Bubbles on tea coffee: भारत में चाय पीने के शौकीनों की फेहरिस्त लंबी है. कुछ लोग तो ऐसे हैं, जिनके दिन की शुरुआत ही एक कप चाय की चुस्की से होती है. हां, ये जरूर है कि, कुछ लोग चाय पीना पसंद करते हैं तो कुछ कॉफी. इन ड्रिंक्स से उठने वाली खुशबू हर किसी को एनर्जी से भर देती है. कहते हैं कि, गरम-गरम चाय या कॉफी जब कोई पीता है तो उसका मूड फ्रेश हो जाता है. लेकिन, चाय-कॉफी से जुड़े लोगों के कुछ सवाल भी होते हैं. ऐसा ही एक बेहद कॉमन सवाल है कि आखिर चाय-कॉफी के ऊपर बुलबुले क्यों बनते हैं? आपने भी देखा ही होगा कि, जब ब्लैक कॉफी हो या ब्लैक टी, दोनों को गर्म करते हैं तो उनमें बुलबुले या झाग बन जाते हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ये झाग या बुलबुले क्यों बनते हैं? क्या है इन बुलबुलों के पीछे का साइंस? आइए जान लेते हैं चाय-कॉफी से उठने वाले झाग के बारे में-
चाय-कॉफी से उठते झाग के पीछे का साइंस
मनीकंट्रोल की एक खबर के मुताबिक, चाय या कॉफी से उठने वाले बुलबुले केमिस्ट्री और फिजिक्स का कमाल है. बता दें कि, चाय या कॉफी में बुलबुले आने का मुख्य कारण है, उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाला दूध. बता दें कि, दूध में रूप से 2 चीजें होती हैं, प्रोटीन (केसीन और व्हे प्रोटीन) और फैट. जब कोई दूध को तेजी से उबालता है या फेंटता है तो उसमें मौजूद प्रोटीन के अणु टूटने लगते हैं. ये टूटे हुए अणु हवा को पकड़ लेते हैं जिससे छोटे-छोटे बुलबुले बनने लगते हैं. इसके बाद दूध में मौजूद फैट इन बुलबुलों को मजबूती देने लगता है जिससे इन बुलबुलों को मिलाकर झाग बन जाता है जो काफी देर तक चाय या कॉफी के ऊपर तैरता रहता है.
झागदार कॉफी टेस्टी क्यों लगती है?
वैसे तो कॉफी टेस्टी होने के कई कारण हो सकते हैं. लेकिन, झागदार कॉफी का स्वाद अलग ही होता है. बता दें कि, जब आप झाग वाली कॉफी पीते हैं, तो बुलबुले आपकी जीभ पर फूटते हैं जिससे कॉफी का अरोमा यानी खुशबू सीधे आपकी नाक तक पहुंचती है. यही वजह है कि बिना झाग वाली कॉफी की तुलना में झाग वाली कॉफी ज्यादा स्वादिष्ट और खुशबूदार लगती है.
हवा का प्रेशर और फेंटने की तकनीक
कॉफी में जब झाग बनता है तो उस प्रक्रिया को ‘एरिएशन’ कहते हैं. जब आप कॉफी और चीनी को चम्मच से तेजी से फेंटते हैं तो आप असल में कॉफी के उस मिश्रण में हवा पैदा कर रहे होते हैं. ऐसे में कॉफी में मौजूद नेचुरल ऑयल और चीनी मिलकर एक चिपचिपा झिल्ली बनाते हैं जो हवा के बुलबुलों को पकड़ लेती है. और यही कारण है कि मशीन से बनी कॉफी में स्टीम प्रेशर की वजह से बहुत अधिक झाग नजर आता है जिसे ‘क्रेमा’ भी कहते हैं.
चाय में बुलबुलों का रहस्य
जब चाय वाला अपनी केतली से चाय को गिलास में काफी ऊंचाई से गिराता है तो चाय और हवा तेजी से टकराती है. इस प्रोसेस में हवा के बुलबुले चाय की सतह पर फंस जाते हैं. इसके बाद चाय में मौजूद पत्ती के अर्क और दूध के प्रोटीन मिलकर एक ऐसी लेयर बना देते हैं जो इस झाग को कुछ देर तक टिकाए रखते हैं और वो बुलबुले चाय की सतह पर आ जाते हैं.