International Women’s Day 2026: दुनियाभर में 8 मार्च का दिन महिलाओं को समर्पित है. क्योंकि, 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day 2026) के रूप में मनाया जाता है. ऐसे में महिलाओं से जुड़ी तमाम बातें होती हैं. अगर बात सेहत की करें तो यह एक ऐसा विषय है, जिसे किसी दिन विशेष पर नहीं, हर रोज होनी चाहिए. जी हां, एक नारी ही तो है जो पारिवारिक और ऑफिस की जिम्मेदारी निभाते-निभाते खुद का ध्यान रखना भूल जाती हैं. फिर चाहें वो शारीरिक हो, मानसिक हो या प्रेग्नेंसी का वो दौर हो. अगर बात प्रेग्नेंसी की करें तो इस दौरान भी महिलाएं कई गंभीर परेशानियों से जूझती हुई आगे बढ़ती हैं.
हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, गर्भावस्था के दौरान होने वाली बीमारियों में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना इनमें से एक है. इस बीमारी की अनदेखी पेट में पल रहे बच्चे की सेहत पर गहरा असर डाल सकती है. ऐसे में जरूरी है कि इस दौरान प्रॉपर हेल्थ चेकअप और हेल्दी डाइट लें. अब सवाल है कि आखिर प्रेग्नेंसी में हाई कोलेस्ट्रॉल बच्चे के लिए कैसे घातक? प्रेग्नेंसी में हाई कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर बच्चे को किन बीमारियों का खतरा? इस बारे में India News को बता रही हैं एम्स रायबरेली की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. ज्योत्सना देवी-
प्रेग्नेंसी में कोलेस्ट्रॉल कब और कैसे बढ़ता?
डॉ. ज्योत्सना कहती हैं कि, प्रग्नेंसी के शुरुआती 3 महीने के दौरान शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने का जोखिम अधिक होता है. इसका मुख्य कारण अनहेल्दी लाइफस्टाइल और गलत खानपान है. इसके चलते महिलाओं में कई तरह के हार्मोनल चेंजेज होते हैं, जिसकी वजह से कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है. कोलेस्ट्रॉल की स्थिति में शरीर पर फैट जमने लगता है, जिससे ऑर्गेनिक मॉलिक्यूल होता है. इससे टेस्टोस्टरॉन और एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल इनबैलेंस होता है, जिससे हाई कोलेस्ट्रॉल की दिक्कत हो सकती है.
हाई कोलेस्ट्रॉल से भ्रूण को क्या खतरे होते हैं?
प्रीटर्म बर्थ: गर्भावस्था के दौरान खुद से ज्यादा पेट में पल रहे बच्चे का ख्याल रखना बेहद जरूरी है. इसी समय कई महिलाओं में हाई कोलेस्ट्रॉल की भी समस्या हो जाती है. इसके सबसे बड़ा कारण है गलत खानपान. बता दें कि, प्रेग्नेंसी के दौरान हाई कोलेस्ट्रॉल से कई बार समय से पहले डिलीवरी हो सकती है.
लो बर्थ वेट: प्रेग्नेंसी के दौरान आपका खानपान आपके बच्चे के स्वास्थ्य पर असर डालता है. क्योंकि कई महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान कोलेस्टॉल बढ़ने की समस्या होती है. दरअसल, गर्भवती महिलाओं को हाई कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से पैदा होना वाला बच्चा अंडरवेट होने का खतरा हो सकता है.
बच्चे को हार्ट प्रॉब्लम: गर्भवती महिला में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना बच्चे के लिए घातक हो सकता है. बता दें कि, यदि किसी गर्भवती महिला को हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, तो इससे जन्म ले रहे बच्चे में हार्ट से जुड़ी दिक्कत हो सकती है. ऐसे में जरूरी है कि खुद का शुरुआत से ही ख्याल रखा जाए.
भ्रूण का विकास रुकना: प्रेग्नेंसी में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास धीमा पड़ सकता है. इसके अलावा, हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण गर्भवती महिलाओं में भी ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस होने का खतरा बढ़ जाता है. इससे बचाव के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाना सबसे आसान उपाय है.
प्रेग्नेंसी में महिलाओं को इन बीमारियों का भी खतरा
जेस्टेशनल डायबिटीज: प्रेग्नेंसी के दौरान खुद का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है. क्योंकि जब आप फिट रहेंगी, तभी पेट में पल रहा बच्चा भी हेल्दी रहेगा. बता दें कि, यदि किसी महिला को गर्भावस्था के दौरान कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है तो जेस्टेशनल डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में जरूरी है कि अपनी डाइट में सुधार करें.
प्रीक्लेम्पसिया: प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादातर महिलाओं को हाई ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है. दरअसल इसका सीधा संबंध आपके बढ़े हुए हाई कोलेस्ट्रॉल से होता है. आमतौर पर हाई कोलेस्ट्रॉल ही हाई ब्लड प्रेशर का कारण बनता है. इससे प्रीक्लेम्पसिया होने का भी खतरा बढ़ सकता है.