क्या है एक्सपर्ट का कहना?
स्टडीज कहती हैं कि छह में से एक भारतीय आर्थराइटिस से जुड़े दर्द से परेशान है और लगभग दो-तिहाई मामले महिलाओं के हैं, जो देश पर बढ़ते बोझ को दिखाता है. लंबे समय से चली आ रही न्यूट्रिशन की कमी एक बड़ी वजह बन रही है. जरूरी कैल्शियम, विटामिन D, हाई-क्वालिटी प्रोटीन और ज़रूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी वाली डाइट धीरे-धीरे हड्डियों और कार्टिलेज को कमज़ोर कर देती है.
भारतीय खाना हड्डियों की समस्याएं कैसे पैदा करता है?
लाइफस्टाइल के कारण जो इसे और खराब करते हैं?
-बेसलाइन हड्डियों की डेंसिटी कम होना
-समय के साथ हार्मोनल बदलाव
30 के बाद खास ध्यान रखने की जरूरत
आप अपनी हड्डियों की हेल्थ को कैसे बचा सकते हैं?
डॉ. मेहरा के अनुसार, जल्दी स्क्रीनिंग और लाइफस्टाइल में बदलाव से लंबे समय तक होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है. कुछ आसान स्टेप्स में शामिल हैं:
- विटामिन D और कैल्शियम लेवल की टेस्टिंग
- प्रोटीन का सेवन बढ़ाना
- पर्याप्त धूप मिलना पक्का करना
- रेगुलर वज़न उठाने वाली एक्सरसाइज करना