लोग वजन कम करने के लिए क्या-2 नहीं करते, लेकिन वजन घटाने का एक सही तरीका होता है. अगर हम उस तरीके को फॉलो नहीं करते तो, उसके काफी साइड इफेक्ट्स भी होते हैं. ये कहना है तमन्ना भाटिया के फिटनेस ट्रेनर सिद्धार्थ सिंह का.
सिद्धार्थ सिंह के अनुसार वजन कम करने के लिए लोग कार्ब लेना बिलकुल कम कर देते हैं. उनके अनुसार वजन कम करने के लिए सस्टेनेबल हैबिट्स पर फोकस करना चाहिये, जो बॉडी के लिए बेस्ट है.
लो-कार्ब डाइट के खतरे
सिद्धार्थ ने कहा, “लो-कार्ब डाइट से वजन तेजी से घटता है, लेकिन हार्मोन क्रैश हो जाते हैं और क्रेविंग्स मार डालती हैं.” अगर आप वर्कआउट करते हैं, तो कार्ब्स कट न करें. इसके बजाय कैलोरी डेफिसिट अपनाएं. कम मात्रा में कार्ब्स एंजॉय करें, प्रोटीन ज्यादा खाएं. यह तरीका लंबे समय तक काम करता है.
उनके अनुसार जरूरत से कम कैलोरी लें, लेकिन बैलेंस्ड डाइट रखें. इससे मेटाबॉलिज्म सही रहता है, एनर्जी लेवल ऊंचा रहता है. लो-कार्ब से मसल लॉस और थकान होती है. ट्रेनर का फोकस सस्टेनेबल वेट लॉस पर है.
डिटॉक्स टी एक स्कैम
सिद्धार्थ ने डिटॉक्स टी और क्लींजिंग प्रोडक्ट्स को स्कैम बताया. उन्होंने कहा, “कोई टी या सप्लीमेंट डिटॉक्स नहीं कर सकता.” बॉडी का नैचुरल डिटॉक्स सिस्टम फाइबर, प्रोटीन, डेली एक्टिविटी और अच्छी नींद से काम करता है. सप्लीमेंट इंडस्ट्री पर तंज कसते हुए उन्होंने बेसिक्स पर जोर दिया.
नींद की कमी को अनदेखा न करें
हेक्टिक लाइफ में नींद अक्सर पीछे छूट जाती है, लेकिन यह वेट लॉस जर्नी की सबसे बड़ी गलती है. सिद्धार्थ बोले, “खराब नींद क्रेविंग्स बढ़ाती है, रिकवरी धीमी करती है और फैट स्टोरेज बढ़ाती है.” 7-8 घंटे की अच्छी नींद फैट लॉस के लिए जरूरी है.
तमन्ना की फिटनेस फिलॉसफी
सिद्धार्थ सिंह बताते हैं कि तमन्ना भाटिया की ट्रेनिंग इसी सिद्धांत पर आधारित है. वे सस्टेनेबल चेंजेस पर विश्वास करती हैं, न कि क्विक फिक्स पर. उनका कहना ही कि इंटरनेट के ट्रेंड्स से बचें और अपनी बॉडी को समझें. यह एडवाइस हर उम्र के लिए उपयोगी है. सिद्धार्थ का मैसेज साफ है: बेसिक्स पर लौटें. प्रोटीन, फाइबर, स्टेप्स, स्लीप और कैलोरी कंट्रोल से बेहतर रिजल्ट्स मिलेंगे.