Casting Couch Experience : फिल्मी दुनिया बाहर से जितनी चमकदार दिखती है, अंदर से उतनी ही परेशान करने वाली भी हो सकती है. बॉलीवुड एक्ट्रेस सुरवीन चावला ने हमेशा इस अंधेरे पक्ष पर खुलकर बात की है – फिर चाहे वो असली खूबसूरती के गलत मापदंड हों या कास्टिंग काउच जैसी गंदी हकीकत. हाल ही में एक पॉडकास्ट 'The Male Feminist' में सुरवीन ने एक चौंकाने वाली घटना शेयर की. उन्होंने बताया कि शादी के बाद एक बार वो मुंबई के वेरा देसाई रोड पर एक निर्देशक से मिलने गईं. बातचीत के दौरान निर्देशक ने उनकी शादीशुदा जिंदगी के बारे में भी पूछा. लेकिन जब मीटिंग खत्म हुई और वो बाहर जा रही थीं, तो वही निर्देशक उन्हें गले मिलते हुए जबरदस्ती किस करने की कोशिश करने लगा. सुरवीन ने तुरंत उसे पीछे धकेला और वहां से चली गईं. साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री का अनुभव एक और अनुभव में सुरवीन ने बताया कि एक राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता साउथ इंडियन निर्देशक ने के एक परिचित को ये मैसेज दिया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान वो सुरवीन के साथ संबंध बनाना चाहता है. ये सुनकर सुरवीन दंग रह गईं. सिर्फ कास्टिंग काउच ही नहीं, सुरवीन ने बॉडी शेमिंग को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि साउथ की फिल्मों में उन्हें वजन बढ़ाने के लिए कहा गया क्योंकि उन्हें ‘बहुत पतली’ कहा गया था. “मुझसे कहा गया कि तुम पतली हो, कुछ हिलेगा नहीं, कुछ बाउंस नहीं करेगा,” उन्होंने बताया. आज ये बातें थोड़ी नर्मी से कही जाती हैं, लेकिन तब लोगों के मुंह पर सीधी कही जाती थीं – और सुरवीन ने भी सीधा जवाब दिया. View this post on Instagram A post shared by Surveen Chawla (@surveenchawla) पहले भी कर चुकी हैं बात ये पहली बार नहीं है जब सुरवीन ने इस पर आवाज उठाई हो. इससे पहले भी एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि फिल्म इंडस्ट्री में लोगों को किसी कलाकार का वजन, कमर का आकार और शरीर के अन्य हिस्सों पर सवाल उठाना आम बात लगती है. सुरवीन चावला का करियर सुरवीन ने अपने करियर की शुरुआत टीवी शो 'कहीं तो होगा' (2003) से की थी. फिर उन्होंने 'हेट स्टोरी 2' (2014) से बॉलीवुड में कदम रखा. वो कन्नड़, तमिल, तेलुगु और पंजाबी फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं, जिनमें ‘धर्ती’ और ‘हीरो: नाम याद रखी’ शामिल हैं. सुरवीन चावला की बातें बताती हैं कि आज भी महिलाओं को फिल्म इंडस्ट्री में कितनी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. लेकिन उनकी हिम्मत और ईमानदारी दूसरों को सच बोलने की प्रेरणा देती है.