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Home > क्राइम > यूट्यूब वीडियो देख बदल डाली प्रोडक्ट्स की एक्सपायरी डेट; 12,000 कार्टन एक्सपायर्ड सामान बरामद, ऐसे फूटा भंडा!

यूट्यूब वीडियो देख बदल डाली प्रोडक्ट्स की एक्सपायरी डेट; 12,000 कार्टन एक्सपायर्ड सामान बरामद, ऐसे फूटा भंडा!

YouTube से सीखा एक्सपायरी डेट बदलने का खेल! जयपुर में 1.5 लाख किलो सामान के साथ ऐसे फूटा भंडा. आखिर एक हेल्पलाइन कॉल ने कैसे खोला बंद दरवाजों का राज? पढ़ें.

Written By: Shivani Singh
Last Updated: March 10, 2026 23:02:03 IST

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यह मामला वाकई चौंकाने वाला है कि कैसे चंद पैसों के मुनाफे के लिए लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था. राजस्थान के खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 1.5 लाख किलोग्राम एक्सपायर्ड (समय सीमा पार) खाद्य पदार्थों को नष्ट कर दिया है. 

इस पूरे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ राजस्थान सरकार की 181 हेल्पलाइन पर मिली एक गुप्त शिकायत के बाद हुआ. जयपुर के खो नागोरियन इलाके में स्थित ‘मेसर्स एथलीट डिस्ट्रीब्यूटर’ के बारे में शिकायत मिली थी कि वहाँ कुछ संदिग्ध काम चल रहा है. पड़ोसियों का कहना था कि गोदाम में 10-12 मजदूर सुबह अंदर जाते थे और फिर सारा दिन मुख्य दरवाजा बंद रहता था. इसी शक के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वहां छापेमारी की.

कैसे होता था यह ‘खेल’?

जांच में जो सामने आया, वह किसी फिल्मी साजिश से कम नहीं था. मौके पर थिनर, एसीटोन और कई तरह के केमिकल बरामद हुए. इनका इस्तेमाल पैकेट पर छपी असली ‘एक्सपायरी डेट’ को मिटाने के लिए किया जाता था. अधिकारियों को वहां अमूल (Amul) ब्रांड के 4,500 नए खाली कार्टन मिले, जिनमें पुराने सामान को नई तारीखें डालकर पैक किया जाना था. फर्म के संचालक गगन आहूजा ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने एक्सपायरी डेट बदलने का यह तरीका यूट्यूब वीडियो देखकर सीखा था.

क्या-क्या सामान मिला?

छापेमारी के दौरान लगभग 12,000 कार्टन बरामद हुए, जिनमें ये चीजें शामिल थीं:

  • नूडल्स और केचप (सॉस)
  • मेयोनीज और एनर्जी ड्रिंक्स
  • अन्य डेयरी और डिब्बाबंद उत्पाद

इन एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स को नष्ट करने में 4 दिन का समय लगा और इन्हें डंपिंग यार्ड तक ले जाने के लिए 27 ट्रकों का इस्तेमाल करना पड़ा. सारा खर्च भी आरोपी फर्म से ही वसूला गया.

कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

जांच में पता चला कि इस फर्म का फूड लाइसेंस पहले ही खत्म हो चुका था. अब इसे पूरी तरह सील कर दिया गया है. अमूल के उत्पादों को बनाने वाली ‘कैरा डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन’ और सप्लायर ‘एडवांसिस इंडिया’ के प्रतिनिधियों ने पुष्टि की है कि तारीखों के साथ छेड़छाड़ की गई थी. आरोपी अक्सर भारी डिस्काउंट पर ‘एक्सपायरी’ के करीब वाला सामान खरीदता था. विभाग अब इस बात की तफ्तीश कर रहा है कि इस तरह का कितना जहरीला सामान बाजार में पहुंच चुका है.

इस तरह की घटनाओं को देखते हुए, कोई भी सामान खरीदते समय पैकेट की छपाई को ध्यान से देखें. अगर तारीख धुंधली दिखे या वहां कोई रगड़ का निशान हो, तो उसे खरीदने से बचें और तुरंत अधिकारियों को सूचित करें.

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Last Updated: March 10, 2026 23:02:03 IST

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यह मामला वाकई चौंकाने वाला है कि कैसे चंद पैसों के मुनाफे के लिए लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था. राजस्थान के खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 1.5 लाख किलोग्राम एक्सपायर्ड (समय सीमा पार) खाद्य पदार्थों को नष्ट कर दिया है. 

इस पूरे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ राजस्थान सरकार की 181 हेल्पलाइन पर मिली एक गुप्त शिकायत के बाद हुआ. जयपुर के खो नागोरियन इलाके में स्थित ‘मेसर्स एथलीट डिस्ट्रीब्यूटर’ के बारे में शिकायत मिली थी कि वहाँ कुछ संदिग्ध काम चल रहा है. पड़ोसियों का कहना था कि गोदाम में 10-12 मजदूर सुबह अंदर जाते थे और फिर सारा दिन मुख्य दरवाजा बंद रहता था. इसी शक के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वहां छापेमारी की.

कैसे होता था यह ‘खेल’?

जांच में जो सामने आया, वह किसी फिल्मी साजिश से कम नहीं था. मौके पर थिनर, एसीटोन और कई तरह के केमिकल बरामद हुए. इनका इस्तेमाल पैकेट पर छपी असली ‘एक्सपायरी डेट’ को मिटाने के लिए किया जाता था. अधिकारियों को वहां अमूल (Amul) ब्रांड के 4,500 नए खाली कार्टन मिले, जिनमें पुराने सामान को नई तारीखें डालकर पैक किया जाना था. फर्म के संचालक गगन आहूजा ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने एक्सपायरी डेट बदलने का यह तरीका यूट्यूब वीडियो देखकर सीखा था.

क्या-क्या सामान मिला?

छापेमारी के दौरान लगभग 12,000 कार्टन बरामद हुए, जिनमें ये चीजें शामिल थीं:

  • नूडल्स और केचप (सॉस)
  • मेयोनीज और एनर्जी ड्रिंक्स
  • अन्य डेयरी और डिब्बाबंद उत्पाद

इन एक्सपायर्ड प्रोडक्ट्स को नष्ट करने में 4 दिन का समय लगा और इन्हें डंपिंग यार्ड तक ले जाने के लिए 27 ट्रकों का इस्तेमाल करना पड़ा. सारा खर्च भी आरोपी फर्म से ही वसूला गया.

कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

जांच में पता चला कि इस फर्म का फूड लाइसेंस पहले ही खत्म हो चुका था. अब इसे पूरी तरह सील कर दिया गया है. अमूल के उत्पादों को बनाने वाली ‘कैरा डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन’ और सप्लायर ‘एडवांसिस इंडिया’ के प्रतिनिधियों ने पुष्टि की है कि तारीखों के साथ छेड़छाड़ की गई थी. आरोपी अक्सर भारी डिस्काउंट पर ‘एक्सपायरी’ के करीब वाला सामान खरीदता था. विभाग अब इस बात की तफ्तीश कर रहा है कि इस तरह का कितना जहरीला सामान बाजार में पहुंच चुका है.

इस तरह की घटनाओं को देखते हुए, कोई भी सामान खरीदते समय पैकेट की छपाई को ध्यान से देखें. अगर तारीख धुंधली दिखे या वहां कोई रगड़ का निशान हो, तो उसे खरीदने से बचें और तुरंत अधिकारियों को सूचित करें.

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