Sexual Disorder Problem: सेक्सुअल डिसऑर्डर वह स्थिति है जब किसी व्यक्ति या कपल को यौन संबंधों में संतुष्टि नहीं मिलती या इच्छा, उत्तेजना, ऑर्गेज्म या आराम से जुड़ी समस्या बनी रहती है. इसके पीछे तनाव, हार्मोनल बदलाव, कुछ बीमारियां, दवाइयों के साइड इफेक्ट या रिश्तों में कम्युनिकेशन की कमी जैसे कारण हो सकते हैं. लंबे समय तक इसे नजरअंदाज करने से रिश्तों में दूरी और वैवाहिक तनाव बढ़ सकता है.
नोएडा के एक सेक्शुअल एक्सपर्ट के अनुसार पार्टनर से खुलकर बात करना, लाइफस्टाइल सुधारना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या काउंसलर की मदद लेना ज्यादातर मामलों में इस समस्या को ठीक करने में सहायक होता है.
सेक्शुअल डिसऑर्डर क्या होता है
सेक्शुअल डिसऑर्डर उस स्थिति को कहा जाता है जब किसी व्यक्ति या कपल को यौन जीवन में संतुष्टि महसूस नहीं होती या इच्छा, उत्तेजना, प्रदर्शन या आनंद से जुड़ी समस्या लगातार बनी रहती है. नोएडा के सेक्शुअल एक्सपर्ट के अनुसार, यह समस्या बहुत आम है लेकिन लोग झिझक के कारण इस पर खुलकर बात नहीं करते. कभी-कभी व्यक्ति की इच्छा कम हो जाती है, शरीर ठीक से प्रतिक्रिया नहीं देता या ऑर्गेज्म तक पहुंचने में दिक्कत होती है. यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है और पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं को भी प्रभावित करती है.
इसके कारण और लक्षण
इस तरह की परेशानी के पीछे कई शारीरिक और मानसिक वजहें हो सकती हैं. नोएडा के सेक्शुअल एक्सपर्ट के अनुसार, ज्यादा तनाव, चिंता, डिप्रेशन, रिश्तों में कम्युनिकेशन की कमी, हार्मोनल बदलाव या कुछ दवाइयों के साइड इफेक्ट इसकी बड़ी वजह बनते हैं. पुरुषों में इरेक्शन बनाए रखने में कठिनाई, समय से पहले स्खलन या इच्छा की कमी दिखाई दे सकती है. वहीं महिलाओं में योनि में सूखापन, दर्द या ऑर्गेज्म तक न पहुंच पाना जैसे लक्षण दिखते हैं. डायबिटीज, हृदय रोग, नसों से जुड़ी बीमारियां, शराब या नशीले पदार्थों का सेवन भी यौन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है.
इसका असर और समाधान क्या है
जब इन समस्याओं को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाता है, तो रिश्तों में दूरी, असंतोष और भावनात्मक तनाव बढ़ सकता है, जो कई बार वैवाहिक जीवन पर गंभीर असर डालता है. नोएडा के सेक्शुअल एक्सपर्ट के अनुसार, सबसे जरूरी है कि पार्टनर के साथ खुलकर बात की जाए और समस्या को छिपाने के बजाय समाधान खोजा जाए. लाइफस्टाइल में सुधार, तनाव कम करना, सही डाइट और पर्याप्त नींद भी मददगार होते हैं. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर, काउंसलर या सेक्स थेरेपिस्ट की सलाह से दवाओं, थेरेपी या अन्य उपचारों के जरिए ज्यादातर मामलों में स्थिति बेहतर की जा सकती है और स्वस्थ व संतोषजनक दांपत्य जीवन फिर से पाया जा सकता है.