Live TV
Search
Home > हेल्थ > क्या मार्च में आपके भी पीरियड्स इर्रेगुलर हुए? केवल सोशल ट्रेंड या फिर सच्चाई भी, वैज्ञानिक कारण समझिए

क्या मार्च में आपके भी पीरियड्स इर्रेगुलर हुए? केवल सोशल ट्रेंड या फिर सच्चाई भी, वैज्ञानिक कारण समझिए

Why periods delayed in March: मासिक धर्म को लेकर सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड तेजी से चल रहा है. कहा जा रहा है कि, मार्च में पीरियड्स इर्रेगुलर हो रहे हैं. क्या आपके भी मार्च में पीरियड्स लेट आए? अगर हां, तो क्या आपने कभी सोचा है ऐसा क्यों? पीरियड्स आगे-पीछे होने का मौसम से क्या संबंध? इस बारे में बता रही हैं गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. मीरा पाठक-

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: April 3, 2026 14:36:58 IST

Mobile Ads 1x1

Why periods delayed in March: हर महीने समय पर पीरियड्स आना महिलाओं के अच्छे स्वास्थ्य का संकेत है. थोड़ा आगे-पीछे पीरियड्स आना तो चलता है. लेकिन, हमेशा इर्रेगुलेट हों तो यह चिंता की बात है. बता दें कि, लेट या इर्रेगुलर पीरियड्स के पीछे प्रेग्नेंसी, हॉर्मोनल असंतुलन, स्ट्रेस, थायरॉइड, अचानक वजन बढ़ना या कम होना, बेतरतीब लाइफस्टाइल, अनहेल्दी खानपान, गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन आदि कारण हो सकते हैं. लेकिन, मासिक धर्म को लेकर सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड तेजी से चल रहा है. कहा जा रहा है कि, मार्च में पीरियड्स इर्रेगुलर हो रहे हैं. क्या आपके भी मार्च में पीरियड्स लेट आए? अगर हां, तो क्या आपने कभी सोचा है ऐसा क्यों? पीरियड्स आगे-पीछे होने का मौसम से क्या संबंध? क्या इस परेशानी कोई वैज्ञानिक कारण है? इस बारे में India News को बता रही हैं नोएडा की सीनियर मेडिकल ऑफिसर एवं गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. मीरा पाठक-

पीरियड्स को लेकर क्या है सोशल ट्रेंड्स

इन दिनों सोशल मीडिया पर पीरियड्स लेट होने को लेकर एक पोस्ट ट्रेंड हो रही है. इसमें बताया गया है कि मार्च का महीना अच्छा नहीं होता है, खासकर पीरियड्स को लेकर. इस पोस्ट को काफी लोगों ने पढ़ा और हैरान भी हुए कि आखिर मार्च में क्यों पीरियड्स आने में लेट होगा? हालांकि, बाद में यह चर्चा मीम्स में बदल गई. 

मार्च में मासिक धर्म लेट होने का कारण

डॉक्टर कहती हैं कि, मार्च के महीने में तेजी से मौसम बदलता है. इसका प्रभाव हमारी सेहत पर भी पड़ता है. इसके चलते पीरियड्स में देरी हो सकती है. यही नहीं, मार्च महीना स्ट्रेस फुल भी होता है, क्योंकि इस महीने में कई एग्जाम होते हैं. बोर्ड एग्जाम का लड़कियों पर प्रेशर होता है. वहीं, घर महिलाओं पर भी काम का वर्डन अधिक हो जाता है. कुल मिलाकर कामकाजी लोगों के लिए वित्तीय वर्ष के अंत का तनाव लेकर आता है. अत्यधिक तनाव हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकता है, जिससे पीरियड्स में देरी या अनियमितता हो सकती है.

मार्च में बिगड़ता है नींद का पैटर्न 

डॉक्टर की मानें तो, हार्मोनल चक्र कैलेंडर तिथियों की तुलना में शरीर की सर्कैडियन रिदम से अधिक प्रभावित होते हैं, इसलिए मामूली बदलाव सामान्य हैं. लेकिन, नींद के पैटर्न और डेली रुटीन पीरियड्स को अधिक प्रभावित कर सकते हैं. बता दें कि, काम के दबाव, यात्रा या जीवनशैली में बदलाव के कारण अनियमित नींद शरीर की आंतरिक घड़ी को बाधित कर सकती है, जिससे मासिक चक्र की नियमितता प्रभावित हो सकती है. कहने का सीधा मतलब है कि, जब कोई महिला बहुत अधिक तनाव ग्रस्त होती है, तो भी पीरियड्स देर से आते हैं.

मार्च में बदलता मौसम भी बड़ा कारण

कई बार इसके पीछे मौसमी बदलाव भी कारण हो सकते हैं. फरवरी के बाद मार्च महीने में सीजन में भारी बदलाव आता है. सर्दी खत्म होने के बाद मार्च में गर्मी शुरू होती है. इससे धूप काफी तेज होता है. इस कारण से मेलाटोनिन और कोर्टिसोल जैसे हार्मोन के लेवल पर काफी असर पड़ सकता है. ये बदलाव ओव्यूलेशन को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे मासिक चक्र के समय में मामूली परिवर्तन हो सकते हैं.

मार्च में पीरियड्स मिथ पर डॉक्टर का सुझाव

डॉ. मीरा पाठक कहती हैं कि, इस तरह की परेशानी को सीरियसली लेने से बचें. पीरियड देरी के लिए आप किसी भी महीने को दोष न दें. पीरियड्स कई बार शरीर में होने वाले हॉर्मोनल बदलावों, स्ट्रेस, खानपान खराब होना आदि के कारण भी लेट आती है. बेहतर है कि अपनी लाइफस्टाइल, खानपान को बेहतर करें. स्ट्रेस को दूर करें. पर्याप्त नींद लें. बैलेंस डाइट लें. स्वस्थ दिनर्या का पालन करें. इसके बाद भी कोई परेशानी हो तो डॉक्टर की सलाह जरूरी है.

