Buttermilk vs coconut water: मौसम के उतार-चढ़ाव के बाद गर्मियों का दौर शुरू हो चुका है. इस मौसम के आते ही शरीर को स्वस्थ और एनर्जेटिक बनाए रखना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. क्योंकि, गर्मियां कई परेशानियों को साथ लेकर आती हैं. तेज धूप, बढ़ता तापमान और गर्म हवाएं शरीर से पसीने के जरिए पानी और जरूरी मिनरल्स को तेजी से बाहर निकाल देती हैं. ऐसे में अगर खान-पान और पीने की आदतों पर ध्यान न दिया जाए तो शरीर में कमजोरी, थकान और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं होने लगती हैं. यही वजह है कि डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट गर्मियों में खानपान को लेकर खास सतर्क रहने की सलाह देते हैं. इस मौसम में सिर्फ ठंडी चीजें खाना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि ऐसे पेय पदार्थों का चुनाव करना भी जरूरी होता है जो शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ जरूरी पोषक तत्व भी दें. आमतौर पर, जब पेय पदार्थों की बात आती है तो सबसे पहले हमारे जहन में छाछ और नारियल पानी सूझता है. लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि, गर्मियों में छाछ और नारियल पानी में कौन बेहतर हाइड्रेशन देता है? आइए जानते हैं इस बारे में-
गर्मियों में हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स जरूरी क्यों?
हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, गर्मी की धूप और बढ़ते तापमान से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि शरीर में पानी कमी न होने देना. क्योंकि, जैसे-जैसे बाहर का तापमान बढ़ता है वैसे हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स की जरूरत बढ़ने लगती है. एक और महत्वपूर्ण बात, कि बाहर काम करने वाले और एसी में बैठकर काम करने वाले लोगों को भी रोज़ाना पर्याप्त मात्रा में पानी की ज़रूरत होती है. शोध से साबित हो चुका है कि 60 घंटे की भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए दिन में कम से कम तीन हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स पीना सबसे कारगर उपाय है.
स्पेस एंड एनवायरनमेंटल जर्नल में प्रकाशित रिसर्च बताती है कि, आजकल शरीर में पानी की कमी न होने देने के लिए पारंपरिक छाछ और आधुनिक नारियल पानी दोनों तरह के विकल्प मौजूद हैं. हालांकि एक उत्पाद नारियल से प्राप्त होता है और दूसरा दूध से, लेकिन उनकी सटीक पोषण संबंधी प्रोफ़ाइल और उनके सेवन का समय उचित हाइड्रेशन और प्यास की क्षणिक संतुष्टि के बीच बहुत बड़ा अंतर पैदा कर सकता है.
नारियल पानी और छाछ के पोषण की तुलना
रिपोर्ट कहती है कि, नारियल पानी का फायदा तब मिलता है जब इसे कच्चे नारियल से सीधे निकालकर पिया जाए, न कि कमरे के तापमान पर रखा जाए या ठंडा किया जाए. वहीं, छाछ का पोषण मूल्य तब बढ़ जाता है जब इसे जीरा, काला नमक या काली मिर्च जैसे मसालों के साथ मिलाया जाता है. हालांकि, ये आपके स्वाद पर निर्भर करता है.
नारियल पानी पीने से क्या होगा: नारियल पानी की बात करें तो, यह नेचुरली कम कैलोरी वाला, इलेक्ट्रोलाइट्स (मुख्य रूप से पोटेशियम) से भरपूर और शरीर को हल्का हाइड्रेशन प्रदान करने वाला पदार्थ है. लेकिन खाली पेट सेवन करने पर इसकी हाइड्रेशन क्षमता बढ़ जाती है.
छाछ पीने से क्या होगा: छाछ में ठंडक देने वाले गुण और प्रोबायोटिक गुण होते हैं, जो इसे पाचन के लिए फायदेमंद बनाते हैं, क्योंकि इसमें लैक्टिक एसिड मौजूद होता है. यह कम कैलोरी वाला भी होता है; केवल नमकीन छाछ ही कम कैलोरी वाली होती है, क्योंकि मीठे छाछ में अतिरिक्त चीनी मिलाने से कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है.
नारियल पानी और छाछ दोनों बेहतर ड्रिंक्स
नारियल पानी और छाछ की तुलना करें तो, यदि आप इन दोनों हाइड्रेटिंग पेय पदार्थों का ताजा रूप पीते हैं, तो इनका संयोजन सबसे अच्छा रिजल्ट देता है. हालांकि, दोनों पेय पदार्थ का आपके पेट द्वारा अवशोषित होने और शरीर के कार्यों को पोषण देने का अपना अलग तरीका होता है.
छाछ और नारियल पानी पीने का सही समय
हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, छाछ का सेवन भोजन के बाद, आमतौर पर लंच के बाद करना सबसे अच्छा होता है. ऐसा करने से नेचुरल पाचन क्रिया बेहतर होगी. वहीं, कसरत के बाद या अधिक तापमान वाले बाहरी वातावरण से आने के बाद, नारियल पानी सबसे अच्छा विकल्प होता है, यह शरीर को आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स प्रदान करता है.