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क्या शराब पीने के हैं फायदे, एक्सपर्ट्स से जानें इसका सेहत पर कैसा पड़ रहा असर?

शराब पर रिसर्च हो रही है लेकिन सेंटर्स फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन का कहना है कि कम पीना या बिल्कुल न पीना आपकी सेहत के लिए बेहतर है. अमेरिकियों में शराब पीने की दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर है.

Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: March 6, 2026 14:29:49 IST

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हेल्थ. शराब पर रिसर्च हो रही है लेकिन सेंटर्स फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन का कहना है कि कम पीना या बिल्कुल न पीना आपकी सेहत के लिए बेहतर है. अमेरिकियों में शराब पीने की दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर है. ड्राई जनवरी जैसे प्रोग्राम की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए यह साफ़ लगता है कि लोग शराब छोड़ने के फ़ायदों के बारे में जानना चाहते हैं. न्यूयॉर्क शहर में अल्बर्ट आइंस्टीन कॉलेज ऑफ़ मेडिसिन में प्राइमरी केयर और पब्लिक हेल्थ फ़िज़िशियन और क्लिनिकल असिस्टेंट प्रोफ़ेसर, विलियम बी. जॉर्डन, MD, MPH कहते हैं कि किसी भी मात्रा में शराब पीने में रिस्क होता है और जैसे-जैसे लोग ज़्यादा पीते हैं, रिस्क बढ़ता जाता है. 

डॉक्टर कहते हैं कि शराब कम करना सेहत के लिए एक अच्छा कदम है.लेकिन क्या शराब पीने में थोड़ी सी कमी भी शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक सेहत में सुधार ला सकती है? शराब कम पीने के फ़ायदों और बदलाव लाने के टिप्स के बारे में एक्सपर्ट्स का क्या कहना है, यहां बताया गया है.

1. बेहतर नींद और एनर्जी

हालांकि बहुत से लोग जानते हैं कि शराब पीने से नींद आ सकती है लेकिन शराब असल में नींद के साइकिल को बिगाड़ती है, जिससे आपकी नींद हल्की और कम आरामदायक हो सकती है. जैक्सन, मिसिसिपी में मिसिसिपी साइकियाट्री एंड वेलनेस में क्लिनिकल साइकेट्रिस्ट, अवनी के. पटेल, MD कहती हैं कि स्टडीज़ से पता चलता है कि ज़्यादा शराब पीना कम करने से नींद की क्वालिटी बेहतर होती है, जिससे दिन में एनर्जी लेवल और पूरी तरह से काम करने का तरीका बेहतर हो सकता है. एक स्टडी में लोगों ने सिर्फ़ एक महीने तक शराब छोड़ने के बाद नींद में सुधार देखा.

2. कैंसर का खतरा कम हो सकता है

रिसर्च से पता चलता है कि शराब जो सूजन और सेल्यूलर डैमेज में योगदान देती है लिवर, कोलन, पैंक्रियाटिक, ब्रेस्ट, एसोफैजियल और ओरल कैंसर का खतरा बढ़ा सकती है. हल्की शराब पीने से भी इस खतरे पर असर पड़ सकता है. लेकिन अच्छी खबर यह है कि कम शराब पीने से समय के साथ शराब से जुड़े कुछ कैंसर का खतरा कम होता दिखता है. एक रिसर्च रिव्यू से पता चलता है कि लगातार शराब पीने की तुलना में शराब का सेवन कम करने या पूरी तरह से बंद करने से ओरल कैविटी और एसोफैजियल कैंसर के मामले कम होते हैं. लेकिन इन कैंसर रोकथाम के फायदों को पाने के लिए आपको अपनी खपत को कितने समय तक और कितना कम करना होगा, इस पर और सबूतों की ज़रूरत है. 

