India News Haryana (इंडिया न्यूज), Amla Health Benefits : आंवला बेशक छोटा-सा फल है, लेकिन गुणों के मामले में इसकी कोई तुलना नहीं है। लगभग हर घर में प्रयोग होने वाला यह फल कई मामलों में गुणकारी है। फिर चाहे आप इसे अचार के तौर पर खाएं या इसका जूस पिएं या फिर औषधी के तौर पर प्रयोग करें, हर लिहाज से यह फायदेमंद है। हालांकि कुछ लोग आंवला खाने के फायदे नहीं जानते, लेकिन इस कमी को हम आज पूरा कर देते हैं। आज इस लेख में हम आंवला के फायदे तो आपको बता ही रहे हैं,
आंवले के कई अन्य नाम भी है, अंग्रेजी में आंवला को एम्ब्लिका मायरोबेलन या इंडियन गूजबेरी (Indian gooseberry) कहते हैं, वहीं संस्कृत में इसे अमृता, अमृतफल, आमलकी व पंचरसा कहते हैं। इस छोटे से फल के जितने नाम है, उतने ही इसके फायदे भी हैं। आंवला के फायदे अनेक हैं, जिन्हें हम इस लेख में आगे विस्तार से भी बताएंगे।
सेहत के लिए आंवला के फायदे
गले में खराश के लिए आंवला- बदलते मौसम के साथ बीमारियां लगी रहती है, कभी बुखार तो कभी सर्दी-खांसी और गले में खराश। अगर आप भी गले में खराश से परेशान हैं, तो आंवला एक कारगर घरेलू उपाय साबित हो सकता है। आप आंवले के रस का काढ़ा बनाकर उसका सेवन कर सकते हैं। आंवले की तरह ही आंवला रस के फायदे भी होते हैं। आंवला में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं ,जो बुखार या गले की खराश में मददगार साबित हो सकते हैं।
दिल के लिए आंवला- आजकल की असंंतुलित जीवनशैली के कारण लोगोंं का वज़न बढ़ने लगा है, जिससे हाई कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियां हो रही हैं। ऐसे में अगर आंवला का सेवन करने से शरीर में हानिकारक कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियां होने का खतरा कम होता है। वहीं, यह अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। इसके सेवन से एथेरोस्क्लेरोसिस और कोरोनरी आर्टरी बीमारी (atherosclerosis and coronary artery disease) जैसी दिल की बीमारियों का खतरा भी कम होता है।
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डायबिटीज में आंवले का सेवन- एक वक़्त था जब डायबिटीज एक उम्र के बाद होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। आजकल के असंतुलित जीवनशैली के कारण डायबिटीज किसी को भी हो सकती है। ऐसे में ज़रूरी है कि आप वक़्त रहते इस पर ध्यान दें। अगर किसी को डायबिटीज है, तो वो आंवला का सेवन कर सकते हैं। आंवले में एंटी-डायबिटिक गुण हैं , जो डायबिटीज के खतरे को कम करते हैं। इसके अलावा, डायबिटीज के मरीज़ आंवले का सेवन करते हैं, तो उनका ब्लड ग्लूकोज़ लेवल कम हो सकता है । यह डायबिटीज के मरीज़ों में कोलेस्ट्रॉल लेवल भी कम कर सकता है ।
आंवला रोग प्रतिरोधक – कुछ लोगों की रोग प्रतिरोधक शक्ति कमज़ोर होती है, इसलिए बदलते मौसम के साथ ही उन्हें सर्दी-खांसी व बुखार हो जाता है। ऐसे में अगर आंवला का सेवन किया जाए, तो रोग प्रतिरोधक क्षमता में काफ़ी हद तक सुधार होता है । आंवला में मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और कई अन्य गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं। इसमें मौजूद विटामिन-सी शरीर को बीमारियों से लड़ने में मदद कर सकता है।