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Home > हेल्थ > सिर्फ महिलाएं ही नहीं, पुरुषों की ये कमजोरी भी है जिम्मेदार! आखिर क्यों ‘Egg Freezing’ की ओर भाग रही हैं कुंवारी लड़कियां?

सिर्फ महिलाएं ही नहीं, पुरुषों की ये कमजोरी भी है जिम्मेदार! आखिर क्यों ‘Egg Freezing’ की ओर भाग रही हैं कुंवारी लड़कियां?

बढ़ती उम्र ही नहीं, अब पुरुषों में गिरता फर्टिलिटी रेट भी महिलाओं को एग फ्रीजिंग के लिए प्रेरित कर रहा है. जानिए क्यों यह 'फर्टिलिटी इंश्योरेंस' आज की ज़रूरत है.

Written By: Shivani Singh
Last Updated: March 10, 2026 20:29:53 IST

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अपने 20 या 30 की उम्र के किसी पड़ाव पर आपसे कोई न कोई यह जरूर पूछ लेता है, ‘तो, सेटल होने का क्या इरादा है?’ कई महिलाओं के लिए यह सवाल सिर्फ एक सवाल नहीं, बल्कि उनकी ‘बायोलॉजिकल क्लॉक’ यानी उम्र की टिक-टिक याद दिलाने जैसा महसूस होता है. सच तो यह है कि हर किसी की ज़िंदगी की रफ़्तार और मंज़िल अलग होती है, और इसमें कोई बुराई नहीं है. आज के दौर में महिलाएं अपने करियर को ऊंचाई पर ले जाना चाहती हैं, खुलकर दुनिया घूमना चाहती हैं, या बस उस सही वक्त का इंतज़ार करना चाहती हैं जब वे परिवार के लिए पूरी तरह तैयार हों. लेकिन इन सबके बीच एक वाजिब चिंता मन में रहती है: ‘क्या मैं आगे चलकर, जब मेरा मन होगा, तब माँ बन पाऊंगी?’ यहीं पर ‘एग फ्रीजिंग’ (Egg Freezing) एक वरदान साबित होती है.

यह सिर्फ एक विकल्प नहीं, एक ‘चॉइस’ है

एग फ्रीजिंग अब सिर्फ उन महिलाओं के लिए नहीं है जो देर से शादी कर रही हैं या किसी बीमारी से जूझ रही हैं. यह उन युवतियों की एक जागरूक पसंद बनती जा रही है जो अपनी फर्टिलिटी और भविष्य पर पूरा कंट्रोल चाहती हैं. या फिर पुरुषों में घटता स्पर्म काउंट. टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार प्रिस्टिन केयर फर्टिसिटी की चेयरपर्सन और चीफ आईवीएफ कंसल्टेंट डॉ. इला गुप्ता कहती हैं, ‘एग फ्रीजिंग नई संभावनाओं के द्वार खोलती है. यह उन महिलाओं को मानसिक और भावनात्मक आज़ादी देती है जो आज को खुलकर जीना चाहती हैं, बिना इस डर के कि कल समय उनके हाथ से निकल जाएगा.’

महिलाएं एग फ्रीजिंग क्यों चुन रही हैं? इसके कई कारण हो सकते हैं:

जब आप खुद को बच्चे की जिम्मेदारी के लिए तैयार नहीं मानतीं वहीं एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis) जैसी समस्याएं या जल्दी मेनोपॉज की पारिवारिक समस्या है इसलिए भी एग फ्रीजिंग का ऑप्शन सही है या फिर बस इसलिए क्योंकि महिलाएं खुद तय करना चाहती हैं कि उन्हें माँ कब बनना है. अगर आप इसके नाम से थोड़ा घबरा रही हैं, तो जान लें कि यह प्रक्रिया उतनी जटिल नहीं है जितनी सुनने में लगती है. इसमें मुश्किल से दो हफ्ते का समय लगता है.

