Shalini Passi Parenting Hack: इंडियन टेलीविजन पर्सनैलिटी शालिनी पासी को उनके ग्लैमरस लाइफस्टाइल के लिए जाना जाता है. वे 2024 में दीपक पारेख के होस्ट किए गए The Chill Hour पॉडकास्ट के एक एपिसोड में नज़र आईं. यहां उन्होंने अपने बेटे रॉबिन की परवरिश के अपने अनुभवों के बारे में खुलकर बात की, इस दौरान उन्होंने बताया था कि उन्होंने चालाकी से अपने बेटे को पानी मिला हुआ कोक पिलाया, जिसे वो रेगुलर कोक समझता था ताकि उसे मीठे और अनहेल्दी ड्रिंक्स पीने की आदत न पड़े.
शालिनी का पेरेंटिंग हैक
दीपक से बातचीत में शालिनी ने बताया कि काफी समय तक उनके बेटे को लगता था कि घर का कोक खराब है. सिर्फ इसलिए क्योंकि वह उसे देने से पहले उसमें पानी मिला देती थीं इसलिए उसे लगता था कि कोक का स्वाद बहुत खराब है.
कैसे हुआ पर्दाफाश?
उनका बेटा रॉबिन जो अब 27 साल का है. रॉबिन जब छोटा था तो आखिरकार पता चल गया कि उसकी मां क्या कर रही थी. जब उसने किसी और के घर कोक पिया और देखा कि उसका स्वाद बिल्कुल अलग था. शालिनी ने बताया कि उनके बेटे ने उनसे कहा कि जब वो एक पार्टी में गया था, तो उसे बहुत प्यास लगी थी. वहां उन्होंने कोक देखा और जाकर पी लिया. हालांकि उसका स्वाद बहुत अच्छा था. उन्होंने कहा कि मां हमारे घर का कुक बहुत खराब कोक बनाता है.
उस समय रॉबिन इतना छोटा था कि उसे यह एहसास नहीं था कि कोक का स्वाद हर जगह एक जैसा होता है और यह एक जैसी पैकेजिंग वाली बोतलों में आता है. उसे लगता था कि ये घर पर बनता है इसीलिए उसे लगता था कि अलग-अलग जगहों पर इसका स्वाद स्वाभाविक रूप से अलग होता है.
जब यह बातचीत हुई तो शालिनी ने अपने बेटे को ये नहीं बताया कि वो ही कोक में पानी मिला रही थीं. इससे उनके बेटे को यह विश्वास बना रहा कि ड्रिंक का स्वाद ही “खराब” है. उन्होंने बताया कि उस समय वह एक बच्चा था, जिसके कारण उसे नहीं पता था कि ये हर जगह बोतलों में आता है. उसे लगता था कि हमारे घर में बहुत खराब कोक बनता है. इस पर उन्होंने अपने बेटे से कहा कि हम क्या कर सकते हैं बेटा? हमारे घर में कोक ऐसा ही है. उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि मीठे ड्रिंक्स सेहत के लिए हानिकारक होते हैं. हालांकि बाद में उसे पता चल गया कि ये उसकी मां की ट्रिक है.
मीठे ड्रिंक्स सेहत के लिए खराब
सन पीडियाट्रिक्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, कोक जैसे मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स में न्यूट्रिशनल वैल्यू बहुत कम या बिल्कुल नहीं होती है और उनमें कैलोरी बहुत ज़्यादा होती है. अगर इनका रेगुलर सेवन किया जाए, तो बच्चों में अनहेल्दी वजन बढ़ने और मोटापे की समस्या हो सकती है. इन ड्रिंक्स को दिल की बीमारियों और डिहाइड्रेशन के बढ़ते जोखिम से भी जोड़ा गया है. चीनी और एसिडिटी पेट की सूजन और दांतों की समस्याओं को बढ़ा सकते हैं. इन्हीं कारणों से हेल्थ एक्सपर्ट बच्चों की डाइट में मीठे ड्रिंक्स को कम करने या उनसे बचने की सलाह देते हैं.