3. हेल्थ पर असर

शराब पीने से स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन), ​​दिल की बीमारी, हार्ट अटैक और अनियमित दिल की धड़कन (एरिथमिया) जैसी दिल की समस्याएं होने की संभावना बढ़ सकती है. ऐसा इसलिए है क्योंकि शराब पीने से दिल की मांसपेशियों को नुकसान हो सकता है. ब्लड प्रेशर का लेवल बढ़ सकता है, आर्टरीज़ में प्लाक जम सकता है और समय के साथ दिल के इलेक्ट्रिकल इम्पल्स पर असर पड़ सकता है. इससे कार्डियोवैस्कुलर बीमारी और दिल से जुड़ी दूसरी समस्याएं हो सकती हैं. एक्सपर्ट्स इस बात पर जोर देते हैं कि शराब कम करने से दिल की सेहत बेहतर हो सकती है, भले ही पिछली गाइडलाइंस कुछ और ही कहती थीं. कुछ पुरानी रिसर्च में ‘हल्की’ शराब पीने से दिल की सेहत को फ़ायदा होने का सुझाव दिया गया था, लेकिन अब हम मानते हैं कि उन नतीजों की वजह शायद कन्फ्यूज़न थी. 

4. लिवर डैमेज को ठीक कर सकता है

शराब फैट जमा होने, सूजन, सेल डैमेज और फाइब्रोसिस (निशान) के ज़रिए लिवर को नुकसान पहुंचाती है. शराब कम करने से ये नुकसानदायक प्रोसेस रुक जाते हैं और लिवर सेल्स को रिपेयर होने में मदद मिलती है. कुछ स्टडीज़ से पता चलता है कि सिर्फ़ एक महीने तक शराब न पीने से लिवर का काम बेहतर हो सकता है और हेल्दी एडल्ट ड्रिंकर्स में लिवर फैट भी कम हो सकता है. यह उन लोगों के लिए भी फ़ायदेमंद है जिनका लिवर पहले से डैमेज है. डॉ. सेइजा कहते हैं कि फैटी लिवर की बीमारी वाले या लिवर टेस्ट बढ़े हुए होने पर अक्सर शराब कम करने पर सुधार दिखता है. 

5. स्किन में निखार और पाचन

सेइजा कहते हैं कि शराब पीने से डलनेस, सूखापन, सूजन और ज़्यादा दिखने वाली फाइन लाइन्स आम हैं. इसलिए शराब न पीने से स्किन का रंग-रूप ठीक करने में मदद मिल सकती है. वे कहते हैं कि कई मरीज़ों को चेहरे पर लाली और सूजन कम महसूस होती है, हाइड्रेशन बेहतर होता है और जलन भी कम होती है. शराब सीधे पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है और इसके प्राकृतिक बैक्टीरियल माहौल (गट माइक्रोबायोम) को खराब कर सकती है.

6. वजन मैनेजमेंट और मेंटल हेल्थ रिस्क

डॉ. जॉर्डन बताते हैं कि शराब में बहुत ज़्यादा कैलोरी होती है. अगर यह मीठे मिक्स ड्रिंक में हो तो और भी ज्यादा परेशानी हो सकती है. इसलिए यह सच में वजन बढ़ा सकती है. शराब कम पीने से मेंटल हेल्थ कंडीशन का रिस्क कम हो सकता है और डिप्रेशन और एंग्जायटी के लक्षण कम हो सकते हैं. 

शराब से दूरी बनाना चाहते हैं तो खास लक्ष्य तय करें. पटेल कहते हैं कि सही लक्ष्य ये हैं कि शराब कुछ खास हफ़्ते के दिनों तक ही सीमित रखें या हर मौके पर ड्रिंक्स की संख्या कम करें. पटेल सुझाव देते हैं कि आप अपनी शराब पीने की आदत पर नज़र रखें, जिससे आपको यह पता चल सके कि आप असल में कितनी शराब पी रहे हैं. ऐसी मज़ेदार हॉबीज़ या एक्टिविटीज़ में ज़्यादा शामिल होने का प्लान बनाएं जो शराब से जुड़ी न हों. ट्रिगर टाइम की जगह वॉक, चाय, शॉवर, वर्कआउट या मॉकटेल लेकर रूटीन बदलें. मोटिवेशनल टेक्नीक्स का इस्तेमाल करें. शराब छुड़ाने के लिए किसी हेल्थकेयर प्रोफेशनल से बात करें.

नोट – यह लेख कई स्त्रोतों से लिया गया है. यह सिर्फ सूचना के लिए है. यह कोई मेडिकली सलाह नहीं है. पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह इस लेख को पढ़कर ही कोई राय न बनाएं बल्कि एक्सपर्ट्स की सलाह लें. इंडिया न्यूज डॉट इन तथ्यों की पुष्टि नहीं करता है. किसी तरह की परेशानी में इंडिया न्यूज जिम्मेदार नहीं होगा. 

