12th फेल में आईपीएस मनोज का किरदार निभाने वाले कलाकार विक्रांत मैसी का खुद का जीवन भी संघर्षों से भरा हुआ है. हाल ही में एक्टर ने अपनी ने टीवी से फिल्मों तक का कठिन सफर साझा किया.
विक्रांत मैसी ने बताया कि उनका शुरूआती सफर आसान नहीं था. 16 साल की उम्र से विक्रांत ने काम करना शुरू कर दिया था. विक्रांत ने बताया कि 16-16 घंटे काम कर उन्होंने पढ़ाई का खर्च उठाया. उन्होंने अपना संघर्ष बताते हुए कहा कि कभी-कभी तो उन्होंने सिर्फ पारले-जी बिस्किट और पानी से भी गुजारा किया है.
शुरुआती संघर्ष की कहानी
मात्र 16 साल की उम्र में विक्रांत मैसी ने कैमरे का सामना पहली बार किया. परिवार की आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने पढ़ाई के लिए उन्होंने कई नौकरियां कीं. एक्टर ने बताया कि कैसे उनका पहला शो ब्रॉडकास्टर-प्रोड्यूसर विवाद की वजह से कभी नहीं दिखा. विक्रांत ने कहा कि उनके आठ महीने बेकार गए और आधा पैसा भी नहीं मिला.
रिपब्लिक वर्ल्ड से बात करते हुए अभिनेता ने बताया, “जब मैं 16 साल का था, तब मैंने पहली बार कैमरे का सामना किया. उससे पहले मैं एक बरिस्ता के रूप में काम करता था. मैंने वह काम इसलिए किया क्योंकि मुझे अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठाना था. मैं अपनी उस दुख भरी कहानी या संघर्ष के बारे में नहीं बताऊंगा. मैं श्यामक डावर के मंडली में और मुंबई के रेस्तरां में सहायक प्रशिक्षक के रूप में भी काम करता था. मैं सिर्फ 16 साल का था जब मैं हर दिन चार लोकल ट्रेनें बदलता था, 16 घंटे काम करता था और अक्सर सिर्फ पार्ले-जी और पानी पीकर ही गुजारा करता था. कोई भी अपनी मर्जी से ऐसा नहीं करता—खासकर कोई छोटा लड़का तो बिल्कुल नहीं. मैंने यह इसलिए किया क्योंकि मुझे करना पड़ा.”
टीवी से बॉलीवुड का सफर
2007 में विक्रांत ने ‘धूम मचाओ धूम’ से टीवी डेब्यू किया था, फिर ‘धरम वीर’ और ‘बालिका वधू’ में श्याम सिंह का किरदार निभाया. उन्होंने बताया कि एक समय उनके परिवार की हालत इतनी खराब थी कि 15 दिन तक घर में खाने की दिक्कत थी. विक्रांत ने बताया कि एक बार पब्लिक टॉयलेट के बाहर एक महिला से टकराव ने उन्हें पहला रोल दिलाया था, जिसमें उन्हें 800 रुपये मिले थे.
‘लव शव ते चिकन खुराना’ से उन्होंने फिल्मों में एंट्री की. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा. विक्रांत अब तक कई फिल्मों और वेब सीरीज में काम कर चुके हैं. विक्रांत को उनकी फिल्म ’12th फेल’ (2023) के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला है.