How Many Partner Cause AIDS: असुरक्षित यौन संबंध, यौन संचारित संक्रमणों (एसटीआई) और एचआईवी के फैलने के मुख्य तरीकों में से एक है. दुनिया भर में एचआईवी संक्रमितों की संख्या बढ़ी है. बता दें कि, एचआईवी एड्स ऐसी बीमारी है जिसका लोग नाम तक सुनना पसंद नहीं करते है. आपको जानकर हैरानी होगी कि, भारत में एचआईवी (HIV) के साथ जी रहे लोगों (PLHIV) की अनुमानित संख्या 24 लाख (2.4 million) से अधिक है, जो विश्व में तीसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है. वहीं, डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, पूरी दुनिया में एचआईवी और एड्स के 3.77 लाख मरीज हैं. हालांकि, सरकार के तहत मिलने वाली मुफ्त एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) से नए संक्रमणों में 32% और एड्स से संबंधित मौतों में 69% की कमी आई है. हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो इस बीमारी का सबसे बड़ा कारण असुरक्षित यौन संबंध है. मतलब, अगर किसी को एचआईवी संक्रमण हो जाए और उसके खून या वीर्य या वेजाइनल फ्लूड किसी अन्य में पहुंच जाए तो वह भी एचआईवी पॉजिटिव हो सकता है.
नोएडा की सीनियर मेडिकल ऑफिसर एवं गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. मीरा पाठक कहती हैं कि, एचआईवी के जद में आने पर शरीर की बीमारियों के खिलाफ लड़ने की शक्ति क्षीण हो जाती है और मौत का जोखिम बढ़ जाता है. कुछ साल पहले तक एड्स का इलाज ही नहीं था, लेकिन अब अगर मरीज शुरुआती दौर में डॉक्टर के पास चले जाते हैं तो बीमारी से बचाव संभव है. एड्स को लेकर लोगों के बीच कई सवाल भी होते हैं. जैसे- एचआईवी क्या होता है? कितने पार्टनर संग शारीरिक संबंध बनाने से एड्स होता है? संबंध बनाने में एचआईवी का खतरा अधिक क्यों? एचआईवी कैसे किसी व्यक्ति में फैलता है और यह कब एड्स बन जाता है? आइए जानते हैं इस बारे में-
एचआईवी संक्रमण क्या है?
हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, एचआईवी ऐसी बीमारी है जो एचआईवी वायरस (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस) के संक्रमण के कारण मनुष्यों में प्रतिरक्षा प्रणाली की कमजोरी पैदा करती है. वायरस के शरीर में प्रवेश करने पर यह तेजी से बढ़ता है और रोगी की प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला करता है, जिसमें मैक्रोफेज और टी लिम्फोसाइट्स शामिल हैं. इससे प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है, जिससे सूक्ष्मजीवों का विकास या आक्रमण संभव हो जाता है जो अवसरवादी संक्रमणों का कारण बनते हैं. गौर करने वाली बात यह है कि, एचआईवी वायरस से संक्रमित मनुष्य ही इस बीमारी का एकमात्र स्रोत हैं.

एचआईवी किन-किन कारणों से फैलता है?
एचआईवी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तीन तरीके से फैल सकता है. पहला एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के रक्त से दूषित सुइयों या चिकित्सा उपकरणों का साझा उपयोग करने से, संक्रमित रक्त वाले खुले घावों के संपर्क में आने से और अंग प्रत्यारोपण से. दूसरा एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के साथ असुरक्षित यौन संबंध, यानी कंडोम का यूज न करना, संक्रमण के उच्च जोखिम का कारण बनता है. वहीं, एचआईवी संक्रमित मां से बच्चे में वायरस फैलने की 30% संभावना होती है. नवजात शिशु गर्भावस्था के दौरान गर्भनाल के माध्यम से या प्रसव के समय गर्भनाल द्रव, योनि स्राव या वायरस युक्त रक्त के माध्यम से मां से एचआईवी से संक्रमित हो सकते हैं. इसके अलावा, स्तन के दूध में भी वायरस की कुछ मात्रा हो सकती है, जिससे स्तनपान के दौरान शिशु संक्रमित हो सकता है. हालांकि, कई ऐसे मामले भी हैं जहां एचआईवी संक्रमित माताओं से पैदा हुए बच्चों में वायरस की जांच नेगेटिव आती है.
कितने पार्टनर से संबंध बनाने से होगा एड्स?
डॉ. मीरा पाठक कहती हैं कि, AIDS ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस के कारण होता है. एचआईवी कितने पार्टनर से संबंध बनाने से फैलता है? इस पर एक बात क्लियर कर दूं कि, यह सीधे तौर पर पार्टनर की संख्या से नहीं होता है. इस वायरस को इस तरह से समझिए कि, अगर व्यक्ति के कई यौन साथी (sexual partners) हैं, और उनमें से किसी साथी को HIV है तो दूसरे में भी इसके फैलने खतरा बढ़ जाएगा. खासकर उनमें जिनके किसी भी साथी को HIV हो, असुरक्षित यौन संबंध (बिना कंडोम) बनाए जाएं या साथ में कोई अन्य यौन संचारित रोग (STI) हो. ऐसी स्थिति में अगर एक भी साथी HIV पॉजिटिव है, तो उससे दूसरे को भी HIV हो सकता है. हालांकि, जिसके जितने अधिक पार्टनर होंगे, अगर सुरक्षा ना हो तो संक्रमण का खतरा उतना ही बढ़ेगा.
एड्स को लेकर क्या हैं भ्रांतियां
डॉक्टर बताती हैं कि, एड्स को लेकर समाज में कई ऐसी भ्रांतियां फैली हैं, जिसका बीमारी से कोई लेना-देना ही नहीं है. जैसे- कई लोग मानते हैं कि कई पार्टनर संग शारीरिक संबंध बनाने से एड्स हो जाता है. लेकिन, ऐसा बिलकुल नहीं है. एड्स तभी होता है जब कोई संक्रमित व्यक्ति असुरक्षित संबंध बनाता है. इसके अलावा, लोगों में भ्रम है कि, एचआईवी संक्रमित व्यक्ति की यूज्ड टॉयलेट सीट से भी एड्स होता है. एचआईवी संक्रमित की बेड सीट, टावल या विस्तर यूज करने से एड्स होता है. यदि आप भी यही कुछ सोच रहें हैं तो यकीन मानिए आप गलत हैं.
एचआईवी के लक्षण क्या हैं?
एचआईवी का कोई ऐसा खास लक्षण नहीं है, जिससे अंदाजा लगाया जा सके कि सामने वाला व्यक्ति संक्रमित है. यानी लक्षण बहुत ही कॉमन हैं. चोट लगने पर जल्दी न उबर पाना, कोई भी बीमारी का जल्दी ठीक न होना, बुखार आना, रात में पसीना आना, अधिक कमजोरी और थकान रहना, अधिक ठंड और गले में खराश रहना. इसके अलावा, मसल्स में पेन, स्किन पर चकते, दाने या रैशेज निकलने लगते हैं. वहीं, कुछ नसें भी फूल जाती है.
एचआईवी से सुरक्षित रहने के उपाय
हर बार संबंध बनाने पर कंडोम का इस्तेमाल करें.
अपने और साथी का HIV टेस्ट कराएं और स्थिति जानें.
कभी भी किसी के साथ सुई या इंजेक्शन साझा न करें.
अगर आप हाई-रिस्क ग्रुप में हैं, तो डॉक्टर से PrEP (प्रि-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस) यानी एचआईवी से बचाने वाली दवा के बारे में बात करें.