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‘नया टाइटल नहीं बताओगे तो फिल्म रिलीज ही नहीं होने देंगे!’, ‘घूसखोर पंडत’ पर सुप्रीम कोर्ट हुआ सख्त, नीरज पांडे पर भारी पड़ा विवाद!

घूसखोर पंडत के शीर्षक को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त तेवर दिखाए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 'घूसखोर पंडित' फिल्म का बदला हुआ टाइटल बताओ, वरना रिलीज की इजाजत नहीं मिलेगी. मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने फिल्म निर्माता नीरज पांडे को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है.

Written By: Shivangi Shukla
Last Updated: 2026-02-12 13:31:59

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Ghooskhor Pandat Controversy: घूसखोर पंडत के शीर्षक को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त तेवर दिखाए हैं. सर्वोच्च न्यायालय का कहना है कि ये शीर्षक समाज के एक समुदाय विशेष को अपमानित करता है. मनोज बाजपेयी की नेटफ्लिक्स पर आने वाली फिल्म घूसखोर पंडत, टीजर रिलीज होने के साथ ही बवाल की भेंट चढ़ गई. 
इसके शीर्षक में पंडत शब्द को लोग ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ मान रहे हैं, जिसकी वजह से विवाद बढ़ गया है. अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां सर्वोच्च न्यायालय ने भी फिल्म के शीर्षक पर आपत्ति जताई और उसे बदलने को कहा.

विवाद की शुरुआत

फिल्म का टीजर रिलीज होते ही ब्राह्मण समुदाय ने विरोध शुरू कर दिया और इसे जातिगत अपमान बताया. फिल्म का टीजर रिलीज होने के बाद इसके शीर्षक के खिलाफ FIR दर्ज हुई, जिसमें सामाजिक वैमनस्य फैलाने का आरोप लगाया गया. विरोध बढ़ने के बाद नेटफ्लिक्स ने प्रचार सामग्री हटा ली. दरअसल फिल्म के शीर्षक में ‘पंडत’ शब्द का इस्तेमाल हुआ है, जिसे ब्राह्मण समुदाय ने जातिगत अपमान माना. विवाद ने सेंसरशिप vs फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन की बहस छेड़ दी है. क्रिटिक्स कहते हैं, टाइटल स्टीरियोटाइप बढ़ावा देता है, जबकि सपोर्टर्स इसे ओवररिएक्शन मानते हैं.

सुप्रीम कोर्ट का रुख

फिल्म के शीर्षक पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है. सुप्रीम कोर्ट ने नीरज पांडे को फटकार लगाई कि ‘घूसखोर पंडित’ फिल्म का बदला हुआ टाइटल बताओ, वरना रिलीज की इजाजत नहीं मिलेगी. याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि ‘पंडित’ शब्द को घूसखोर से जोड़ना संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 25 का उल्लंघन है. फिल्म के निर्देशक नीरज पांडे ने सफाई दी कि यह फिल्म फिक्शन पर बनी है, जिसका उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन करना है. फिल्म किसी को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं रखती. 
मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने फिल्म निर्माता नीरज पांडे को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि नीरज पण्डे हलफनामा दाखिल करके स्पष्ट करें कि ये फिल्म किसी भी वर्ग को अपमानित नहीं करती है.

नीरज पांडे की सफाई

निर्माता नीरज पांडे ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि वो सभी प्लेटफॉर्म्स से प्रचार सामग्री हटा रहे हैं. उन्होंने कहा, “हमारा मकसद केवल एंटरटेनमेंट था, भावनाओं को ठेस पहुंची तो कदम उठा लिया.” मनोज बाजपेयी, नुसरत भरूचा और साकिब सलीम स्टारर ये थ्रिलर नेटफ्लिक्स पर रिलीज होनी है. पांडे की पिछली फिल्में जैसे ‘स्पेशल 26’ काफी हिट रहीं हैं 

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