Calorie Burning Workout: आजकल फिट रहने के लिए लोग अलग-अलग तरह के वर्कआउट अपनाते हैं. इन्हीं में से एक है ‘हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT)’ नाम सुनकर यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन सच यह है कि यह वर्कआउट हर उम्र और हर फिटनेस लेवल के लोगों के लिए किया जा सकता है. खास बात यह है कि इसमें कम समय में अच्छा रिजल्ट देखने को मिलता है.
क्लीवलैंडक्लिनिक की एक रिपोर्ट के अनुसार HIIT कोई एक तय एक्सरसाइज नहीं है, बल्कि यह एक तरीका है जिसमें अलग-अलग एक्सरसाइज को तेज और धीमी गति के साथ किया जाता है. यानी कुछ समय के लिए आप ज्यादा तेजी से एक्सरसाइज करते हैं और फिर थोड़ी देर आराम या हल्की गतिविधि करते हैं. यही प्रक्रिया पूरे वर्कआउट के दौरान दोहराई जाती है.
HIIT वर्कआउट क्या होता है?
HIIT का मतलब है कि एक्सरसाइज के दौरान छोटे-छोटे समय के लिए ज्यादा तेज गति से गतिविधि करना और फिर थोड़ी देर आराम या हल्की गति से एक्सरसाइज करना.उदाहरण के लिए आप 20-30 सेकंड तक तेज दौड़ सकते हैं और उसके बाद 30-40 सेकंड धीरे चल सकते हैं. फिर दोबारा यही प्रक्रिया दोहराई जाती है. इस तरह शरीर को अलग-अलग स्तर की मेहनत करनी पड़ती है, जिससे फिटनेस जल्दी बेहतर होती है.अगर इसे ‘हाई इंटेंसिटी’ के लेवल पर किया जाए तो उस समय आपकी सांस तेज चलने लगती है और आप आराम से बात भी नहीं कर पाते. आम तौर पर इस दौरान हार्ट रेट अपने अधिकतम लेवल के लगभग 70% या उससे ज्यादा तक पहुंच सकती है.
HIIT वर्कआउट कैसे किया जाता है?
HIIT वर्कआउट को छोटे-छोटे चैलेंज की तरह समझा जा सकता है. इसमें कुछ समय के लिए शरीर पर ज्यादा मेहनत डाली जाती है और फिर थोड़ी देर रिकवरी दी जाती है.एक सामान्य HIIT सेशन लगभग 10 से 30 मिनट का हो सकता है. हालांकि इसके पहले वार्म-अप और अंत में आराम करना जरूरी होता है.
HIIT में कई तरह की एरोबिक एक्सरसाइज शामिल की जा सकती हैं, जैसे:
- दौड़ना (आउटडोर या ट्रेडमिल पर)
- तेज चलना
- साइकिल चलाना
- सीढ़ियां चढ़ना
- रोइंग मशीन पर एक्सरसाइज
- स्क्वैट जंप, लंज, जंपिंग जैक और बर्पी जैसे बॉडी वेट वर्कआउट
HIIT करने के फायदे
- कम समय में ज्यादा कैलोरी बर्न
- मेटाबॉलिज्म तेज होता है
- वजन और फैट कम करने में मदद
- ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद
- शरीर की मूवमेंट और स्टैमिना बेहतर होता है
क्या HIIT वर्कआउट सुरक्षित है?
ज्यादातर लोगों के लिए HIIT सुरक्षित माना जाता है, लेकिन अगर आपको दिल की बीमारी, जोड़ों का दर्द या कोई पुरानी स्वास्थ्य समस्या है तो वर्कआउट शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहता है.
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