच्चा पोलियोग्रस्त होता है, लेकिन रिक्शा चालक का हृदय परिवर्तन होता है और वह उसकी देखभाल करने का फैसला करता है. इसी आधार पर पूरी कहानी रची गई है. फिल्म में विनोद मेहरा, महमूद, भारती और धर्मेंद्र जैसे कलाकार मौजूद हैं.