Indian Rat Snake: मुंबई के विले पार्ले ईस्ट इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एयर इंडिया गेट नंबर 3 के पास एक एसी यूनिट पर इंडियन रैट स्नेक दिखाई दिया. इस सांप की लंबाई करीब 7 फीट थी और छत के पास संकरी जगह पर कुंडल मारकर लेटा था. सर्प विशेषज्ञ बताते हैं कि, इस मौसम में इंडियन रैट स्नेक दिखाई देना सामान्य बात है. क्योंकि, सर्दियों का मौसम लगभग खत्म हो चुका है. जैसे-जैसे गर्मी होगी सांप भी चार महीने की शीत निद्रा के बाद वापसी करने लगेंगे. मार्च-अप्रैल में कई जहरीले सांपों के अलावा कुछ सांप ऐसे भी पाए जाते हैं, जो जहरीले न होते हुए भी उनके काटने से मौत हो सकती है. इंडियन रैट स्नेक ऐसे ही बिना जहर वाले सांपों में से एक है. बेशक यह सांप जहरीला न हो, लेकिन सावधान रहना जरूरी है.
मार्च-अप्रैल में दिखने लगते हैं सांप
गर्मी के मौसम में ज्यादातर कोबरा और रसैल वाइपर प्रजाति के सांप देखे जाते हैं. ये दोनों सांप भारत के सबसे जहरीले सांपों की श्रेणी में टॉप-4 में हैं. इन सांपों के अलावा मार्च-अप्रैल में कुछ बिना जहर वाले सांप भी लोगों के संपर्क में आते हैं. इनमें सबसे ज्यादा इंडियन रैट स्नेक है. विकिपिडिया के मुताबिक, इस सांप को चूहा सांप या घोड़ा पछाड़ भी कहा जाता है. ये सांप ज्यादातर इंसानी बस्तियों में पाएं जाते हैं.
घोड़ा पछाड़ की सही पहचानइंडियन रैट स्नेक
घोड़ा पछाड़ को धामन सांप या इंडियन रैट स्नेक भी कहा जाता है. यह सांप काफी फुर्तीला होता है. तकरीबन 5 से 10 फीट का होता है. आमतौर पर यह सांप किसी पर हमला नहीं करता, लेकिन खतरा महसूस होने पर आक्रामक हो जाता है. मुंह की जगह पूछ से हमला करता है. जानकारों की मानें तो इस सांप को पहचाना बहुत आसान है. घोड़ा पछाड़ का मुंह और पूंछ वाला हिस्सा पतला होता है, जबकि बीच का हिस्सा मोटा होता है.
इंडियन रैट स्नेक काट ले तो क्या होगा?
जानकारों की मानें तो, गर्मी के मौसम में यह सांप चूहों की तलाश में खेतों या घरों के आसपास या कभी-कभी घर के अंदर तक घुस जाता है. हालांकि, इस सांप में जहर नहीं होता है. इसलिए, इसके काटने पर व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है. लेकिन, कई बार व्यक्ति घबरा जाता है या डर जाता है. यह सोचकर कि उसे सांप ने काट लिया और इसी डर की वजह से उसकी मौत हो जाती है.