MORE NEWS

Home > हेल्थ > क्या मार्च में आपके भी पीरियड्स इर्रेगुलर हुए? केवल सोशल ट्रेंड या फिर सच्चाई भी, वैज्ञानिक कारण समझिए

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: April 3, 2026 14:36:58 IST

Mobile Ads 1x1

Why periods delayed in March: हर महीने समय पर पीरियड्स आना महिलाओं के अच्छे स्वास्थ्य का संकेत है. थोड़ा आगे-पीछे पीरियड्स आना तो चलता है. लेकिन, हमेशा इर्रेगुलेट हों तो यह चिंता की बात है. बता दें कि, लेट या इर्रेगुलर पीरियड्स के पीछे प्रेग्नेंसी, हॉर्मोनल असंतुलन, स्ट्रेस, थायरॉइड, अचानक वजन बढ़ना या कम होना, बेतरतीब लाइफस्टाइल, अनहेल्दी खानपान, गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन आदि कारण हो सकते हैं. लेकिन, मासिक धर्म को लेकर सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड तेजी से चल रहा है. कहा जा रहा है कि, मार्च में पीरियड्स इर्रेगुलर हो रहे हैं. क्या आपके भी मार्च में पीरियड्स लेट आए? अगर हां, तो क्या आपने कभी सोचा है ऐसा क्यों? पीरियड्स आगे-पीछे होने का मौसम से क्या संबंध? क्या इस परेशानी कोई वैज्ञानिक कारण है? इस बारे में India News को बता रही हैं नोएडा की सीनियर मेडिकल ऑफिसर एवं गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. मीरा पाठक-

पीरियड्स को लेकर क्या है सोशल ट्रेंड्स

इन दिनों सोशल मीडिया पर पीरियड्स लेट होने को लेकर एक पोस्ट ट्रेंड हो रही है. इसमें बताया गया है कि मार्च का महीना अच्छा नहीं होता है, खासकर पीरियड्स को लेकर. इस पोस्ट को काफी लोगों ने पढ़ा और हैरान भी हुए कि आखिर मार्च में क्यों पीरियड्स आने में लेट होगा? हालांकि, बाद में यह चर्चा मीम्स में बदल गई. 

मार्च में मासिक धर्म लेट होने का कारण

डॉक्टर कहती हैं कि, मार्च के महीने में तेजी से मौसम बदलता है. इसका प्रभाव हमारी सेहत पर भी पड़ता है. इसके चलते पीरियड्स में देरी हो सकती है. यही नहीं, मार्च महीना स्ट्रेस फुल भी होता है, क्योंकि इस महीने में कई एग्जाम होते हैं. बोर्ड एग्जाम का लड़कियों पर प्रेशर होता है. वहीं, घर महिलाओं पर भी काम का वर्डन अधिक हो जाता है. कुल मिलाकर कामकाजी लोगों के लिए वित्तीय वर्ष के अंत का तनाव लेकर आता है. अत्यधिक तनाव हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकता है, जिससे पीरियड्स में देरी या अनियमितता हो सकती है.

मार्च में बिगड़ता है नींद का पैटर्न 

डॉक्टर की मानें तो, हार्मोनल चक्र कैलेंडर तिथियों की तुलना में शरीर की सर्कैडियन रिदम से अधिक प्रभावित होते हैं, इसलिए मामूली बदलाव सामान्य हैं. लेकिन, नींद के पैटर्न और डेली रुटीन पीरियड्स को अधिक प्रभावित कर सकते हैं. बता दें कि, काम के दबाव, यात्रा या जीवनशैली में बदलाव के कारण अनियमित नींद शरीर की आंतरिक घड़ी को बाधित कर सकती है, जिससे मासिक चक्र की नियमितता प्रभावित हो सकती है. कहने का सीधा मतलब है कि, जब कोई महिला बहुत अधिक तनाव ग्रस्त होती है, तो भी पीरियड्स देर से आते हैं.

मार्च में बदलता मौसम भी बड़ा कारण

कई बार इसके पीछे मौसमी बदलाव भी कारण हो सकते हैं. फरवरी के बाद मार्च महीने में सीजन में भारी बदलाव आता है. सर्दी खत्म होने के बाद मार्च में गर्मी शुरू होती है. इससे धूप काफी तेज होता है. इस कारण से मेलाटोनिन और कोर्टिसोल जैसे हार्मोन के लेवल पर काफी असर पड़ सकता है. ये बदलाव ओव्यूलेशन को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे मासिक चक्र के समय में मामूली परिवर्तन हो सकते हैं.

मार्च में पीरियड्स मिथ पर डॉक्टर का सुझाव

डॉ. मीरा पाठक कहती हैं कि, इस तरह की परेशानी को सीरियसली लेने से बचें. पीरियड देरी के लिए आप किसी भी महीने को दोष न दें. पीरियड्स कई बार शरीर में होने वाले हॉर्मोनल बदलावों, स्ट्रेस, खानपान खराब होना आदि के कारण भी लेट आती है. बेहतर है कि अपनी लाइफस्टाइल, खानपान को बेहतर करें. स्ट्रेस को दूर करें. पर्याप्त नींद लें. बैलेंस डाइट लें. स्वस्थ दिनर्या का पालन करें. इसके बाद भी कोई परेशानी हो तो डॉक्टर की सलाह जरूरी है.

MORE NEWS