Heart disease Myths vs Facts: आजकल अनहेल्दी लाइफस्टाइल ने कई गंभीर बीमारियों को जन्म दिया है. डायबिटीज और हार्ट से जुड़ी बीमारियां टॉप हैं. दुनिया भर में इन दोनों बीमारियों से पीड़ितों की फेहरिस्त लंबी है. कभी ये बीमारियां उम्रदराज लोगों में देखी जाती थी, लेकिन आज इनके शिकार युवा भी हो रहे हैं. बता दें कि, हार्ट हमारे शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक है. इसके बिना जिंदगी संभव ही नहीं है. इसलिए हार्ट को लाइफ लाइन भी कहा जाता है. यह खून को शुद्ध करके उसे पंप कर शरीर के हर अंग तक पहुंचाने का काम करता है. हार्ट में खून धमनियों के जरिए पहुंचता है और फिर रक्त नलिकाओं से बाकी अंगों तक. इसी तरह जीवनभर साथ रहने वाली डायबिटीज भी जानलेवा साबित होती है. कई ऐसे भी लोग हैं जो डायबिटीज के साथ-साथ हार्ट के भी मरीज हैं. ऐसे में उनका अक्सर एक सवाल होता है कि, क्या डायबिटीज की दवाएं हार्ट डिजीज से बचा सकती हैं? माइनर हार्ट अटैक का कितना होता असर? इन दोनों बीमारियों से जुड़े कुछ मिथ और सच्चाई जानने के लिए India News ने अपोलो हॉस्पिटल नोएडा के सीनियर एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. बीके रॉय और कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका आर्य से बात की-
हार्ट से जुड़ी बीमारियों को लेकर 7 मिथ्स
Myth: डायबिटीज की दवा हार्ट के लिए कितनी सुरक्षित?
Fact: डॉ. रॉय के मुताबिक, डायबिटीज और हार्ट से जुड़ी समस्याएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं. डायबिटीज की बहुत सी प्रॉब्लम्स हार्ट डिजीज के भी रिस्क हैं. डायबिटीज की दवा ब्लड शुगर को कंट्रोल करती है और हार्ट डिजीज के खतरे को भी कम कर सकती है लेकिन यह पूरी तरह हार्ट की सुरक्षा करें, इसमें कोई सच्चाई नहीं है.
Myth: क्या 40 के बाद ही हार्ट की जांच कराना जरूरी है?
Fact: आजकल की हमारी जैसी दिनचर्या है उसमें 40 की उम्र से पहले ही जांच करा लेनी चाहिए. हालांकि, आमतौर पर यही माना जाता है कि, हार्ट की बीमारी 40 की उम्र के बाद ही होती है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, हर किसी को 20 की उम्र से ही कोलेस्ट्रॉल की जांच करानी चाहिए. 9 साल के बच्चों को भी लिपिड प्रोफाइल टेस्ट की जरूरत पड़ती है.
Myth: क्या साइलेंट हार्ट अटैक से पहले कुछ महसूस होता है?
Fact: कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका आर्य कहती हैं कि, जिन लोगों को साइलेंट हार्ट अटैक होता है, उन्हें ऐसा लगता है कि उन्हें सीने में जलन, फ्लू या छाती की मांसपेशियों में खिंचाव हुआ है. लेकिन किसी भी दिल के दौरे की तरह साइलेंट हार्ट अटैक में हार्ट में खून के प्रवाह में रुकावट और मांसपेशियों में कुछ समस्या होने की वजह से हार्ट अटैक होता है.
Myth: क्या हार्ट अटैक और साइलेंट हार्ट अटैक एक ही है?
Fact: साइलेंट हार्ट अटैक एक ऐसा हार्ट अटैक है जिसमें इसमें बिना किसी लक्षण के ही हार्ट अटैक आ जाता है. इस तरह जब तक इसे हार्ट अटैक के रूप में पहचाना जाता है, तबतक मरीज की जान चली जाती है. साइलेंट हार्ट अटैक से सीने में दर्द या सांस की तकलीफ जैसे लक्षण भी नहीं दिखते हैं, जो आमतौर पर दिल के दौरे का सबसे बड़ा लक्षण माना जाता है.
Myth: क्या चेस्ट पेन मतलब हार्ट डिजीज से ही है?
Fact: डॉ. प्रियंका आर्य कहती हैं कि, दिल में दर्द हार्ट डिजीज का एकमात्र संकेत नहीं है. इसके अलावा जबड़े और गर्दन में दर्द भी हार्ट अटैक आने के लक्षण हो सकते हैं. बिना किसी लक्षण के भी हार्ट अटैक आने का खतरा रहता है, इसलिए हमेशा अलर्ट रहना चाहिए. अगर मरीज डायबेटिक है तो और सावधानी की जरूरत है.
Myth: क्या हार्ट के मरीज को सिर्फ उबली चीजें खानी चाहिए?
Fact: हार्ट के मरीजों को ज्यादातर उबली चीजें देना चाहिए… ये बात बहुत हद तक सही बात है. इसीलिए, हेल्थ एक्सपर्ट हार्ट के मरीजों को उबली हुई चीजें खाने की सलाह दी जाती है. तेल, मसाला, नमक से दूर रहे. हार्ट की समस्या होने पर सैचुरेटेड फैट, हाइड्रोजेनेटेड फैट और ट्रांस फैट खाना बंद कर देना चाहिए लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि सिर्फ उबली चीजों का ही सेवन करें.
Myth: क्या माइनर हार्ट अटैक जानलेवा नहीं होता है?
Fact: माइनर हार्ट अटैक छोटा होता है… ये लोगों में भ्रम है. क्योंकि, हार्ट अटैक छोटा हो या बड़ा खतरनाक ही होता है. इसमें लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है. ऐसी स्थिति में सिर्फ और सिर्फ डॉक्टर की ही बात माननी चाहिए. हार्ट की सेहत का हमेशा ख्याल रखना चाहिए, वरना स्थिति गंभीर हो सकती है.