Live TV
Search
Home > हेल्थ > प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में सांस क्यों फूलने लगती है? चौंकने वाली है वजह, इन उपायों से मिलेगी राहत

प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में सांस क्यों फूलने लगती है? चौंकने वाली है वजह, इन उपायों से मिलेगी राहत

Pregnancy Problems: प्रेग्नेंसी को 9 महीनों को तीन चरणों में बांटों गया है, जिन्हें तिमाही (Trimesters) कहा जाता है. शुरुआती महीनों में जहां उल्टी, कमजोरी, थकान और खाने की इच्छा न होने जैसी समस्याएं होती हैं, तो वहीं तीसरे ट्राइमेस्टर में पहुंचते ही कई महिलाओं को सांस फूलने की समस्या महसूस होने लगती है. अब सवाल है कि आखिर तीसरे ट्राइमेस्टर में सांस फूलने का कारण? डॉक्टर से मिलने जरूरत कब? सांस फूलने की परेशानी कैसे दूर करें? इस बारे में बता रही हैं एम्स रायबरेली की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. ज्योत्सना देवी-

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: April 7, 2026 14:25:46 IST

Mobile Ads 1x1

Pregnancy Problems: प्रेग्नेंसी हर महिला के लिए बेहद सुखद एहसास है. यह वक्त जितना खुशी का होता है, उतना ही जोखिम भरा भी. दरअसल, प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई बड़े बदलाव आते हैं. बता दें कि, प्रेग्नेंसी को 9 महीनों को तीन चरणों में बांटों गया है, जिन्हें तिमाही (Trimesters) कहा जाता है. प्रत्येक चरण लगभग 13-14 सप्ताह का होता है, जिसमें भ्रूण का विकास और मां के शरीर में काफी बदलाव होते हैं. इसके शुरुआती महीनों में जहां उल्टी, कमजोरी, थकान और खाने की इच्छा न होने जैसी समस्याएं आती हैं, तो वहीं तीसरे ट्राइमेस्टर में पहुंचते ही कई महिलाओं को सांस फूलने की समस्या महसूस होने लगती है. कई बार उन्हें चलने, उठने-बैठने या बात करते समय भी सांस लेने में दिक्कत होने लगती है. ऐसा होने से अक्सर लोग घबरा जाते हैं. हालांकि, अधिकतर मामलों में यह एक सामान्य स्थिति होती है. लेकिन परेशानी बढ़े तो डॉक्टर की सलाह जरूरी है.

अब सवाल है कि आखिर तीसरे ट्राइमेस्टर में सांस फूलना कितना सामान्य है? प्रेग्नेंसी के 9वें महीने में सास फूलने का कारण? डॉक्टर से मिलने जरूरत कब? सांस फूलने की परेशानी कैसे दूर करें? इस बारे में India News को बता रही हैं एम्स रायबरेली की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. ज्योत्सना देवी-

प्रेग्नेंसी में सांस फूलने का कारण क्या है?

प्रेग्नेंसी के तीसरे ट्राइमेस्टर यानी अंतिम महीनों में सांस फूलना बहुत कॉमन है. इस दौरान बोलते समय हांफी निकल जाती है. डॉ. ज्योत्सना कहती हैं कि, जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, यूट्रस का आकार बढ़ जाता है. इससे पेट के अंदर जगह कम हो जाती है और फेफड़ों पर दबाव पड़ने लगता है. जब फेफड़े पूरी तरह फैल नहीं पाते, तो शरीर को जरूरत के मुताबिक ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और सांस फूलने लगती है. ऐसी स्थिति में गर्भवती के ज्यादा बोलने, सीढ़ियां चढ़ने या तेजी से चलने पर यह परेशानी और ज्यादा महसूस होने लगती है. इस स्थिति में घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि यह समस्या आमतौर पर डिलीवरी के बाद खुद से ठीक हो जाती है.

सांस लेने में कब हो सकती परेशानी?

डॉक्टर कहती हैं कि, अगर प्रेग्नेंट महिला को सांस फूलने की हल्की-फुल्की दिक्कत है, तो धीरे-धीरे आराम करने पर ठीक हो जाता है. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं होती है. क्योंकि, यह गर्भावस्था का सामान्य हिस्सा माना जाता है. लेकिन, अगर सांस फूलने के साथ सीने में दर्द, चक्कर, नीले होंठ या बेहोशी जैसा महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.

सांस फूलने की परेशानी से ऐसे मिलेगी राहत?

