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बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर विक्रम भट्ट को 30 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में आखिरकार सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. राजस्थान की उदयपुर सेंट्रल जेल में करीब 71 दिन बिताने के बाद विक्रम भट्ट बाहर आए है. जेल से बाहर निकलते ही उन्होंने मीडिया से बात की और अपना अनुभव साझा किया. उन्होंने कहा कि उन्हें देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और उन्हें यकीन है कि अंत में जीत सच्चाई की ही होगी.
जेल को बताया ‘पांचवा धाम’, खुद को कहा कृष्ण भक्त
जेल में बिताए अपने समय को लेकर विक्रम भट्ट ने काफी दार्शनिक (philosophical) अंदाज में बात की. उन्होंने कहा, मैं भगवान कृष्ण का भक्त हूं और मैं उसी जगह रहकर आया हूं जहां भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था (जेल)। यह मेरे लिए किसी पांचवें धाम की यात्रा जैसा था. उन्होंने आगे कहा कि वह जेल से पहले से दोगुना बेहतर और सकारात्मक होकर बाहर आ रहे है. विक्रम के मुताबिक, जेल के अंदर उनका एक दोस्त बना जिसने उन्हें मेवाड़ की मिट्टी की ताकत के बारे में बताया कि यहां सच परेशान हो सकता है, लेकिन हार नहीं सकता.
क्या है पूरा मामला?
विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को पिछले साल दिसंबर में मुंबई से राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उन पर 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है, जिसके बाद उन्हें उदयपुर जेल भेज दिया गया था. काफी लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अब उन्हें नियमित जमानत मिली है. जेल से बाहर आने के बाद विक्रम भट्ट ने मेवाड़ की मिट्टी का तिलक लगाया और कहा कि वह अब एक नई लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है.