Live
Search
Home > हेल्थ > थकान, कमजोरी या सीने में दर्द… इन 5 संकेतों को भूलकर भी न करें अनदेखा, वरना पड़ सकते लेने के देने

थकान, कमजोरी या सीने में दर्द… इन 5 संकेतों को भूलकर भी न करें अनदेखा, वरना पड़ सकते लेने के देने

Bad Cholesterol Alert: हमारे शरीर में 2 तरह का कोलेस्ट्रॉल होता है गुड और बैड कोलेस्ट्रॉल. कोलेस्ट्रॉल एक हेल्दी फैट है जो हमारे शरीर के लिए महत्वपूर्ण होता है. यह हमारे खून में पाया जाने वाला एक मोम जैसा पदार्थ होता है. अगर इन दोनों कोलेस्ट्रॉल का लेवल बिगड़ जाए, तो हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. अब सवाल है कि आखिर कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के संकेत क्या हैं? कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए क्या करें? आइए जानते हैं इस बारे में-

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: March 31, 2026 23:10:36 IST

Mobile Ads 1x1

Bad Cholesterol Alert: आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा रही है. ये बीमारियां इंसान को अंदर ही अंदर खोखला बना रही हैं. बैड कोलेस्ट्रॉल इनमें से एक है. देश में इससे पीड़ितों की फेहरिस्त लंबी है. बता दें कि, हमारे शरीर में 2 तरह का कोलेस्ट्रॉल होता है गुड और बैड कोलेस्ट्रॉल. कोलेस्ट्रॉल एक हेल्दी फैट है जो हमारे शरीर के लिए महत्वपूर्ण होता है. यह हमारे खून में पाया जाने वाला एक मोम जैसा पदार्थ होता है. अगर इन दोनों कोलेस्ट्रॉल का लेवल बिगड़ जाए, तो हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, इससे जुड़ी परेशानियां अचानक नहीं आती हैं. परेशानी बढ़ने से पहले शरीर से कुछ संकेत मिलते हैं. अगर समय पर इन संकेतों को पहचान कर इलाज कराया जाए परेशानी टल सकती है. अब सवाल है कि आखिर कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के संकेत क्या हैं? कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए क्या करें? आइए जानते हैं इस बारे में

बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) के लिए जंक फूड, तली-भुनी चीजें, कम शारीरिक गतिविधि और बढ़ता तनाव मुख्य कारण माने जाते हैं. सबसे खतरनाक बात ये है कि ये समस्या धीरे-धीरे शरीर में पनपती है और शुरुआती दौर में इसके लक्षण आसानी से समझ नहीं आते हैं. कई लोग तब तक अनजान रहते हैं, जब तक स्थिति गंभीर न हो जाए. यही वजह है कि इसे ‘साइलेंट खतरा’ कहा जाता है. अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो ये हृदय रोग, स्ट्रोक और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है, इसलिए समय पर सतर्क रहना बेहद जरूरी है.

शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के संकेत

हर वक्त थकान: अगर बिना ज्यादा मेहनत किए भी आपको लगातार थकान और कमजोरी महसूस होती है, तो ये सामान्य नहीं है. शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, जिससे शरीर जल्दी थक जाता है.

सीने में दर्द: छाती में हल्का दर्द, जकड़न या दबाव महसूस होना भी एक अहम संकेत हो सकता है. इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि ये दिल पर पड़ रहे असर का इशारा है.

सांस फूलना: थोड़ी सी दूरी चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर अगर सांस फूलने लगे, तो ये शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई में रुकावट का संकेत हो सकता है, जो बढ़ते कोलेस्ट्रॉल से जुड़ा होता है.

हाथ-पैरों में झुनझुनी: अक्सर हाथ-पैरों में सुन्नपन या झुनझुनी होना भी एक संकेत हो सकता है. ये ब्लड फ्लो के सही तरीके से न होने की वजह से होता है.

त्वचा पर मिलने वाले संकेत: आंखों के आसपास या कोहनी के पास पीले धब्बे या चर्बी जमना भी खराब कोलेस्ट्रॉल की ओर इशारा करता है. ये बाहरी संकेत अंदर की समस्या को दर्शाते हैं.

कैसे करें बचाव?

