Yoga and exercises for spine health: शरीर को सलामत रखने के लिए रीढ़ की हड्डी का मजबूत होना बेहद जरूरी है. क्योंकि, यही तो है जिसपर हमारा पूरा शरीर टिका है. यह शरीर को सहारा, संतुलन और गति प्रदान करती है. इसलिए अगर इसमें कोई दिक्कत हो जाए तो चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता है. फिटनेस एक्सपर्ट की मानें तो कैट-काउ, भुजंगासन, चाइल्ड पोज और स्पाइनल ट्विस्ट जैसी कुछ एक्सरसाइज आपकी स्पाइन की ताकत, लचीलापन और संतुलन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं. ये योगासन रीढ़ की हड्डी शरीर को सहारा देती है और नसों के जरिए पूरे शरीर को कंट्रोल करती है. रोज कुछ मिनट की सही एक्सरसाइज से कमर दर्द, अकड़न और थकान से छुटकारा पाया जा सकता है और शरीर लंबे समय तक फिट बना रहता है.
रीढ़ की हड्डी क्यों हो रही कमजोर
दिल्ली के योगा ट्रेनर शशांक मिश्रा बताते हैं कि, अधिकतर काम ऑनलाइन हो रहे हैं और लोग एक ही कुर्सी पर बैठकर पूरा दिन गुजार देते हैं. एक ही जगह घंटों बैठकर काम करना और गलत पोश्चर रीढ़ की हड्डी को धीरे-धीरे कमजोर बना देता है. इससे कमर दर्द, गर्दन अकड़ना, झुककर चलने की आदत और जल्दी थक जाने जैसी समस्याएं होने लगती हैं. हालांकि, राहत की बात यह है कि कुछ एक्सरसाइज का अभ्यास करके आप रीढ़ की हड्डी को मजबूत बना सकते हैं.
रीढ़ हड्डी मजबूत बनाने वाले 5 योगासन
कैट-काउ पोज: अगर आप स्पाइन को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो इसके लिए कैट-काउ पोज की प्रैक्टिस कर सकते हैं. यह रीढ़ की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाता है और कमर के तनाव को कम करता है. इसे आप घर पर आसानी से कर सकते हैं.
ब्रिज पोज: रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने वाली दूसरी एक्सरसाइज ब्रिज पोज है, जो लोअर बैक और हिप्स को मजबूत करता है. रोज 10 से 15 बार इसका अभ्यास करने से कमर दर्द में जल्दी राहत मिलती है. आप नियमित रूप से इसकी प्रैक्टिस करें, तो काफी फायदा मिलेगा.
भुजंगासन: एक्सपर्ट के मुताबिक, स्पाइन को स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए आप भुजंगासन यानी कोबरा पोज का अभ्यास कर सकते हैं. यह स्पाइनल मसल्स को स्ट्रेच कर मजबूती देता है.
प्लैंक: इसके लिए चौथी एक्सरसाइज प्लैंक है, जो रीढ़ के साथ-साथ कोर मसल्स को भी मजबूत बनाती है. मजबूत कोर का सीधा फायदा स्पाइन को मिलता है.
सुपरमैन पोज: रीढ़ की हड्डी के लिए एक फायदेमंद एक्सरसाइज सुपरमैन पोज है. पेट के बल लेटकर हाथ-पैर ऊपर उठाने से पूरी रीढ़ एक्टिव होती है और पीठ की मसल्स मजबूत होती हैं. यह एक्सरसाइज लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है.