अगर आप हेल्थ कॉन्शियस हैं और कन्फ्यूजन में हैं कि डाइटिंग में भेलपुरी बेस्टट चाट है या सेवपुरी, तो न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. रोहिणी पाटिल ने इसकी पूरी जानकारी दी है. आइए जानते हैं कौन सी चाट सेहत के लिए बेहतर है?
भेलपुरी या सेवपुरी
Bhelpuri vs Sevpuri: जब भी चाट की बात आती है, तो पहला नंबर टिक्की का और दूसरा नाम भेलपूरी और सेवपूरी का आता है. हर बाइट में खट्टा, मीठा और खट्टा फ्लेवर का मजेदार मिक्सर होता है. इसमें कैलोरी कम पाई जाती हैं, इसके कारण वेट लॉस जर्नी पर फिटनेस के शौकीन लोगों के दिमाग में सबसे पहले ये सवाल आता है कि इनमें से आखिर कौन सा ऑप्शन ज्यादा अच्छा है? वेट लॉस जर्नी में भेलपुरी बेस्ट है या सेवपुरी? आइए न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. रोहिणी पाटिल से जानते हैं कि कौन सी चाट आपके लिए बेस्ट है?
न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. रोहिणी पाटिल ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि दोनो ही चाटों को देखकर लगता है कि वे नुकसान नहीं पहुंचाएंगी. हालांकि उनके बेस इंग्रीडिएंट्स उन्हें फैट और कैलोरी डेंसिटी के मामले में बिल्कुल अलग बनाते हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि भेलपुरी आमतौर पर हल्की होती है क्योंकि इसका बेस मुरमुरे का होता है. ये हवादार होते हैं और इनमें फैट कम होता है. ये उन लोगों के लिए कैलोरी-एफिशिएंट चाट में से एक बनाता है जो अपने वजन को कंट्रोल में रखने की कोशिश कर रहे हैं. इसमें 100–120 g सर्विंग में – कंट्रोल्ड चटनी और फरसाण के साथ 150–220 कैलोरी होती हैं.
वहीं सेवपुरी की न्यूट्रिशनल पर्सनैलिटी बहुत अलग होती है. हर पूरी डीप-फ्राइड पापड़ी पर बनती है. इसके ऊपर खूब सारा नायलॉन सेव डाला जाता है. ये एक साइलेंट कैलोरी बम माना जाता है. थोड़ी सी मुट्ठी भर सेव में भी 70–100 कैलोरी बढ़ सकती हैं. एक स्ट्रीट-स्टाइल प्लेट में आमतौर पर हर सर्विंग में 250–350 कैलोरी होती हैं. इसमें इसका मुख्य कारण फैट-हैवी नियॉन सेव है. ये चने के आटे से बनता है और इसे डीप फ्राई किया जाता है. बता दें कि नायलॉन सेव में फैट ज्यादा होता है और एनर्जी-डेंस होता है. यही सबसे बड़ा फैक्टर है जो सेवपुरी कैलोरी और सैचुरेटेड फैट दोनों में ज्यादा हैं.
सेवपुरी के सेव की तरह भेलपुरी में फरसान होता है, जो कैलोरी-डेंस होती है. वहीं भेलपुरी में फरसान की मात्रा बहुत कम होती है. न्यूट्रशनिस्ट का मानना है कि कैलोरी का फायदा तब होता है, जब दूसरे ऐड-ऑन को कंट्रोल किया जाए. मुरमुरे में कैलोरी कम पाई जाती है. जो लगभग 20-25 कैलोरी प्रति टेबलस्पून होती है. इसमें मीठी चटनी, एक्स्ट्रा मूंगफली, नमकीन, या सब कुछ तेल में मिलाकर फैट सॉस इसकी कैलोरी को और बढ़ा सकते हैं. अगर चटनी का इस्तेमाल कम किया जाए और तेल का कम इस्तेमाल किया जाए, तो भेलपुरी में कैलोरी काउंट 200 से कम रहती है.
अगर आप अपनी डाइट को बिना खराब किए इसे खाना चाहते हैं, तो एक स्ट्रीट-स्टाइल प्लेट लें जो लगभग 1 से 1.5 कप हो. वहीं इसमें फरसान, सब्जियां और हल्की चटनी लेनी चहिए. वहीं सेवपुरी के लिए 8-10 पूरी का जगह, 4-6 ही खाने की सलाह दी जाती है. इनमें कम से कम सेव डालें. साफ है कि भेलपुरी में मुरमुरे और कच्ची सब्जियां ज्यादा डाली जाती हैं. इसके कारण इसमें ज्यादा न्यूट्रिशन होते हैं. वहीं सेवपुरी में फ्लेवर तो होता है लेकिन पापड़ी और सेव के जोड़ के कारण इसमें ज्यादा फैट, सोडियम और रिफाइंड कार्ब्स होते हैं.
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