Dry Cough Causes: रात में बार-बार सूखी खांसी आना बेहद परेशान करने वाला अनुभव हो सकता है. आपने देखा होगा, दिनभर तो सब ठीक रहता है, लेकिन जैसे ही आप सोने के लिए लेटते हैं, खांसी शुरू हो जाती है और नींद गायब हो जाती है. इसे मेडिकल भाषा में ड्राय कफ (Unproductive Cough) कहा जाता है, जिसमें बलगम नहीं निकलता. आइए विस्तार से समझते हैं कि ऐसा क्यों होता है और इससे आराम कैसे पाया जा सकता है.
सूखी खांसी क्या होती है और यह रात में ही क्यों बढ़ जाती है?
सूखी खांसी वह होती है जिसमें बलगम नहीं निकलता. जब हम लेटते हैं, तो नाक और गले में जमा म्यूकस पीछे की ओर बहने लगता है, जिससे गले में जलन होती है और खांसी का रिफ्लेक्स एक्टिव हो जाता है.रात में गला ज्यादा सूखा रहता है, इसलिए हल्की-सी जलन भी खांसी को बढ़ा सकती है.
वायरल इंफेक्शन: सर्दी-जुकाम और फ्लू का असर
ज्यादातर मामलों में रात की सूखी खांसी सर्दी या फ्लू के बाद बचा हुआ असर होती है.भले ही बुखार और जुकाम ठीक हो जाएं, लेकिन गले और सांस की नली में हुई जलन को ठीक होने में समय लगता है. इसी वजह से खांसी हफ्तों तक बनी रह सकती है.
अस्थमा: रात में बढ़ने वाली खांसी का बड़ा कारण
अस्थमा के मरीजों में खांसी रात और सुबह जल्दी ज्यादा होती है.इस स्थिति में सांस की नलियां सूज जाती हैं और सिकुड़ जाती हैं, जिससे सांस लेने में दिक्कत और सूखी खांसी होती है.
अस्थमा के साथ दिखने वाले लक्षण
- सीने में जकड़न
- घरघराहट
- सांस फूलना
- रात में बार-बार खांसी आना
एसिड रिफ्लक्स (GERD): पेट की समस्या से जुड़ी खांसी
अगर आपको रात में खांसी के साथ सीने में जलन, खट्टी डकार या गले में कुछ फंसा-सा महसूस होता है, तो यह GERD का संकेत हो सकता है.लेटते समय पेट का एसिड ऊपर गले तक आ जाता है, जो खांसी को ट्रिगर करता है.
पोस्ट नेजल ड्रिप: नाक से गले में बहता म्यूकस
जब नाक में ज्यादा म्यूकस बनता है और वह गले में टपकने लगता है, तो इसे पोस्ट नेजल ड्रिप कहते हैं.यह समस्या एलर्जी, सर्दी या साइनस में ज्यादा देखी जाती है और रात में लेटते समय ज्यादा परेशान करती है.
रात की सूखी खांसी के घरेलू इलाज
अगर खांसी ज्यादा गंभीर नहीं है, तो ये घरेलू उपाय काफी राहत दे सकते हैं:
- शहद: सोने से पहले 1 चम्मच शुद्ध शहद लें
- ह्यूमिडिफायर: कमरे में नमी बनाए रखता है
- गुनगुने नमक पानी से गरारे
- पानी और हर्बल चाय ज्यादा पिएं
- सिर थोड़ा ऊंचा रखकर सोएं
- धूल, धुआं और पालतू जानवरों से दूरी रखें
कब डॉक्टर को दिखाएं
- खांसी 3-4 हफ्ते से ज्यादा रहे
- सांस लेने में दिक्कत हो
- सीने में तेज दर्द या खून आए