Magnesium Symptoms: आज की लाइफस्टाइल में बहुत से लोग अपने खानपान से पर्याप्त मैग्नीशियम नहीं ले पाते, जिससे समय के साथ कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं. आपको बता दें कि मैग्नीशियम हमारे शरीर के लिए एक बेहद जरूरी मिनरल है. यह शरीर में 300 से ज्यादा एंजाइम रिएक्शन में अहम भूमिका निभाता है. मांसपेशियों की सही कार्यप्रणाली, नसों को मजबूत रखने, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करने में मैग्नीशियम का बड़ा योगदान होता है. एक वयस्क व्यक्ति के शरीर में लगभग '25 ग्राम मैग्नीशियम' होता है, जिसमें से करीब 50-60 प्रतिशत हड्डियों में जमा रहता है. बाकी हिस्सा मांसपेशियों, टिश्यू और शरीर के तरल पदार्थों में पाया जाता है. मैग्नीशियम के फायदे 1. हड्डियों को मजबूत बनाता है अक्सर हड्डियों के लिए सिर्फ कैल्शियम को जरूरी माना जाता है, लेकिन मैग्नीशियम भी उतना ही अहम है. यह कैल्शियम और विटामिन D को संतुलित करने में मदद करता है, जिससे हड्डियां मजबूत रहती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम होता है. 2. डायबिटीज के खतरे को कम करता है मैग्नीशियम ब्लड शुगर को कंट्रोल करने और इंसुलिन को सही तरीके से काम करने में मदद करता है. जिन लोगों में मैग्नीशियम की कमी होती है, उनमें टाइप-2 डायबिटीज का खतरा ज्यादा देखा गया है. 3. दिल को रखता है स्वस्थ मैग्नीशियम हार्ट मसल्स के लिए बेहद जरूरी है. इसकी कमी से हार्ट बीट अनियमित हो सकती है और हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है. पर्याप्त मैग्नीशियम लेने से स्ट्रोक का खतरा भी कम हो सकता है. 4. माइग्रेन और सिरदर्द में राहत जिन लोगों को बार-बार माइग्रेन की समस्या होती है, उनमें अक्सर मैग्नीशियम की कमी पाई जाती है. डॉक्टरों की सलाह से लिया गया मैग्नीशियम सिरदर्द की तीव्रता और बार-बार होने की समस्या को कम कर सकता है. 5. पीरियड्स से पहले होने वाली समस्याओं में मदद महिलाओं में पीरियड्स से पहले होने वाली सूजन, मूड स्विंग और स्तनों में दर्द को मैग्नीशियम कम करने में सहायक हो सकता है. रोजाना कितनी मात्रा में चाहिए मैग्नीशियम? पुरुष (19–50 वर्ष): 400- 420 mg महिलाएं (19–50 वर्ष): 310- 320 mg गर्भावस्था में महिलाओं को सामान्य से लगभग 40 mg ज्यादा मैग्नीशियम की जरूरत होती है. मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत बादाम काजू पालक और हरी सब्जियां मूंगफली और पीनट बटर साबुत अनाज ओट्स केला एवोकाडो दही काले चने और राजमा रिफाइंड आटे की बजाय साबुत अनाज लेना ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि प्रोसेसिंग में मैग्नीशियम कम हो जाता है. मैग्नीशियम की कमी के लक्षण शुरुआती लक्षण- भूख कम लगना मतली या उल्टी थकान कमजोरी गंभीर लक्षण- मांसपेशियों में ऐंठन हाथ-पैरों में झनझनाहट दौरे पड़ना दिल की धड़कन का अनियमित होना मूड में बदलाव क्या मैग्नीशियम सप्लीमेंट लेना चाहिए? विशेषज्ञों के अनुसार, मैग्नीशियम खाने से लेना सबसे बेहतर होता है. सप्लीमेंट तभी लें जब डॉक्टर सलाह दें, क्योंकि पोषक तत्व खाने से ज्यादा असरदार तरीके से काम करते हैं. Disclaimer : प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. INDIA News इसकी पुष्टि नहीं करता है.