Pilkhan Health Benefits: हमारे आसपास तमाम ऐसे पौधे होते हैं, जो सेहत के लिए संजीवनी साबित हो सकते हैं. इनके बारे सही जानकारी न होने से हम इनका लाभ नहीं ले पाते हैं. पिलखन (Ficus virens) इनमें से एक है. आम भाषा में इसे पाकड़ या पकड़िया भी कहते हैं. यह पेड़ ऑक्सीजन का अच्छा स्रोत होने के साथ-साथ औषधीय गुणों से भरपूर है. यह सड़कों के किनारे या पार्क में आसानी से मिल जाता है. आयुर्वेद में वर्षों से इसका इस्तेमाल औषधीय के रूप में किया जा रहा है. जहां इसकी छाल हड्डियों को मजबूत करती है और त्वचा रोगों में लाभकारी है. वहीं, इसके फल तथा पत्तियां भी कई स्वास्थ्य समस्याओं में फायदेमंद साबित हो सकती हैं. अब सवाल है कि आखिर पिलखन शरीर के लिए कैसे फायदेमंद? पिलखन के क्या फायदे हैं? इस बारे में India News को बता रहे हैं आयुर्वेदाचार्य राहुल चौधरी-
पिलखन शरीर के लिए कैसे फायदेमंद?
एक्सपर्ट की मानें तो, पिलखन (पाकड़) के फूल और पत्ते सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं, क्योंकि इनमें विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स होते हैं, जो बालों, त्वचा, पाचन और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में मदद करते हैं. हालांकि, निम्न रक्तचाप और गर्भावस्था में सावधानी बरतनी चाहिए.
पिलखन के क्या फायदे हैं?
ऑक्सीजन का अच्छा स्रोत: डॉक्टर कहते हैं कि, पिलखन का पेड़ ऑक्सीजन और हवा की शुद्धता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दिन-रात ऑक्सीजन देता है. हवा को ठंडा और शुद्ध रखता है और प्रदूषण कम करने में मदद करता है जिससे यह पर्यावरण के लिए एक ‘ऑक्सीजन पावरहाउस’ और ‘पर्यावरण योद्धा’ है. जो पक्षियों और वन्यजीवों को भी आश्रय देता है.
स्किन डिसीज में फायदेमंद: पिलखन का पेड़, जिसे आयुर्वेद में त्वचा रोगों, खासकर संक्रमण और सूजन के इलाज के लिए जाना जाता है. इसकी छाल और पत्तों से लेप बनाकर या पेस्ट के रूप में लगाया जाता है जो खुजली और घावों में राहत देता है. हालांकि, किसी भी पेड़ का उपयोग करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह ज़रूरी है, क्योंकि कुछ लोगों को इससे एलर्जी भी हो सकती है और पिलखन का रस संवेदनशील त्वचा पर जलन पैदा कर सकता है.
पाचन ठीक रखे: पिलखन का पेड़ पाचन और हृदय के लिए फायदेमंद है. इसके फूलों से बना जैम अपच और हृदय रोगों में मदद करता है.और इसकी छाल व पत्तियां आयुर्वेद में पाचन सुधारने, घावों भरने और हड्डियों को मजबूत करने में उपयोग होती हैं. जो समग्र स्वास्थ्य में सुधार लाते हैं और इसे ऑक्सीजन का पावरहाउस भी कहते हैं।
हड्डियों के लिए फायदेमंद: पिलखन पारंपरिक रूप से हड्डियों की मजबूती और फ्रैक्चर ठीक करने के लिए जाना जाता है. इसकी पत्तियों या पाउडर का उपयोग हड्डियों को जोड़ने और मजबूती देने के लिए किया जाता है. हालांकि पसीने से सीधे संबंध के लिए विशिष्ट आयुर्वेदिक प्रयोगों की पुष्टि आवश्यक है.लेकिन इसके अन्य औषधीय गुण भी हैं.
सूजन घटाए: पिलखन की छाल हड्डियों को मजबूत करती है. सूजन कम करती है और त्वचा व पाचन संबंधी समस्याओं में मदद करती है. यह ऑक्सीजन का पावरहाउस है और इसके फल व अन्य हिस्से भी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. जो पारंपरिक उपचारों में उपयोग किए जाते हैं.
श्वसन रोग में फायदेमंद: आयुर्वेद में श्वसन संबंधी रोगों (जैसे अस्थमा, खांसी, जुकाम) के लिए लाभकारी माना जाता है. जिसके पत्ते, छाल और फल का उपयोग काढ़ा या चूर्ण के रूप में किया जाता है. हालांकि, कुछ लोग इसके पराग कणों से अस्थमा बढ़ने की शिकायत भी करते हैं. इसलिए, इसका उपयोग चिकित्सक की सलाह से ही करना चाहिए, क्योंकि यह प्रकृति में शीतल होता है और कफ कम करता है.