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Written By: Pushpendra Trivedi
Last Updated: March 6, 2026 14:29:49 IST

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हेल्थ. शराब पर रिसर्च हो रही है लेकिन सेंटर्स फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन का कहना है कि कम पीना या बिल्कुल न पीना आपकी सेहत के लिए बेहतर है. अमेरिकियों में शराब पीने की दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर है. ड्राई जनवरी जैसे प्रोग्राम की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए यह साफ़ लगता है कि लोग शराब छोड़ने के फ़ायदों के बारे में जानना चाहते हैं. न्यूयॉर्क शहर में अल्बर्ट आइंस्टीन कॉलेज ऑफ़ मेडिसिन में प्राइमरी केयर और पब्लिक हेल्थ फ़िज़िशियन और क्लिनिकल असिस्टेंट प्रोफ़ेसर, विलियम बी. जॉर्डन, MD, MPH कहते हैं कि किसी भी मात्रा में शराब पीने में रिस्क होता है और जैसे-जैसे लोग ज़्यादा पीते हैं, रिस्क बढ़ता जाता है. 

डॉक्टर कहते हैं कि शराब कम करना सेहत के लिए एक अच्छा कदम है.लेकिन क्या शराब पीने में थोड़ी सी कमी भी शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक सेहत में सुधार ला सकती है? शराब कम पीने के फ़ायदों और बदलाव लाने के टिप्स के बारे में एक्सपर्ट्स का क्या कहना है, यहां बताया गया है.

1. बेहतर नींद और एनर्जी

हालांकि बहुत से लोग जानते हैं कि शराब पीने से नींद आ सकती है लेकिन शराब असल में नींद के साइकिल को बिगाड़ती है, जिससे आपकी नींद हल्की और कम आरामदायक हो सकती है. जैक्सन, मिसिसिपी में मिसिसिपी साइकियाट्री एंड वेलनेस में क्लिनिकल साइकेट्रिस्ट, अवनी के. पटेल, MD कहती हैं कि स्टडीज़ से पता चलता है कि ज़्यादा शराब पीना कम करने से नींद की क्वालिटी बेहतर होती है, जिससे दिन में एनर्जी लेवल और पूरी तरह से काम करने का तरीका बेहतर हो सकता है. एक स्टडी में लोगों ने सिर्फ़ एक महीने तक शराब छोड़ने के बाद नींद में सुधार देखा.

2. कैंसर का खतरा कम हो सकता है

रिसर्च से पता चलता है कि शराब जो सूजन और सेल्यूलर डैमेज में योगदान देती है लिवर, कोलन, पैंक्रियाटिक, ब्रेस्ट, एसोफैजियल और ओरल कैंसर का खतरा बढ़ा सकती है. हल्की शराब पीने से भी इस खतरे पर असर पड़ सकता है. लेकिन अच्छी खबर यह है कि कम शराब पीने से समय के साथ शराब से जुड़े कुछ कैंसर का खतरा कम होता दिखता है. एक रिसर्च रिव्यू से पता चलता है कि लगातार शराब पीने की तुलना में शराब का सेवन कम करने या पूरी तरह से बंद करने से ओरल कैविटी और एसोफैजियल कैंसर के मामले कम होते हैं. लेकिन इन कैंसर रोकथाम के फायदों को पाने के लिए आपको अपनी खपत को कितने समय तक और कितना कम करना होगा, इस पर और सबूतों की ज़रूरत है. 

3. हेल्थ पर असर

शराब पीने से स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन), ​​दिल की बीमारी, हार्ट अटैक और अनियमित दिल की धड़कन (एरिथमिया) जैसी दिल की समस्याएं होने की संभावना बढ़ सकती है. ऐसा इसलिए है क्योंकि शराब पीने से दिल की मांसपेशियों को नुकसान हो सकता है. ब्लड प्रेशर का लेवल बढ़ सकता है, आर्टरीज़ में प्लाक जम सकता है और समय के साथ दिल के इलेक्ट्रिकल इम्पल्स पर असर पड़ सकता है. इससे कार्डियोवैस्कुलर बीमारी और दिल से जुड़ी दूसरी समस्याएं हो सकती हैं. एक्सपर्ट्स इस बात पर जोर देते हैं कि शराब कम करने से दिल की सेहत बेहतर हो सकती है, भले ही पिछली गाइडलाइंस कुछ और ही कहती थीं. कुछ पुरानी रिसर्च में ‘हल्की’ शराब पीने से दिल की सेहत को फ़ायदा होने का सुझाव दिया गया था, लेकिन अब हम मानते हैं कि उन नतीजों की वजह शायद कन्फ्यूज़न थी. 

