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सुकेश चंद्रशेखर को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में मिली जमानत, क्या जेल से आएंगे बाहर?

Sukesh Chandrashekhar Bail: दिल्ली की एक अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर को ज़मानत दे दी.

Written By: Sohail Rahman
Last Updated: 2026-04-07 17:45:48

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Sukesh Chandrashekhar Bail: दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को AIADMK के “दो पत्ती” चुनाव चिह्न से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर को ज़मानत दे दी. विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने याचिका स्वीकार करते हुए उसे 5-5 लाख रुपये के निजी मुचलके और ज़मानत बांड पर रिहा करने का निर्देश दिया.

हालांकि, समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, चंद्रशेखर के खिलाफ लंबित अन्य मामलों के सिलसिले में हिरासत में ही रहेगा. एक कड़े शब्दों वाले आदेश में अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता एक मौलिक संवैधानिक मूल्य है और इसे आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में भी अनुचित रूप से कम नहीं किया जा सकता.

न्यायाधीश ने की ये टिप्पणी

पीटीआई के अनुसार, न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि चूंकि स्वतंत्रता हमारे संविधान में सबसे पवित्र आदर्श है, इसलिए अदालत विशेष कानूनों या आर्थिक अपराधों के नाम पर राज्य के साथ मिलीभगत करते हुए अपने फैसलों से स्वतंत्रता का उपदेश नहीं दे सकती. मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के अपराधों की गंभीरता को स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा कि ऐसे कानूनों का इस्तेमाल किसी आरोपी को उसके ज़मानत के अधिकार से अनुचित रूप से वंचित करने के लिए नहीं किया जा सकता.



अदालत ने और क्या-क्या कहा?

इसके अलावा, न्यायाधीश ने कहा कि चंद्रशेखर के खिलाफ कई मामले होने से इस विशेष मामले में उसकी हिरासत जारी रखना अपने आप में उचित नहीं हो जाता, खासकर तब जब उसे इनमें से अधिकांश मामलों में पहले ही ज़मानत मिल चुकी है. उन्होंने आगे बताया कि मूल अपराध और PMLA मामले, दोनों में ही कार्यवाही वर्षों से प्रभावी रूप से रुकी हुई है, जिसके कारण बिना सुनवाई के ही लंबे समय तक हिरासत में रहना पड़ा है.

अदालत ने आगे कहा कि इस प्रकार, आरोपी ने न केवल सुनवाई के दौरान अत्यधिक हिरासत का सामना किया है, बल्कि उसे बिना सुनवाई के और भी लंबे समय तक हिरासत में रहना पड़ सकता है.

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Last Updated: 2026-04-07 17:45:48

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Sukesh Chandrashekhar Bail: दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को AIADMK के “दो पत्ती” चुनाव चिह्न से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर को ज़मानत दे दी. विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने याचिका स्वीकार करते हुए उसे 5-5 लाख रुपये के निजी मुचलके और ज़मानत बांड पर रिहा करने का निर्देश दिया.

हालांकि, समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, चंद्रशेखर के खिलाफ लंबित अन्य मामलों के सिलसिले में हिरासत में ही रहेगा. एक कड़े शब्दों वाले आदेश में अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता एक मौलिक संवैधानिक मूल्य है और इसे आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में भी अनुचित रूप से कम नहीं किया जा सकता.

न्यायाधीश ने की ये टिप्पणी

पीटीआई के अनुसार, न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि चूंकि स्वतंत्रता हमारे संविधान में सबसे पवित्र आदर्श है, इसलिए अदालत विशेष कानूनों या आर्थिक अपराधों के नाम पर राज्य के साथ मिलीभगत करते हुए अपने फैसलों से स्वतंत्रता का उपदेश नहीं दे सकती. मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के अपराधों की गंभीरता को स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा कि ऐसे कानूनों का इस्तेमाल किसी आरोपी को उसके ज़मानत के अधिकार से अनुचित रूप से वंचित करने के लिए नहीं किया जा सकता.



अदालत ने और क्या-क्या कहा?

इसके अलावा, न्यायाधीश ने कहा कि चंद्रशेखर के खिलाफ कई मामले होने से इस विशेष मामले में उसकी हिरासत जारी रखना अपने आप में उचित नहीं हो जाता, खासकर तब जब उसे इनमें से अधिकांश मामलों में पहले ही ज़मानत मिल चुकी है. उन्होंने आगे बताया कि मूल अपराध और PMLA मामले, दोनों में ही कार्यवाही वर्षों से प्रभावी रूप से रुकी हुई है, जिसके कारण बिना सुनवाई के ही लंबे समय तक हिरासत में रहना पड़ा है.

अदालत ने आगे कहा कि इस प्रकार, आरोपी ने न केवल सुनवाई के दौरान अत्यधिक हिरासत का सामना किया है, बल्कि उसे बिना सुनवाई के और भी लंबे समय तक हिरासत में रहना पड़ सकता है.

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