Raw Milk On Face: बचपन में आपकी मां रोज आपको एक गिलास दूध पिलाने के लिए आपके पीछे भागती होंगी. अब समय आ गया है कि आप दूध के पीछे भागें. प्रोसेस्ड या उबला हुआ दूध पीना शरीर के लिए फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, विटामिन D और फास्फोरस भरपूर मात्रा में होते हैं. ये पोषक तत्व हड्डियों और शरीर को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दूध में कुछ ऐसे विटामिन और एसिड भी होते हैं जो त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं? इसके अलावा, कच्चे दूध में ऐसे पोषक तत्वों की मात्रा ज़्यादा होती है क्योंकि गर्मी से ऐसे तत्वों की मात्रा कम हो सकती है.
स्किन पर दूध का इस्तेमाल
पुराने समय में महिलाएं अपनी त्वचा को चमकदार बनाने के लिए दूध का इस्तेमाल करती थीं. आजकल दूध कई स्किनकेयर प्रोडक्ट्स में एक मुख्य सामग्री के तौर पर होता है. आपने अक्सर टीवी एड में सुना होगा कि फलां साबुन में दूध मिला है. हालांकि, दूध का इस्तेमाल कई DIYs में भी किया जा सकता है. आसान शब्दों में जिस दूध पर कोई प्रोसेसिंग नहीं हुई होती, उसे कच्चा दूध कहते हैं. प्रोसेसिंग में पकाना, उबालना, पाश्चराइजेशन, गर्म करना, या प्रिजर्वेटिव मिलाना शामिल है. कच्चा दूध सीधे डेयरी फार्म से आपके हाथों में आता है.
दूध पर हीट ट्रीटमेंट के असर पर एक स्टडी से पता चलता है कि प्रोसेसिंग करने पर दूध का केमिकल कंपोजिशन कैसे बदल जाता है. इसलिए कच्चे दूध में मिल्क प्रोटीन, लैक्टुलोज, विटामिन B6, विटामिन B12, फोलिक एसिड, नियासिन, लैक्टिक एसिड और ज़्यादा पोषक तत्व होते हैं. इसके अलावा दूध को पीने लायक बनाने के लिए गर्म किया जाता है क्योंकि कुछ लोगों को कच्चा दूध पीने से मतली और दस्त हो सकते हैं. दूसरी ओर कच्चा दूध त्वचा पर इस्तेमाल करने के लिए एकदम सही बताया जाता है.
कच्चा दूध लगाने के फायदे
- कच्चा दूध चेहरे के लिए एकदम सही क्लींजर है क्योंकि यह त्वचा से जरूरी तेल और प्राकृतिक नमी को नहीं हटाता है. इसके बजाय, यह त्वचा में गहराई तक जमी गंदगी, धूल, मैल और ज्यादा तेल को धीरे-धीरे हटाता है. आप कच्चे दूध को अकेले फेशियल क्लींजर के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं और स्किन टोन को एक जैसा करने के लिए इसमें हल्दी भी मिला सकते हैं.
- दूध में लैक्टिक एसिड होता है जो इसे एक बेहतरीन प्राकृतिक एक्सफोलिएटर के रूप में इस्तेमाल करने में मदद करता है. दूध को एक्सफोलिएटर के रूप में इस्तेमाल करने के लिए आप अपनी पसंद के किसी भी एक्सफोलिएटिंग सामग्री जैसे बेसन, पपीते का पेस्ट, चावल का पाउडर या चारकोल में दूध मिला सकते हैं. सामग्री मिलाने के बाद इस पेस्ट को अपनी त्वचा पर धीरे-धीरे रगड़ें ताकि डेड स्किन सेल्स हट जाएं और नई सेल्स बनने में मदद मिले.
- जब दूध को गुलाब जल के साथ इस्तेमाल किया जाता है, तो यह असमान त्वचा को टोन करने, रंगत को निखारने, त्वचा को मॉइस्चराइज़ करने और चेहरे की मांसपेशियों की लोच में सुधार करने में मदद करता है. आप इस टोनर का इस्तेमाल अपनी पसंद के अनुसार कर सकते हैं और इसे रात भर भी लगा रहने दे सकते हैं. इसके अलावा आप अपने ताजा बने टोनर में नींबू के रस की कुछ बूंदें मिला सकते हैं.
- दूध से कई तरह के फेशियल मास्क बनाए जा सकते हैं. उदाहरण के लिए टैन हटाने के लिए टमाटर और दूध का मास्क, त्वचा को मॉइस्चराइज़ करने के लिए दूध और शहद, त्वचा को चमकदार बनाने के लिए दूध और चावल का आटा और चमक के लिए दूध और दही का यूज. आपको दोनों सामग्री बराबर मात्रा में मिलानी चाहिए और मास्क को 15-20 मिनट तक लगाकर रखना चाहिए और फिर गुनगुने या सामान्य पानी से चेहरा धो लेना चाहिए.
- चेहरे पर कच्चा दूध लगाने से मुंहासों के इलाज में मदद मिल सकती है क्योंकि इसमें लैक्टिक एसिड होता है. लैक्टिक एसिड स्किन से गंदगी और डेड स्किन सेल्स को साफ करता है जो पोर्स को बंद कर देते हैं और मुंहासे पैदा करते हैं. दूध में विटामिन B12 और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स होते हैं जो स्किन टोन को नैचुरली चमकदार बनाते हैं. यह हाइपरपिग्मेंटेशन और टैनिंग से निपटने में मददगार होता है. साथ ही यह स्किन को मॉइस्चराइज़र रखता है. कच्चा दूध इन्फेक्शन से लड़ने में असरकारक होता है. हालांकि, कच्चे दूध को ऊपर से लगाने पर इसका असर हल्का होता है बल्कि यह दूध पीने से अधिक फायदा होता है.
साइड इफेक्ट्स होने के चांस?
- हालांकि, दूध पीने से लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोगों को मतली, उल्टी और ऐसे ही लक्षण होते हैं, लेकिन कच्चे दूध को त्वचा पर लगाने से उन लोगों में साइड इफेक्ट हो सकते हैं जिनकी त्वचा बहुत ज़्यादा सेंसिटिव है या जिन्हें डेयरी प्रोडक्ट्स से एलर्जी है. कच्चे दूध से होने वाले हाइपरसेंसिटिव रिएक्शन के लक्षणों में खुजली, लालिमा, छोटे दाने, पित्ती और सूजन शामिल हैं. यह रिएक्शन दूषित कच्चे दूध से भी हो सकता है.
- दूध हल्का होता है और यह मुंहासे वाली त्वचा वाले लोगों में भी मुंहासे नहीं बढ़ाता है. हालांकि, कुछ मामलों में यह पोर्स को बंद कर सकता है और मुंहासे पैदा कर सकता है. खासकर तैलीय त्वचा वाली महिलाओं में जब कच्चे दूध लगाने से पहले त्वचा को अच्छी तरह से साफ नहीं किया जाता है.
डिस्क्लेमर- (इस लेख में दी गई जानकारियों पर इंडिया न्यूज दावा नहीं करता कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं. यह विभिन्न स्त्रोतो से ली गई है. विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.)