Rabies Vaccine Myths and Facts: रेबीज कितना खतरनाक वायरस है? आज शायद किसी को बताने की जरूरत न हो. फिर बता दूं कि, ऐसे ज्यादातर केस मौत का कारण बनते हैं. डॉक्टर कहते हैं कि, रेबीज संक्रमित कुत्तों या जानवरों की लार में मौजूद होता है. ऐसे में अगर कोई जानवर किसी इंसान को काट ले या नाखून मार दे तो रेबीज का वायरस फैल सकता है. यही वजह है कि लोगों में इसका डर साफ देखा जा सकता है. ऐसा ही डर गाजियाबाद के एक युवक में देखने को मिला. जब वह बहन के काटने पर जिला अस्पताल में डॉक्टर से रैबीज वैक्सीन की मांग करने लगा. जानिए, फिर डॉक्टर ने क्या कहा? रेबीज वायरस क्या है? रेबीज वायरस किन कारणों से फैल सकता है? आइए जानते हैं इस बारे में-
गाजियाबाद में रेबीज वैक्सीन मांगने का दिलचस्प मामला
बता दें कि, गाजियाबाद के जिला एमएमजी अस्पताल में एक दिलचस्प मामला सामने आया, जब एक 35 वर्षीय युवक ओपीडी पंजीकरण कराने के बाद डॉक्टर से एंटी रेबीज वैक्सीन की मांग करने आया. युवक ने बताया कि उसकी बहन ने उसे बायीं बाजू पर काट लिया था. हालांकि, चिकित्सकों के अनुसार इंसान के काटने से रेबीज फैलने का कोई खतरा नहीं होता है. इसलिए उसे एंटी रेबीज वैक्सीन लगाने से मना कर दिया गया. डॉक्टर ने युवक को समझाया कि इंसान के काटने से रैबीज फैलने का खतरा नहीं होता है. इस तरह की स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है. नॉर्मल ट्रीटमेंट से ही ये ठीक हो जाता है. हालांकि, एहतियात के तौर पर डॉक्टर ने युवक को टिटनेस का इंजेक्शन लगवाने की सलाह दी.
रेबीज वायरस क्या है?
इस बारे में डॉक्टर बताते हैं कि, रेबीज एक ऐसी घातक वायरस है, जो संक्रमित कुत्तों या जानवरों की लार में मौजूद होता है. इसलिए इन जानवरों के काटने से रेबीज का वायरस फैल सकता है. अगर किसी व्यक्ति में एक बार रेबीज के लक्षण दिखने लगते हैं तो ज्यादातर मामलों में ये मौत का कारण बन सकता है. इसलिए जरूरी है कि, अगर कोई भी जानवर काटे या नाखून को खरोंच लगें तो फौरन टीका लगवाएं.
किन कारणों से भी फैल सकता रेबीज
रेबीज किन-किन कारणों से फैल सकता है? राजकीय मेडिकल कॉलेज के (कम्युनिटी मेडिसिन एवं नोडल रैबीज वैक्सीनेशन) डॉ. अवधेश कुमार वर्मा कहते हैं कि, रेबीज किसी संक्रमित जानवर के काटने या खरोंच के कारण फैलता है. यही नहीं, मनुष्य को रेबीज तब भी हो सकता है जब किसी संक्रमित जानवर की लार सीधे किसी व्यक्ति की त्वचा के संपर्क में आ जाए. इसके अलावा, कुत्तों के काटने के अलावा बिल्ली, बीवर, गाय, बकरी, चमगादड़, रैकून, लोमड़ी, बंदर और कोयोट में भी रेबीज पाया जाता है. हालांकि, ज्यादातर मामलों में संक्रमित कुत्तों के काटने या खरोंच से रेबीज होता है.