Maharashtra Students: महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से एक चौंकाने वाली खबर है. यहां एक जिला परिषद स्कूल के 19 छात्र आयरन की ओवरडोज लेने से बीमार हो गए. इसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. अधिकारियों ने शुक्रवार को इन जानकारी की पुष्टि की. घटना के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं. हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, आयरन की सीमित डोज सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन ओवरडोज नुकसानदायक हो सकती है. जैसा कि, महाराष्ट्र में छात्रों के साथ हुआ. अब सवाल है कि आखिर आयरन क्या है? सेहत के लिए यह जरूरी क्यों? आयरन के फायदे क्या हैं? ओवरडोज आयरन के नुकसान क्या हैं? आइए जानते हैं इस बारे में-
आयरन की गोलियां बनी खतरा
अधिकारियों के मुताबिक, छात्रों को हर सोमवार को आयरन की गोलियां दी जाती हैं. हालांकि, मंगलवार को जब टीचर नहीं थे, तो ZP स्कूल के कुछ छात्रों ने कथित तौर पर ज़्यादा गोलियां खा लीं. बुधवार रात कुल 19 छात्रों ने जी मिचलाने, चक्कर आने और “बहुत ज़्यादा बीमार” महसूस करने की शिकायत की. ज़िला परिषद के ज़िला स्वास्थ्य अधिकारी अशोक कटारे ने बताया कि इसके बाद स्कूल प्रशासन ने एंबुलेंस बुलाई और उन्हें चंद्रपुर ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया डॉक्टरों के मुताबिक, 16 छात्रों की हालत स्थिर है. उन्होंने बताया कि तीन निगरानी में हैं.
आयरन क्या और सेहत के लिए जरूरी क्यों?
हेल्थलाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हीमोग्लोबिन एक प्रोटीन है जो रेड ब्लड सेल्स (आरबीसी) में ऑक्सीजन ले जाने का काम करता है. आयरन हार्मोन बनाने और नर्व्स सिस्टम की फंक्शनिंग के लिए भी जरूरी है. अगर शरीर में आयरन की कमी हो जाए तो एनीमिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं. आयरन लेवल को बनाए रखने के लिए आयरन सप्लीमेंट्स, जैसे कि आयरन साल्ट और आयरन की गोलियां ली जाती हैं. डॉक्टरों की सलाह के अनुसार इन्हें लेना सामान्यता सुरक्षित है, लेकिन आयरन की गोलियों के ज्यादा सेवन के गंभीर नुकसान भी हैं. इसलिए डॉक्टर की सलाह से ही आयरन की डोज लेना चाहिए.
ज्यादा मात्रा में खाने के क्या नुकसान
राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय लखनऊ की डॉ. शचि श्रीवास्तव कहती हैं कि वैसे तो आयरन की गोलियों के बहुत फायदे हैं. यह हार्मोन बनाने और तंत्रिका तंत्र की सामान्य कार्यप्रणाली के लिए भी जरूरी है और तमाम प्रकार के शारीरिक विकारों को दूर करने के काम आता है, लेकिन अगर आयरन की गोलियों को ज्यादा मात्रा में खाया जाए तो यह शरीर में कई बड़ी समस्याएं भी पैदा कर सकती हैं. वह कहती हैं, ‘आयरन सप्लीमेंट्स को ज्यादा मात्रा में लेने से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल प्रॉब्लम जैसे सूजन, कब्ज, दस्त, गैस और पेट में क्रैम्प्स पैदा हो सकते हैं.
किस उम्र के लिए कितने आयरन की ज़रूरत है?
- 19 साल और उससे ज़्यादा उम्र के पुरुषों के लिए रोज़ाना 8.7mg
- 19 से 49 साल की महिलाओं के लिए रोज़ाना 14.8mg
- 50 साल और उससे ज़्यादा उम्र की महिलाओं के लिए रोज़ाना 8.7mg
- जिन महिलाओं को 50 साल की उम्र के बाद भी पीरियड्स आते रहते हैं, उन्हें 19 से 49 साल की महिलाओं के बराबर आयरन की ज़रूरत हो सकती है.