खराब कोलेस्ट्रॉल से बचना मुश्किल नहीं है, बस कुछ आदतों को बदलने की जरूरत है. तली-भुनी और प्रोसेस्ड चीजों से दूरी बनाएं और अपनी डाइट में फल-सब्जियों को शामिल करें. रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज या वॉक करें. साथ ही, वजन को कंट्रोल में रखना, धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना भी जरूरी है. समय-समय पर ब्लड टेस्ट करवाकर अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल की जांच करते रहना चाहिए, ताकि किसी भी खतरे को समय रहते टाला जा सके.

MORE NEWS

Home > हेल्थ > थकान, कमजोरी या सीने में दर्द… इन 5 संकेतों को भूलकर भी न करें अनदेखा, वरना पड़ सकते लेने के देने

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: March 31, 2026 23:10:36 IST

Mobile Ads 1x1

Bad Cholesterol Alert: आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा रही है. ये बीमारियां इंसान को अंदर ही अंदर खोखला बना रही हैं. बैड कोलेस्ट्रॉल इनमें से एक है. देश में इससे पीड़ितों की फेहरिस्त लंबी है. बता दें कि, हमारे शरीर में 2 तरह का कोलेस्ट्रॉल होता है गुड और बैड कोलेस्ट्रॉल. कोलेस्ट्रॉल एक हेल्दी फैट है जो हमारे शरीर के लिए महत्वपूर्ण होता है. यह हमारे खून में पाया जाने वाला एक मोम जैसा पदार्थ होता है. अगर इन दोनों कोलेस्ट्रॉल का लेवल बिगड़ जाए, तो हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, इससे जुड़ी परेशानियां अचानक नहीं आती हैं. परेशानी बढ़ने से पहले शरीर से कुछ संकेत मिलते हैं. अगर समय पर इन संकेतों को पहचान कर इलाज कराया जाए परेशानी टल सकती है. अब सवाल है कि आखिर कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के संकेत क्या हैं? कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए क्या करें? आइए जानते हैं इस बारे में

बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) के लिए जंक फूड, तली-भुनी चीजें, कम शारीरिक गतिविधि और बढ़ता तनाव मुख्य कारण माने जाते हैं. सबसे खतरनाक बात ये है कि ये समस्या धीरे-धीरे शरीर में पनपती है और शुरुआती दौर में इसके लक्षण आसानी से समझ नहीं आते हैं. कई लोग तब तक अनजान रहते हैं, जब तक स्थिति गंभीर न हो जाए. यही वजह है कि इसे ‘साइलेंट खतरा’ कहा जाता है. अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो ये हृदय रोग, स्ट्रोक और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है, इसलिए समय पर सतर्क रहना बेहद जरूरी है.

शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के संकेत

हर वक्त थकान: अगर बिना ज्यादा मेहनत किए भी आपको लगातार थकान और कमजोरी महसूस होती है, तो ये सामान्य नहीं है. शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, जिससे शरीर जल्दी थक जाता है.

सीने में दर्द: छाती में हल्का दर्द, जकड़न या दबाव महसूस होना भी एक अहम संकेत हो सकता है. इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि ये दिल पर पड़ रहे असर का इशारा है.

सांस फूलना: थोड़ी सी दूरी चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर अगर सांस फूलने लगे, तो ये शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई में रुकावट का संकेत हो सकता है, जो बढ़ते कोलेस्ट्रॉल से जुड़ा होता है.

हाथ-पैरों में झुनझुनी: अक्सर हाथ-पैरों में सुन्नपन या झुनझुनी होना भी एक संकेत हो सकता है. ये ब्लड फ्लो के सही तरीके से न होने की वजह से होता है.

त्वचा पर मिलने वाले संकेत: आंखों के आसपास या कोहनी के पास पीले धब्बे या चर्बी जमना भी खराब कोलेस्ट्रॉल की ओर इशारा करता है. ये बाहरी संकेत अंदर की समस्या को दर्शाते हैं.

कैसे करें बचाव?

खराब कोलेस्ट्रॉल से बचना मुश्किल नहीं है, बस कुछ आदतों को बदलने की जरूरत है. तली-भुनी और प्रोसेस्ड चीजों से दूरी बनाएं और अपनी डाइट में फल-सब्जियों को शामिल करें. रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज या वॉक करें. साथ ही, वजन को कंट्रोल में रखना, धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना भी जरूरी है. समय-समय पर ब्लड टेस्ट करवाकर अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल की जांच करते रहना चाहिए, ताकि किसी भी खतरे को समय रहते टाला जा सके.

MORE NEWS