4. लिवर डैमेज को ठीक कर सकता है

शराब फैट जमा होने, सूजन, सेल डैमेज और फाइब्रोसिस (निशान) के ज़रिए लिवर को नुकसान पहुंचाती है. शराब कम करने से ये नुकसानदायक प्रोसेस रुक जाते हैं और लिवर सेल्स को रिपेयर होने में मदद मिलती है. कुछ स्टडीज़ से पता चलता है कि सिर्फ़ एक महीने तक शराब न पीने से लिवर का काम बेहतर हो सकता है और हेल्दी एडल्ट ड्रिंकर्स में लिवर फैट भी कम हो सकता है. यह उन लोगों के लिए भी फ़ायदेमंद है जिनका लिवर पहले से डैमेज है. डॉ. सेइजा कहते हैं कि फैटी लिवर की बीमारी वाले या लिवर टेस्ट बढ़े हुए होने पर अक्सर शराब कम करने पर सुधार दिखता है. 

5. स्किन में निखार और पाचन

सेइजा कहते हैं कि शराब पीने से डलनेस, सूखापन, सूजन और ज़्यादा दिखने वाली फाइन लाइन्स आम हैं. इसलिए शराब न पीने से स्किन का रंग-रूप ठीक करने में मदद मिल सकती है. वे कहते हैं कि कई मरीज़ों को चेहरे पर लाली और सूजन कम महसूस होती है, हाइड्रेशन बेहतर होता है और जलन भी कम होती है. शराब सीधे पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है और इसके प्राकृतिक बैक्टीरियल माहौल (गट माइक्रोबायोम) को खराब कर सकती है.

6. वजन मैनेजमेंट और मेंटल हेल्थ रिस्क

डॉ. जॉर्डन बताते हैं कि शराब में बहुत ज़्यादा कैलोरी होती है. अगर यह मीठे मिक्स ड्रिंक में हो तो और भी ज्यादा परेशानी हो सकती है. इसलिए यह सच में वजन बढ़ा सकती है. शराब कम पीने से मेंटल हेल्थ कंडीशन का रिस्क कम हो सकता है और डिप्रेशन और एंग्जायटी के लक्षण कम हो सकते हैं. 

शराब से दूरी बनाना चाहते हैं तो खास लक्ष्य तय करें. पटेल कहते हैं कि सही लक्ष्य ये हैं कि शराब कुछ खास हफ़्ते के दिनों तक ही सीमित रखें या हर मौके पर ड्रिंक्स की संख्या कम करें. पटेल सुझाव देते हैं कि आप अपनी शराब पीने की आदत पर नज़र रखें, जिससे आपको यह पता चल सके कि आप असल में कितनी शराब पी रहे हैं. ऐसी मज़ेदार हॉबीज़ या एक्टिविटीज़ में ज़्यादा शामिल होने का प्लान बनाएं जो शराब से जुड़ी न हों. ट्रिगर टाइम की जगह वॉक, चाय, शॉवर, वर्कआउट या मॉकटेल लेकर रूटीन बदलें. मोटिवेशनल टेक्नीक्स का इस्तेमाल करें. शराब छुड़ाने के लिए किसी हेल्थकेयर प्रोफेशनल से बात करें.

नोट – यह लेख कई स्त्रोतों से लिया गया है. यह सिर्फ सूचना के लिए है. यह कोई मेडिकली सलाह नहीं है. पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह इस लेख को पढ़कर ही कोई राय न बनाएं बल्कि एक्सपर्ट्स की सलाह लें. इंडिया न्यूज डॉट इन तथ्यों की पुष्टि नहीं करता है. किसी तरह की परेशानी में इंडिया न्यूज जिम्मेदार नहीं होगा. 

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