पीएम नरेन्द्र मोदी की फिटनेस और एक्टिवनेस का राज उनकी डाइट ही नहीं बल्कि योगा को भी जाता है. पीएम मोदी को कुछ ऐसे योगा आसन पसंद है जो उन्हें केवल एनर्जी नहीं देते बल्कि लाखों लोगों को प्रेरित भी करते हैं, आइए जानते है उन खास आसान के बारे में..
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हर साल 17 सितंबर को जन्मदिन मनाया जाता है और इस दिन पर सभी लोग उनको खूब सारी शुभकामनाएं देते हैं. मोदी जी सिर्फ न केवल एक अच्छे नेता के रूप में जाने जाते हैं बल्कि उनकी फिटनेस और एनर्जी की भी हर जगह तारीफ होती है. इतनी ज्यादा उम्र होने के बाद भी उनका चेहरा हमेशा चमकता रहता है और उनकी पर्सनैलिटी हर समय दुरुस्त नजर आती है.अक्सर लोग यह सोचकर हैरान हो जाते हैं कि आखिर उनका एक्टिव रहने का राज क्या है? दरअसल मोदी जी की फिटनेस का असली मंत्र है योगा और डिसिप्लिन लाइफस्टाइल. वह रोजाना योगा करते हैं और अपनी लाइफ स्टाइल का उस अहम हिस्सा मानते हैं.

त्रिकोणासन बैलेंस और स्ट्रैंथ का कॉम्बीनेशन
त्रिकोणासन एक ऐसा आसान है जिसमें शरीर का बैलेंस और लचीलापन दोनों साथ-साथ बढ़ते हैं, इस आसन को करते समय पैरों को फैलाकर हाथों को साइड में खोलकर झुकना होता है. मोदी जी इसको इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि गर्दन, कमर और पीठ की मसल्स को मजबूत बनाता है.
ताड़ासन लंबाई और पोस्चर सुधारने का सबसे अच्छा तरीका
ताड़ासन को सबसे आसान इसलिए माना जाता है क्योंकि इसमें व्यक्ति को केवल पंजों के बाल खड़े होकर हाथों को ऊपर की ओर खींचना होता है जैसे की कोई आसमान छूने की कोशिश कर रहा हो. पीएम मोदी का मानना है कि यह आसन शरीर को उतना ही जरूरी होता है जितना सुबह उठकर ताजा हवा जरूरी होती है यह रीड की हड्डी को सीधा रखता है और हमारे शरीर के पोस्चर को सही बनाता है.
वज्रासन और अर्धचक्रासन पाचन से लेकर वजन कंट्रोल तक में सहायक
वज्रासन का नाम सुनते ही सबसे पहले पाचन से जुड़ा फायदा ध्यान में आता है, मोदी जी इस आसन को रोजाना अपनी लाइफ स्टाइल का हिस्सा मानते हैं क्योंकि वह भोजन के बाद बैठने का सबसे सुरक्षित और असरदार आसान है. यह डाइजेशन सिस्टम को बेहतर बनाता है और हमारे ब्लड सर्कुलेशन को भी सही रखता है. वही अर्धचक्रासन को वह खास तौर पर इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि यह कमर और पेट की मसल्स को मजबूत करता है.
भुजंगासन स्ट्रेस रिलीफ और एनर्जी का सोर्स
भुजंगासन को सबसे ज्यादा शक्तिशाली आसान माना जाता है, पीएम मोदी इसे अपनी डेली लाइफ स्टाइल का यह इम्पोर्टेंट हिस्सा मानते हैं. इसके अंदर पेट के बल लेटकर हाथों की मदद से सीना ऊपर उठने की कोशिश करनी होती है या आसान रीड की हड्डी को लचीलापन देता है और लंबे समय तक काम करने के बाद जब आपको थकान महसूस हो तो भुजंगासन से आपके शरीर को नई एनर्जी मिलती है. इसके अलावा यह आपका स्ट्रेस और चिंता को भी कम करने में मदद कर साबित होता है.
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