इसके मुख्य चरण इस प्रकार हैं;

  • हार्मोन स्टिमुलेशन: ओवरीज़ को अधिक अंडे बनाने के लिए प्रेरित किया जाता है.
  • निगरानी (Monitoring): आईवीएफ स्पेशलिस्ट ब्लड टेस्ट और स्कैन के जरिए प्रोग्रेस को ट्रैक करते हैं.
  • एग रिट्रीवल: एनेस्थीसिया देकर अंडे बाहर निकाले जाते हैं। यह एक छोटी, सुरक्षित और दर्द रहित प्रक्रिया है.
  • फ्रीजिंग: भ्रूणविज्ञानी (Embryologists) इन अंडों को आईवीएफ लैब के सुरक्षित वातावरण में भविष्य के लिए फ्रीज कर देते हैं.
  • एक ज़रूरी बात: जो अंडे आप अपनी 20 या शुरुआती 30 की उम्र में फ्रीज करती हैं, भविष्य में उनके सफल होने की संभावना बहुत अधिक होती है.

पुरुषों में तेजी से घटता स्पर्म काउंट 

आज की चुनौती सिर्फ महिलाओं की उम्र नहीं, बल्कि पुरुषों में तेजी से घटता स्पर्म काउंट भी है. लाइफस्टाइल और तनाव के कारण जब फर्टिलिटी के मोर्चे पर चुनौतियां दोनों तरफ से बढ़ रही हों, तब ‘एग फ्रीजिंग’ एक समझदारी भरा ‘फर्टिलिटी इंश्योरेंस’ बन जाता है. यह महिलाओं को यह भरोसा देता है कि भविष्य की मेडिकल अनिश्चितताओं के बीच भी उनके पास माँ बनने का विकल्प सुरक्षित है.

क्या यह आपके लिए सही है?

एग फ्रीजिंग एक आधुनिक टूल है जो माँ बनने के आपके विकल्प को सुरक्षित रखता है. आपकी उम्र, करियर या निजी वजह जो भी हो, वह आपकी अपनी है और उसकी किसी और से तुलना नहीं की जा सकती. विज्ञान के बारे में जागरूक होना आपको सामाजिक दबाव से बचने और आत्मविश्वास के साथ निर्णय लेने की ताकत देता है. डॉ. इला गुप्ता का मानना है, ‘एग फ्रीजिंग कोई ट्रेंड नहीं है, बल्कि मेडिकल साइंस का एक चमत्कार है. यह महिलाओं को सहजता और भरोसे के साथ अपने भविष्य के लक्ष्यों को पूरा करने का रास्ता देता है.’

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. मेडिकल इमरजेंसी से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर (IVF Specialist) से सलाह ज़रूर लें.

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Last Updated: March 10, 2026 20:29:53 IST

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अपने 20 या 30 की उम्र के किसी पड़ाव पर आपसे कोई न कोई यह जरूर पूछ लेता है, ‘तो, सेटल होने का क्या इरादा है?’ कई महिलाओं के लिए यह सवाल सिर्फ एक सवाल नहीं, बल्कि उनकी ‘बायोलॉजिकल क्लॉक’ यानी उम्र की टिक-टिक याद दिलाने जैसा महसूस होता है. सच तो यह है कि हर किसी की ज़िंदगी की रफ़्तार और मंज़िल अलग होती है, और इसमें कोई बुराई नहीं है. आज के दौर में महिलाएं अपने करियर को ऊंचाई पर ले जाना चाहती हैं, खुलकर दुनिया घूमना चाहती हैं, या बस उस सही वक्त का इंतज़ार करना चाहती हैं जब वे परिवार के लिए पूरी तरह तैयार हों. लेकिन इन सबके बीच एक वाजिब चिंता मन में रहती है: ‘क्या मैं आगे चलकर, जब मेरा मन होगा, तब माँ बन पाऊंगी?’ यहीं पर ‘एग फ्रीजिंग’ (Egg Freezing) एक वरदान साबित होती है.

