Aluminium Foil Side Effects: आजकल घरों में रोटी, परांठा या सैंडविच को देर तक गर्म रखने के लिए एल्युमिनियम फॉयल का प्रयोग धड़ल्ले से किया जाता है. चाहें वो स्कूल जाते बच्चे हों या फिर ऑफिस जाते घर के अन्य सदस्य हों. बेशक इसके इस्तेमाल से खाना गर्म रहे, लेकिन सेहत ठीक रहेगी या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं. क्योंकि, हेल्थ एक्सपर्ट इसके इस्तेमाल को सही नहीं मानते हैं. आप भी अगर इसके नुकसान जानेंगे तो सिर पकड़ लेंगे.
एक्सपर्ट कहते हैं कि, वैसे तो एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल करना बिलकुल ठीक नहीं है. लेकिन, अम्लीय पदार्थों को तो भूलकर भी नहीं रखना चाहिए. ऐसा करने से यह खाना फायदे की जगह नुकसान दे सकता है. इसके साथ ही खाने को अखबार में भी रखने से बचना चाहिए, क्योंकि इसमें लगी नुकसानदायक इंक आपकी सेहत को बिगाड़ सकती है. अब सवाल है कि आखिर एल्युमिनियम फॉयल में खाना क्यों नहीं रखना चाहिए? एल्युमिनियम फॉयल में खाना रखने के नुकसान क्या हैं? इस बारे में India News को बता रहे हैं फेलिक्स हॉस्पिटल नोएडा के चेयरमैन डॉ. डीके गुप्ता-
एल्युमिनियम फॉयल का सेहत पर असर
बहुत गर्म खाना पैक न करें: खाने को अधिक समय तक गर्म रखने के लिए कई बार लोग बहुत गर्म खाना एल्युमिनियम फॉयल में पैक कर देते हैं. ये आपकी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता होता है. दरअसल, एकदम गर्म खाना पैक करने से उसमें मौजूद केमिकल खाने में मिल जाता है. नियमित ऐसा खाना खाने से लोगों को भूलने की बीमारी (अल्जाइमर) होने का खतरा बढ़ता है.
इन चीजों को पैक करने से बचें: डॉ. डीके गुप्ता के मुताबिक, एल्युमिनियम फॉयल में अम्लीय पादार्थों को भूलकर भी पैक नहीं करना चाहिए. खासतौर पर टमाटर से बनी चटनी, सिट्रिक फल जैसे फूड्स को. दरअसल, ये चीजें पैक करने से जल्दी खराब हो सकती हैं. इसके अलावा, इनका केमिकल बैलेंस भी बिगड़ सकता है.
बासी खाना न रखें: रात के बचे खाना यानी बासी खाने को भूलकर भी एल्युमिनियम फॉयल में पैक करने से बचना चाहिए. ऐसा करने से इसका केमिकल खाने के साथ मिलकर इसे खराब कर देता है. इसके बाद यदि आप इस खाने को खाते हैं तो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है.
इन बीमारियों का जोखिम: लंबे समय तक अधिक मात्रा में एल्युमिनियम का सेवन हड्डियों की समस्याओं, गुर्दे पर दबाव और नर्वस सिस्टम संबंधित समस्याओं का कारण बन सकता है, खासकर गुर्दे की बीमारी से पीड़ित लोगों में, जिनका शरीर एल्युमिनियम को आसानी से बाहर नहीं निकाल पाता है.
बेकिंग के लिए एल्युमिनियम फॉयल का यूज
2024 में फूड बायोसाइंस जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में ये जानकारी सामने आयी कि एल्युमिनियम फॉयल में लपेट कर हाई फ्लेम में भुनी हुई मछली में मेटल की मात्रा बहुत ज्यादा थी. मछली भूनने के बाद फॉयल के वजन में प्रतिशत कमी आयी थी, जिससे पता चलता है कि उसमें मौजूद धातुएं मछली में रिसकर मिल गईं.
फूड में एल्युमिनियम फॉयल से टॉक्सिन मिलने का रिस्क
एक अन्य अध्ययन में बेकिंग प्रक्रिया के दौरान एल्युमीनियम फॉयल से एल्युमीनियम के रिसाव की मात्रा का अनुमान लगाया गया. शोधकर्ताओं ने पाया कि बेक किए गए खाद्य पदार्थों, जिनमें अटलांटिक सैल्मन, मैकेरल, डक ब्रेस्ट, हरमेलिन चीज, टमाटर, पेपरिका, कार्ल्सबैड पकौड़ी, पोर्क रोस्ट, पोर्क नेक, चिकन ब्रेस्ट और चिकन थाई शामिल थे, में एल्युमीनियम की मात्रा 40 गुना बढ़ गई.
एल्युमिनियम फॉयल में क्या नहीं पैक करना चाहिए
एल्युमिनियम एसिडिटिक और नमकीन फूड्स जैसे टमाटर, नींबू, सिरका, अचार और मसालेदार ग्रेवी के साथ प्रतिक्रिया करता है. ऐसे में जब इन खाद्य पदार्थों को एल्युमिनियम फॉयल या डिब्बों में पकाया या स्टोर किया जाता है, तो कुछ मात्रा में एल्युमिनियम भोजन में मिल सकता है.