न्यू ईयर सेलिब्रेशन पर इस साल सिर्फ नोएडा में लोगों ने लगभग 34 लाख लीटर शराब पी, जो 31 दिसंबर 2023 को खपत हुई 3 लाख लीटर शराब से कहीं अधिक था. सेलिब्रेशन के नाम पर शराब लोगों का पसंदीदा पेय पदार्थ बन चुकी है. शादी से लेकर बर्थडे पार्टी तक कोई भी जश्न बिना शराब के पूरा नहीं होता.
स्वास्थ्य जोखिमों के बावजूद शराब का बढ़ता उपयोग इसकी लोकप्रियता को प्रदर्शित करती है. मानव सभ्यता के विकास के साथ ही शराब के विकास की भी कहानी शुरू हो गयी थी.
मानव सभ्यता के साथ शुरू हुई शराब की यात्रा
शराब की यात्रा खुद इंसानी सभ्यता की तरह है. वैदिक काल में सोम रस के नाम से पेय पदार्थ का सेवन किया जाता था, जिसे शराब के समकक्ष ही माना जाता है. इसी तरह दुनियाभर की विविध सभ्यताओं जैसे मेसोपोटामिया, मिस्र और चीन की सभ्यता में भी अलग-अलग तरह की शराब के इस्तेमाल का ऐतिहासिक वर्णन देखने को मिलता है.
शराब बनाने के सबूत 13,000 साल पहले इजराइल की राकेफेट गुफा में मिलते हैं, जहां पत्थर की ओखलियों में नटुफियन दफन स्थल पर दलिया जैसी बीयर के अवशेष मिले थे. लगभग 9,000 साल पहले चीन के जिआहू गांव में, पुरातत्वविदों ने चावल, शहद और फल के एक फर्मेंटेड मिश्रण का पता लगाया, जिससे पता चलता है कि फर्मेंटेशन की शुरुआत स्थानीय खाद्य पदार्थों से हुई थी. मजदूर वर्ग से लेकर शासक वर्ग तक शराब का सेवन करते थे, हालांकि हर स्तर के लोगों द्वारा उपभोग की जाने वाली शराब की क्वालिटी में अंतर होता था.
प्राचीन मिस्र में, पिरामिड बनाने वाले मज़दूरों को रोज़ाना लगभग 4 लीटर बीयर सुरक्षित हाइड्रेशन के लिए मिलती थी, जिसका उत्पादन हिएराकोनपोलिस जैसी शराब की भट्टियों में होता था, जहाँ 3,400 ईसा पूर्व तक रोज़ाना 1,100 लीटर से ज्यादा बीयर बनती थी.
भारत में, चरक संहिता जैसे आयुर्वेदिक ग्रंथों में ‘सुरा’; चावल या गन्ने के फर्मेंटेशन से बनी शराब को सीमित मात्रा में औषधीय बताया गया है.
आधुनिक समय में शराब का उपयोग
औद्योगिक युग में युवाओं के बीच शराब का क्रेज तेजी से बढ़ने लगा. आज 2.3 अरब लोग शराब का सेवन करते हैं, जिसमें 15 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए वैश्विक स्तर पर प्रति व्यक्ति शराब सेवन सालाना लगभग 5.5 लीटर है. शराब की मार्केटिंग इसे ग्लैमर, कूल होने और जवानी से जोड़ती है, जिससे लोगों के बीच इसका चलन और तेजी से बढ़ रहा है.
स्वास्थ्य संकट और विशेषज्ञों की चेतावनी
2023 के लैंसेट अध्ययन में कहा गया है कि शराब का कोई सुरक्षित स्तर नहीं है, जिससे पहले के कम मात्रा में शराब पीने के फायदों वाली बात गलत साबित होती है. WHO इसे कैंसर, लिवर की बीमारी, दिल की समस्याओं और दुर्घटनाओं से होने वाली सालाना 2.6-3 मिलियन मौतों से जोड़ता है – जो दुनिया भर में होने वाली कुल मौतों का 5.3% है. विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक से लेकर दिल का दौरा और अनियमित हृदय गति तक, अत्यधिक शराब का सेवन हृदय स्वास्थ्य पर विनाशकारी प्रभाव डाल सकता है.
इसके अलावा अत्यधिक शराब पीने के सबसे गंभीर लक्षणों में से एक है सामाजिक जीवन में व्यवधान. शराब के सेवन के कारण व्यक्तिगत और व्यावसायिक संबंधों में नाटकीय परिवर्तन आते हैं, जो लोगों के निजी जीवन और सामाजिक छवि को नकारात्मक तरीके से प्रभावित करते हैं.