डॉक्टर कहती हैं कि, इस समस्या से राहत पाने के लिए सबसे जरूरी है कि महिलाएं धीरे-धीरे बोलें और काम करें. इसके अलावा रोजाना प्राणायाम या डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करना भी फायदेमंद है. लंबी और गहरी सांस लेने से फेफड़ों को राहत मिलती है और ऑक्सीजन सप्लाई बेहतर होती है. इसके अलावा, सीधा बैठकर आराम करना, ज्यादा झुककर काम न करना और जरूरत पड़ने पर थोड़ी देर आराम लेना भी सांस फूलने की समस्या को कम कर सकता है.

MORE NEWS

Home > हेल्थ > प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में सांस क्यों फूलने लगती है? चौंकने वाली है वजह, इन उपायों से मिलेगी राहत

Written By: Lalit Kumar
Last Updated: April 7, 2026 14:25:46 IST

Mobile Ads 1x1

Pregnancy Problems: प्रेग्नेंसी हर महिला के लिए बेहद सुखद एहसास है. यह वक्त जितना खुशी का होता है, उतना ही जोखिम भरा भी. दरअसल, प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई बड़े बदलाव आते हैं. बता दें कि, प्रेग्नेंसी को 9 महीनों को तीन चरणों में बांटों गया है, जिन्हें तिमाही (Trimesters) कहा जाता है. प्रत्येक चरण लगभग 13-14 सप्ताह का होता है, जिसमें भ्रूण का विकास और मां के शरीर में काफी बदलाव होते हैं. इसके शुरुआती महीनों में जहां उल्टी, कमजोरी, थकान और खाने की इच्छा न होने जैसी समस्याएं आती हैं, तो वहीं तीसरे ट्राइमेस्टर में पहुंचते ही कई महिलाओं को सांस फूलने की समस्या महसूस होने लगती है. कई बार उन्हें चलने, उठने-बैठने या बात करते समय भी सांस लेने में दिक्कत होने लगती है. ऐसा होने से अक्सर लोग घबरा जाते हैं. हालांकि, अधिकतर मामलों में यह एक सामान्य स्थिति होती है. लेकिन परेशानी बढ़े तो डॉक्टर की सलाह जरूरी है.

अब सवाल है कि आखिर तीसरे ट्राइमेस्टर में सांस फूलना कितना सामान्य है? प्रेग्नेंसी के 9वें महीने में सास फूलने का कारण? डॉक्टर से मिलने जरूरत कब? सांस फूलने की परेशानी कैसे दूर करें? इस बारे में India News को बता रही हैं एम्स रायबरेली की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. ज्योत्सना देवी-

प्रेग्नेंसी में सांस फूलने का कारण क्या है?

प्रेग्नेंसी के तीसरे ट्राइमेस्टर यानी अंतिम महीनों में सांस फूलना बहुत कॉमन है. इस दौरान बोलते समय हांफी निकल जाती है. डॉ. ज्योत्सना कहती हैं कि, जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, यूट्रस का आकार बढ़ जाता है. इससे पेट के अंदर जगह कम हो जाती है और फेफड़ों पर दबाव पड़ने लगता है. जब फेफड़े पूरी तरह फैल नहीं पाते, तो शरीर को जरूरत के मुताबिक ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और सांस फूलने लगती है. ऐसी स्थिति में गर्भवती के ज्यादा बोलने, सीढ़ियां चढ़ने या तेजी से चलने पर यह परेशानी और ज्यादा महसूस होने लगती है. इस स्थिति में घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि यह समस्या आमतौर पर डिलीवरी के बाद खुद से ठीक हो जाती है.

सांस लेने में कब हो सकती परेशानी?

डॉक्टर कहती हैं कि, अगर प्रेग्नेंट महिला को सांस फूलने की हल्की-फुल्की दिक्कत है, तो धीरे-धीरे आराम करने पर ठीक हो जाता है. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं होती है. क्योंकि, यह गर्भावस्था का सामान्य हिस्सा माना जाता है. लेकिन, अगर सांस फूलने के साथ सीने में दर्द, चक्कर, नीले होंठ या बेहोशी जैसा महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.

सांस फूलने की परेशानी से ऐसे मिलेगी राहत?

डॉक्टर कहती हैं कि, इस समस्या से राहत पाने के लिए सबसे जरूरी है कि महिलाएं धीरे-धीरे बोलें और काम करें. इसके अलावा रोजाना प्राणायाम या डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करना भी फायदेमंद है. लंबी और गहरी सांस लेने से फेफड़ों को राहत मिलती है और ऑक्सीजन सप्लाई बेहतर होती है. इसके अलावा, सीधा बैठकर आराम करना, ज्यादा झुककर काम न करना और जरूरत पड़ने पर थोड़ी देर आराम लेना भी सांस फूलने की समस्या को कम कर सकता है.

MORE NEWS