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डायबिटीज सिर्फ शुगर नहीं, फर्टिलिटी पर भी करती है सीधा हमला! डॉक्टरों ने बताया कैसे टूटता है मां-बाप बनने का सपना

Diabetes and Infertility: डायबिटीज आज एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जो तेजी से युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रही है. पहले जहां इसे बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता था, वहीं अब 20 से 30 साल के युवा भी डायबिटीज से जूझ रहे हैं. डायबिटीज एक मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है, जो शरीर के हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ देता है. इसका सीधा असर पुरुषों और महिलाओं की फर्टिलिटी यानी प्रजनन क्षमता पर पड़ता है.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: January 21, 2026 12:02:45 IST

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Diabetes and Infertility: डायबिटीज एक मेटाबॉलिक बीमारी है, जिसमें शरीर में शुगर का लेवल बढ़ जाता है. इससे हार्मोन और मेटाबॉलिज्म बिगड़ सकते हैं. कम उम्र में होने वाली डायबिटीज पुरुषों और महिलाओं दोनों की फर्टिलिटी यानी प्रजनन क्षमता को नुकसान पहुंचा सकती है.डायबिटीज, प्री-डायबिटीज और इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण महिलाओं के पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं और पुरुषों में भी हार्मोन से जुड़ी दिक्कतें आ सकती हैं, जिससे गर्भधारण में परेशानी होती है.

डायबिटीज, प्री-डायबिटीज और इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण महिलाओं के पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं और पुरुषों में स्पर्म से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं. कई बार युवा कपल्स को तब पता चलता है कि उन्हें डायबिटीज है, जब उन्हें गर्भधारण में परेशानी का सामना करना पड़ता है.

डायबिटीज के कारण और शुरुआती लक्षण

डायबिटीज तब होती है जब शरीर इंसुलिन नहीं बना पाता या इंसुलिन सही तरीके से काम नहीं करता. इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है और धीरे-धीरे शरीर के कई अंग प्रभावित होने लगते हैं.

डायबिटीज के कुछ आम शुरुआती लक्षण इस प्रकार हैं

  • बार-बार पेशाब आना
  • ज्यादा प्यास लगना
  • भूख का बढ़ जाना
  • घाव का देर से भरना
  • आंखों से धुंधला दिखना

डायबिटीज होने के पीछे आनुवांशिक कारण, गलत खानपान, मोटापा, एक्सरसाइज की कमी, देर तक बैठकर काम करना और PCOS जैसे हार्मोनल विकार अहम भूमिका निभाते हैं.

डायबिटीज फर्टिलिटी को कैसे प्रभावित करती है और बचाव के उपाय

फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, डायबिटीज पुरुषों और महिलाओं दोनों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित करती है. पुरुषों में स्पर्म काउंट और स्पर्म की क्वालिटी कम हो सकती है, साथ ही इरेक्शन से जुड़ी समस्या भी हो सकती है. वहीं महिलाओं में ओवुलेशन में दिक्कत, PCOS का खतरा और एग की क्वालिटी में कमी देखी जाती है. अनियंत्रित डायबिटीज गर्भपात और समय से पहले डिलीवरी का खतरा  भी बढ़ा सकती है.

सही इलाज है जरूरी

अच्छी बात यह है कि सही लाइफस्टाइल और समय पर इलाज से डायबिटीज से जुड़ी इंफर्टिलिटी को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. इसके लिए जरूरी है कि संतुलित आहार लिया जाए, हरी सब्जियों को डाइट में शामिल किया जाए, नियमित एक्सरसाइज की जाए और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखा जाए.अगर आपकी उम्र 20–30 साल के बीच है और आप फैमिली प्लानिंग कर रहे हैं, तो समय रहते शुगर टेस्ट और हेल्थ चेकअप जरूर कराएं. सही जानकारी और सावधानी से डायबिटीज के बावजूद माता-पिता बनने का सपना पूरा किया जा सकता है.

Disclaimer : प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. INDIA News इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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