Chocolate Day 2026: आज प्यार का इजहार करने के सप्ताह का तीसरा दिन यानी चॉकलेट डे है. वैलेंटाइन वीक में 7 अलग-अलग दिन होते हैं, जिसकी शुरुआत आज 7 फरवरी यानी Rose Day से हो चुकी है. प्यार की शक्ति को समर्पित है और लोगों से आग्रह करता है कि वे जिनसे प्यार करते हैं, उनके प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करें. इसके बाद 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे (Valentine Day 2026) मनाया जाएगा. आज के दिन लोग अपने पार्टनर को चॉकलेट देकर उससे अपने प्यार और समर्पण का भाव प्रकट करते हैं. बता दें कि, 9 फरवरी को मनाया जाने वाला चॉकलेट डे वेलेंटाइन वीक का स्वीट डे माना जाता है. यह दिन प्रेमियों के भावना का प्रतीक है. वैसे तो चॉकलेट स्वाद और अपना प्यार जताने के लिए लोग पार्टनर को देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह मूड बनाने से लेकर दर्द तक दूर कर सकती है? एक स्टडी के मुताबिक, चॉकलेट खाने से महिला और पुरुष दोनों में सेक्शुअल डिजायर बढ़ जाते हैं. हालांकि, कुछ लोगों को इसके अधिक सेवन से बचना चाहिए. अब सवाल है कि, क्या सच में चॉकलेट खाने से पार्टनर के करीब आने की इच्छा बढ़ती है? चॉकलेट खाने के फायदे क्या हैं? किन लोगों को चॉकलेट नहीं खाना चाहिए? आइए जानते हैं इस बारे में-
चॉकलेट पार्टनर के करीब आने की इच्छा कैसे बढ़ती
हेल्थशॉट्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, मॉलिक्यूल जनरल की रिपोर्ट के अनुसार डार्क चॉकलेट खाने से लिबिडो बढ़ता है. दरअसल फ्लेवोनॉयड्स की वजह से शरीर के हर हिस्से में खून का प्रवाह ठीक रहता है. जेनिटल एरिया में भी अच्छे ब्लड सर्कुलेशन की वजह से महिलाओं और पुरुषों में सेक्शुअल डिजायर बढ़ जाते हैं. लिबिडो बढ़ता है तो उनकी पार्टनर के करीब आने की इच्छा बढ़ती है. यानी चॉकलेट रिलेशनशिप को मजबूत बनाने के लिए भी अच्छी है.

शरीर को तुरंत एनर्जी और स्किन पर ग्लो बढ़ाए
चॉकलेट में कैफीन और थियोब्रोमाइन होता है. इसे खाकर शरीर में तुरंत एनर्जी बढ़ती है और फिजिकल एक्टिविटी बढ़ जाती है. अधिकतर एथलीट्स चॉकलेट इसी वजह से खाते हैं ताकि उनका शरीर ऊर्जा से भरे रहे. चॉकलेट इम्यूनिटी को भी बूस्ट करती है. दूसरे विश्वयुद्ध में सैनिकों को डार्क चॉकलेट इसी वजह से राशन में दी जाती थी ताकि वह हमेशा सचेत रहे और एनर्जी से भरे रहें. डार्क चॉकलेट खाने से स्किन के दाग-धब्बे दूर होते हैं और ग्लो आता है. इससे एर्ली एजिंग भी नहीं होती.
दर्द का नहीं होने देती है एहसास
चॉकलेट में फ्लेवोनॉयड्स होते हैं जिससे दिमाग में एंडोरफिन्स नाम के हार्मोन रिलीज होते हैं. यह मूड के साथ ही दर्द को भी नियंत्रित करते हैं. चॉकलेट खाने से कॉर्टिसोल नाम का स्ट्रेस हार्मोन कम होता है जिससे तनाव दूर होता है. दर्द का एहसास भी नहीं होता. इससे मूड भी अच्छा रहता है. इसे खाने से शरीर में डोपामाइन नाम का हैप्पी हार्मोन भी रिलीज होता है जिससे व्यक्ति को अच्छा लगता है. हार्वर्ड हेल्थ की स्टडी के अनुसार डार्क चॉकलेट में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाते हैं और दिल की सेहत को दुरुस्त रहती है. इसे खाने से गुड कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ता है.
किन लोगों को नहीं खाना चाहिए चॉकलेट
डाइटिशियन ऋचा शर्मा कहती हैं कि वाइट और मिल्क चॉकलेट के मुकाबले डार्क चॉकलेट सबसे अच्छी मानी जाती है. दिन में 50 ग्राम तक चॉकलेट खाना ठीक है. इस मात्रा को डायबिटीज के मरीज भी ले सकते हैं. बच्चों को 2 साल तक चॉकलेट नहीं देनी चाहिए, इससे बच्चे के दिमाग के विकास पर प्रभाव पड़ता है. प्रेग्नेंसी में भी इन्हें खाने से बचना चाहिए. जिन लोगों का ब्लड प्रेशर कम रहता है उनके लिए डार्क चॉकलेट बहुत अच्छी है. मिल्क चॉकलेट खाने से वजन बढ़ता है जबकि डार्क चॉकलेट खाने से वजन नियंत्रित रहता है.