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Vadh 2 Movie Review: ‘हत्या और वध में फर्क होता है…’, संजय मिश्रा का डायलॉग जीत लेगा दिल, पहले से भी ज्यादा इंटेंस और सस्पेंस लेकर आई फिल्म!

वध 2 थिएटर्स में रिलीज हो चुकी है. संजय मिश्रा और नीना गुप्ता अभिनीत इस फिल्म के पहले पार्ट ने दर्शकों को बहुत प्रभावित किया था. लोग बहुत सारा ड्रामा, क्राइम और सस्पेंस की उम्मीद लगाकर बैठे हैं, लेकिन क्या ये फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरती है या उनकी आशाओं पर पानी फेरती है?

Written By: Shivangi Shukla
Last Updated: February 6, 2026 12:25:12 IST

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Vadh 2 Movie Review: 2022 में आई फिल्म वध की सीक्वल वध 2 आज थिएटर्स में रिलीज हो चुकी है. संजय मिश्रा और नीना गुप्ता की जोड़ी वाली यह क्राइम थ्रिलर पहली फिल्म से भी ज्यादा इमोशनल और ग्रिपिंग वाली है. कहानी सस्पेंस से भरी हुई है और अंत तक दर्शकों को बांधे रखती है. 
संजय मिश्रा और नीना गुप्ता अभिनीत इस फिल्म के पहले पार्ट ने दर्शकों को बहुत प्रभावित किया था. अब इस फिल्म के सीक्वल से दर्शकों को बहुत उम्मीदें हैं. लोग बहुत सारा ड्रामा, क्राइम और सस्पेंस की उम्मीद लगाकर बैठे हैं, लेकिन क्या ये फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरती है या उनकी आशाओं पर पानी फेरती है, आइये जानते हैं-

कहानी और प्लॉट

फिल्म एक रिटायरिंग जेल गार्ड शंभूनाथ मिश्रा (संजय मिश्रा) और डबल मर्डर की सजा काट रही कैदी मंजू सिंह (नीना गुप्ता) की अनोखी बॉन्डिंग पर केंद्रित है. जेल की दीवारों के पीछे बनी यह दोस्ती बाहर आते ही मोरल डिलेमा और एक हिंसक घटना में फंस जाती है. फिल्म के ट्रेलर से ही ये साफ हो गया था कि सच्चाई छिपी रहने पर उनके फैसले की भारी कीमत चुकानी पड़ती है. यह हाउडनिट स्टाइल थ्रिलर है, जो नैतिक संघर्ष, विश्वासघात और सस्पेंस से भरी है।  रिव्यूज में इसे ओरिजिनल से मजबूत कहा गया, क्योंकि यह इमोशंस को गहराई से छूती है. 
संजय मिश्रा और नीना गुप्ता शंभूनाथ और मंजू के रूप में अपनी भूमिकाओं को दोहराते हैं. शम्भूनाथ और मंजू की धीमी आंच में पक रही प्रेम कहानी और उनकी जिंदगी के संघर्ष भरी स्थिति नजरों को बांध देती है. दोनों के जीवन के संघर्ष अलग हैं लेकिन कहीं न कहीं दोनों भावनात्मक स्तर पर दोनों एक ही जैसी परिस्थितियों से गुजर रहे हैं. पुलिसकर्मी शम्भूनाथ अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए जेल से सब्जी चुराते हैं क्योंकि उसकी तनख्वाह उसके बेटे की विदेश में पढ़ाई के लिए लिए गए कर्ज को चुकाने के लिए पर्याप्त नहीं है, वहीं मंजू गलत आरोप की सजा पिछले 28 सालों से काट रही हैं. फिल्म के अंत में संजय मिश्रा का डायलॉग मन में अंदर गहराई तक बस जाता है कि हत्या और ‘वध’ में फर्क होता है. 
जेल के अंदर का त्रासदी भरा जीवन का एहसास कराते फिल्म आपको एक अलग ही दुनिया में लेकर जाती है. फिल्म में कलाकारों का अभिनय लाजवाब है. संजय मिश्रा और नीना गुप्ता के साथ-साथ फिल्म में अमित के सिंह, कुमुद मिश्रा, अक्षय डोगरा, शिल्पा शुक्ला और योगिता बिहानी द्वारा निभाए गए अन्य महत्वपूर्ण किरदारों को भी पेश किया गया है, जो फिल्म की जटिल और बहुआयामी कहानी में अपना योगदान देते हैं.

संजय मिश्रा का अभिनय कमाल का है. उनका किरदार इतना रियल लगता है कि दर्शक उनके दर्द में डूब जाते हैं. नीना गुप्ता ने भावुक और सशक्त रोल निभाया है, जो फिल्म की जान है. अन्य कलाकार जैसे कुमुद मिश्रा, अमित K सिंह, अक्षय डोगरा, शिल्पा शुक्ला और योगिता बिहानी भी सहायक भूमिकाओं में प्रभावी हैं.  निर्देशक जसपाल सिंह संधू ने पहली फिल्म की भावना को बरकरार रखते हुए इसे बड़ा बनाया है.

वध से कहीं ज्यादा इंटेंस 

2022 की वध एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर थी, जो आम आदमी के नैतिक टेस्ट पर थी. वहीं वध 2 एक साइकोलॉजिकल स्पिरिचुअल सीक्वल है. नई कहानी, नए चेहरे, लेकिन वही इंटेंस मूड. यह फिल्म पहले से ज्यादा इमोशनली रेजोनेंट और स्ट्रॉन्गर है, जो सीक्वल कैसे बनाएं इसका परफेक्ट उदाहरण है. इस  फिल्म को देखने के लिए पहले भाग को देखने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि इसकी स्टोरी बिल्कुल अलग और नई है.

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Last Updated: February 6, 2026 12:25:12 IST

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