यह सिर्फ एक विकल्प नहीं, एक ‘चॉइस’ है

एग फ्रीजिंग अब सिर्फ उन महिलाओं के लिए नहीं है जो देर से शादी कर रही हैं या किसी बीमारी से जूझ रही हैं. यह उन युवतियों की एक जागरूक पसंद बनती जा रही है जो अपनी फर्टिलिटी और भविष्य पर पूरा कंट्रोल चाहती हैं. या फिर पुरुषों में घटता स्पर्म काउंट. टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार प्रिस्टिन केयर फर्टिसिटी की चेयरपर्सन और चीफ आईवीएफ कंसल्टेंट डॉ. इला गुप्ता कहती हैं, ‘एग फ्रीजिंग नई संभावनाओं के द्वार खोलती है. यह उन महिलाओं को मानसिक और भावनात्मक आज़ादी देती है जो आज को खुलकर जीना चाहती हैं, बिना इस डर के कि कल समय उनके हाथ से निकल जाएगा.’

महिलाएं एग फ्रीजिंग क्यों चुन रही हैं? इसके कई कारण हो सकते हैं:

जब आप खुद को बच्चे की जिम्मेदारी के लिए तैयार नहीं मानतीं वहीं एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis) जैसी समस्याएं या जल्दी मेनोपॉज की पारिवारिक समस्या है इसलिए भी एग फ्रीजिंग का ऑप्शन सही है या फिर बस इसलिए क्योंकि महिलाएं खुद तय करना चाहती हैं कि उन्हें माँ कब बनना है. अगर आप इसके नाम से थोड़ा घबरा रही हैं, तो जान लें कि यह प्रक्रिया उतनी जटिल नहीं है जितनी सुनने में लगती है. इसमें मुश्किल से दो हफ्ते का समय लगता है.

इसके मुख्य चरण इस प्रकार हैं;

  • हार्मोन स्टिमुलेशन: ओवरीज़ को अधिक अंडे बनाने के लिए प्रेरित किया जाता है.
  • निगरानी (Monitoring): आईवीएफ स्पेशलिस्ट ब्लड टेस्ट और स्कैन के जरिए प्रोग्रेस को ट्रैक करते हैं.
  • एग रिट्रीवल: एनेस्थीसिया देकर अंडे बाहर निकाले जाते हैं। यह एक छोटी, सुरक्षित और दर्द रहित प्रक्रिया है.
  • फ्रीजिंग: भ्रूणविज्ञानी (Embryologists) इन अंडों को आईवीएफ लैब के सुरक्षित वातावरण में भविष्य के लिए फ्रीज कर देते हैं.
  • एक ज़रूरी बात: जो अंडे आप अपनी 20 या शुरुआती 30 की उम्र में फ्रीज करती हैं, भविष्य में उनके सफल होने की संभावना बहुत अधिक होती है.

पुरुषों में तेजी से घटता स्पर्म काउंट 

आज की चुनौती सिर्फ महिलाओं की उम्र नहीं, बल्कि पुरुषों में तेजी से घटता स्पर्म काउंट भी है. लाइफस्टाइल और तनाव के कारण जब फर्टिलिटी के मोर्चे पर चुनौतियां दोनों तरफ से बढ़ रही हों, तब ‘एग फ्रीजिंग’ एक समझदारी भरा ‘फर्टिलिटी इंश्योरेंस’ बन जाता है. यह महिलाओं को यह भरोसा देता है कि भविष्य की मेडिकल अनिश्चितताओं के बीच भी उनके पास माँ बनने का विकल्प सुरक्षित है.

क्या यह आपके लिए सही है?

एग फ्रीजिंग एक आधुनिक टूल है जो माँ बनने के आपके विकल्प को सुरक्षित रखता है. आपकी उम्र, करियर या निजी वजह जो भी हो, वह आपकी अपनी है और उसकी किसी और से तुलना नहीं की जा सकती. विज्ञान के बारे में जागरूक होना आपको सामाजिक दबाव से बचने और आत्मविश्वास के साथ निर्णय लेने की ताकत देता है. डॉ. इला गुप्ता का मानना है, ‘एग फ्रीजिंग कोई ट्रेंड नहीं है, बल्कि मेडिकल साइंस का एक चमत्कार है. यह महिलाओं को सहजता और भरोसे के साथ अपने भविष्य के लक्ष्यों को पूरा करने का रास्ता देता है.’

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है. मेडिकल इमरजेंसी से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर (IVF Specialist) से सलाह ज़रूर लें.

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