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जज भी कुत्तों के शिकार… कितना खतरनाक होता रेबीज? कुत्ता काटने पर सबसे पहले क्या करें? किन 4 गलतियों से बचें

Dog Bite Protection Tips: पिछले कुछ वर्षों से कुत्तों काटने के मामले बढ़े हैं. ये बच्‍चों से लेकर बड़ों तक पर हमले कर जाते हैं. यही नहीं, राजस्थान में पिछले 20 दिनों में दो जजों का आवारा जानवरों की वजह से एक्सीडेंट हुआ है. कुत्ता काटने के मामलों में ज्यादातर लोग कुछ कुछ गलतियां कर बैठते हैं, जिससे जोखिम बढ़ जाता है. यानी शरीर में रेबीज फैल जाता है. अब सवाल है कि आखिर रेबीज कितना खतरनाक होता है? अगर कुत्ता काट लें तो सबसे पहले क्या करें और किन गलतियों से बचें?

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: January 7, 2026 13:38:01 IST

Dog Bite Protection Tips: पिछले कुछ वर्षों से कुत्तों काटने के मामले बढ़े हैं. गाजियाबाद, नोएडा, लखनऊ से लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्‍ली तक की सड़कों पर आवारा कुत्तों की भरमार हैं. ये बच्‍चों से लेकर बड़ों तक पर हमले कर जाते हैं. यही नहीं, राजस्थान में पिछले 20 दिनों में दो जजों का आवारा जानवरों की वजह से एक्सीडेंट हुआ है. यह बात सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कही. कुछ केस ऐसे भी आए, जब लिफ्ट में पहले से बैठे कुत्ते ने बच्‍चे को काटा या फिर पालतू कुत्ते ने मालिक पर हमला कर घायल कर दिया. इस तरह के मामलों में ज्यादातर लोग कुछ कुछ गलतियां कर बैठते हैं, जिससे जोखिम बढ़ जाता है. डॉक्टर की मानें तो, अस्‍पतालों में कई ऐसे मरीज आते हैं जो कुत्ते के काटने वाली जगह पर खुद ट्रीटमेंट करके आए होते हैं. कोई घाव में हल्‍दी भर लाता है तो कोई लाल मिर्च पाउडर, कुछ लोग घाव पर मोटी पट्टी बांधकर आते हैं. ऐसा होने से कुत्ते की लार का वायरस कम होने के बजाय शरीर के अंदर टिश्‍यूज और ब्‍लड तक पहुंचने लगता है. अब सवाल है कि आखिर रेबीज कितना खतरनाक होता है? अगर कुत्ता काट लें तो सबसे पहले क्या करें? कुत्ता काटने के बाद किन गलतियों से बचें? आइए जानते हैं इस सवालों के बारे में- 

रेबीज कितना खतरनाक होता है

कुत्ता, बिल्ली या बंदर के काटने से होने वाली बीमारी रेबीज दुनिया की सबसे घातक बीमारी मानी गई है. अगर यह वायरस एक बार शरीर में फैल जाए तो इसका इलाज संभव नहीं है. यानी 100 फीसदी उसकी मृत्यु होनी तय है. रेबीज होने के बाद मरीज की हालत इतनी खराब हो जाती है कि उसे सामान्य मरीज की तरह रख पाना मुश्किल होता है. मरीज को आइसोलेटेड रखा जाता है. उसे हाइड्रोफोबिया हो जाता है, यानी पानी की प्यास भी लगती है लेकिन पानी को देखते ही उसे डर भी लगता है और वह पानी नहीं पी पाता. हालांकि, इस बीमारी की रोकथाम तो है लेकिन एक बार इसके लक्षण सामने आने के बाद इलाज संभव नहीं है.

भारत में हर साल रेबीज से इतनी मौतें

मरीज रेबिड कुत्ते की तरह मुंह से लार या झाग भी फेंकता है और कभी-कभी कुत्ते की तरह भौंकता भी है. उसे बुखार, गले में ऐंठन और बेचेनी बहुत ज्यादा होती है. यहां तक कि दौरे और लकवे की भी शिकायत हो जाती है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के आंकड़े बताते हैं कि भारत में हर साल रेबीज से लगभग 5726 लोगों की मौत होती है. जिनमें जवान और बच्चे दोनों शामिल हैं. हालांकि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के आंकड़े इससे कहीं ज्यादा हैं.

कुत्ता काटने पर किन गलतियों से बचें

डॉग बाइटिंग को लेकर ज्यादातर लापरवाही देखने को मिलती है. इसी का नतीजा है कि, हर साल कई लोग जान गवां बैठते हैं. नेशनल गाइडलाइंस के अनुसार, अगर किसी को कुत्ता काट लें तो ये 4 काम करने से बचना चाहिए. इन आसान उपायों को करने से काफी हद तक मौतों को रोका जा सकता है.

घाव के साथ क्या करें और क्या न करें

  • अगर कुत्ता काट ले या नाखून के खरोंच आए या घाव हो जाए तो उसे हाथों से न छूएं. घाव को पानी से धोते समय भी हाथ न लगाएं, बल्कि सीधी पानी की तेज धार से धोएं.
  • घाव पर कुछ इरिटेंट जैसे नमक, हल्‍दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, नीबू, खड़‍िया या मिट्टी बिल्‍कुल न डालें. घाव पर कोई पट्टी भी न बांधें, बल्कि उसे खुला ही छोड़ दें.
  • कुत्ता काटने पर कुछ सब्जियां जैसे आलू, टमाटर, धनिया आदि मरीज को न खिलाएं. तला भुना या मिर्च मसालेदार चीजें जैसे चिप्‍स, पापड़, अचार, बाहर के जंक फूड भी देने से बचें.
  • कुत्ते के पीड़‍ित को मीट या चिकन आदि नॉनवेज चीजें खाने के लिए न दें. बेहतर है कि, उसे साधारण दाल और रोटी ही दें.

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