Subhash Ghai Birthday: जब बात हिंदी फिल्मों की हो तो बेहतरीन डायरेक्टर्स की लिस्ट में सुभाष घई का नाम जरूर शामिल होता है. सुभाष घई ने अपने समय पर शानदार फिल्में दर्शकों को दीं. 80 और 90 के दशक में उन्होंने लोगों को काफी एंटरटेन किया. बेहतरीन फिल्मों का डायरेक्शन करने वाले सुभाष घई का आज 81वां जन्मदिन हैं. उनका जन्म 24 जनवरी 1945 में महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था. सुभाष की परवरिश दिल्ली में हुई. बता दें कि सुभाष घई हिंदी सिनेमा में हीरो बनने का लेकर मुंबई आए थे. लेकिन, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. वे बॉलीवुड के सबसे बेहतरीन में से एक डायरेक्टर बनकर निकले.
एक्टर के तौर पर भी किया काम
सुभाष घई का सपना एक्टर बनने का था. उन्होंने सपने को पूरा करने के लिए साल 1963 में पुणे में ‘फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ से एक्टिंग का कोर्स भी किया था. इसके बाद बॉलीवुड में एंट्री की और उन्होंने पहले ‘उमंग’ और ‘गुमराह’ नाम की फिल्मों में एक एक्टर के तौर पर कदम रखा. यही नहीं, सुभाष घई अपने डायरेक्शन में बनी कुछ फिल्मों में कैमियो करते भी दिखाई दिए.
मुस्लिम लड़की संग रचाई शादी
सुभाष घई की मुलाकात एक कल्चरल इवेंट के दौरान रेहाना नाम की लड़की से हुई थी. इसके बाद दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और फिर दोनों एक दूसरे पर दिल हार बैठे. प्यार बाद में शादी तक जा पहुंचा और उन्होंने शादी का फैसला ले लिया. लेकिन, दोनों के रिलेशन में धर्म की दीवार खड़ी हुई थी. एक तरफ जहां सुभाष घई हिंदू हैं, तो वहीं रेहाना मुस्लिम थीं. लेकिन, दोनों के प्रेम के आगे जमाने को झुकना पड़ा और साल 1970 में दोनों विवाह कर लिया. रेहाना धर्म बदलकर मुक्ता घई बन गई. साल 1978 में सुभाष ने अपने बड़े भाई की बेटी यानी भतीजी मेघना को गोद लिया. फिर साल 2000 में सुभाष और मुक्ता की भी एक बेटी मुस्कान हुई.
चोली के पीछे गाने ने हिला दी थी इंडस्ट्री
सुभाष घई ने अपनी फिल्म के एक कंट्रोवर्शियल लेकिन पॉपुलर गाने ‘चोली के पीछे क्या है’ के बारे में भी बाद में खुलासा किया. घई के अनुसार, यह गाना एक लोक गीत के तौर पर तैयार किया गया था. लेकिन, इस गाने पर जमकर हंगामा हुआ. हिट फिल्म के बावजूद भी इसने पिछले कुछ सालों में कल्ट का टैग हासिल कर लिया. सुभाष घई ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि लोगों ने चोली के पीछे को अश्लीलता का ढप्पा लगा दिया था. यह मेरे लिए एक बड़े झटके की तरह था क्योंकि इसे मैने लोकगीत की तरह लिया था.
संजय दत्त को किया था अरेस्ट
बता दें कि इस फिल्म का गाना ‘चोली के पीछे गीत’ ही सिर्फ विरोध नहीं था. बल्कि, संजय दत्त ने इस मूवी में एक टेरेरिस्ट की भूमिका निभाई थी. इससे उनकी परेशानी और भी बढ़ गई. क्योंकि फिल्म के प्रीमियर से कुछ महीने संजय दत्त को टाडा और आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार भी होना पड़ा था. इससे बाद से संजय दत्त को लेकर लोगों में कई तरह की बातें होने लगीं. लोग रील और रियल के बीच कनेक्शन निकालने में लग गए. फिल्म जबरदस्त हिट हुई और गानें ने भी अपना जादू लोगों पर बिखेरा.