Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास पर विशेष फोकस किया है. वित्त मंत्री ने बजट में चिकित्सा और आयुर्वेद क्षेत्र को मजबूत करने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव रखा है. इसके साथ ही बजट में आयुष फार्मेसियों और दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं के उन्नयन पर जोर दिया गया है.
आयुर्वेद संस्थानों का होगा विस्तार
बजट में मौजूदा 19 कार्यरत एम्स (जैसे दिल्ली, भुवनेश्वर और ऋषिकेश) के अतिरिक्त प्रमुख चिकित्सा संस्थानों की संख्या बढ़ाने के लिए इनकी घोषणा की गई है. ये तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) आयुर्वेद शिक्षा, शोध और प्रशिक्षण को बढ़ावा देंगे. कोविड महामारी के बाद आयुर्वेद को वैश्विक स्वीकार्यता मिली है, इसलिए ये संस्थान आधुनिक विज्ञान के साथ पारंपरिक ज्ञान को जोड़ेंगे. इससे कुशल वैद्यों और शोधकर्ताओं की कमी दूर होगी. इसके अलावा जामनगर में स्थित डब्ल्यूएचओ के वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को भी अपग्रेड किया जाएगा. साथ ही आयुष फार्मेसियों में अधिक कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे दवाओं की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ेगा.
मानसिक स्वास्थ्य को भी दिया महत्व
निर्मला सीतारमण ने मानसिक स्वास्थ्य और आघात के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की. वित्तमंत्री ने NIMNHS-2 की स्थापना और झारखंड के रांची और असम के तेजपुर में स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को क्षेत्रीय शीर्ष संस्थानों के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा.
वित्त मंत्री ने कहा, “उत्तर भारत में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए कोई राष्ट्रीय संस्थान नहीं हैं. इसलिए हम एनआईएमएनएचएस-2 की स्थापना करेंगे और रांची और तेजपुर में स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों को क्षेत्रीय शीर्ष संस्थानों के रूप में उन्नत करेंगे.”
चिकित्सा पर्यटन पर भी फोकस
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में चिकित्सा पर्यटन केंद्र पर भी बात रखी. उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर के सहयोग से पांच क्षेत्रीय चिकित्सा पर्यटन केंद्र भी स्थापित होंगे. इनमें आयुष केंद्रों के साथ आधुनिक डायग्नोस्टिक और पुनर्वास सुविधाएं होंगी. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार चिकित्सा पर्यटन के लिए पांच केंद्र स्थापित करने में राज्यों का समर्थन करेगी.