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Shreyas Talpade: 10 मिनट तक नहीं धड़का दिल… फिर हार्ट अटैक के बाद कैसे संभले श्रेयस तलपडे? जानिए रिकवरी के 5 लाइफ-सेविंग मंत्र

Shreyas Talpade: हाल ही में श्रेयस तलपड़े ने अपनी जिंदगी के बारे में बताया कि एक बार  फिल्म 'सिंगल सलमा' की शूटिंग के दौरान एक एक्शन सीन करने के बाद वह अचानक से बहुत ज्यादा थकान महसूस करने लगे,उस समय तो सब ठीक था, लेकिन कुछ महीनों बाद, दिसंबर 2023 में, श्रेयस तलपड़े को एक बड़ा हार्ट अटैक आया.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: January 27, 2026 12:07:05 IST

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Shreyas Talpade: अभिनेता श्रेयस तलपड़े ने हाल ही में अपनी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद अहम अनुभव शेयर किया. उन्होंने बताया कि लखनऊ में फिल्म ‘सिंगल सलमा’ की शूटिंग के दौरान एक एक्शन सीन करने के बाद वह अचानक बहुत ज्यादा थकान महसूस करने लगे. इसके साथ ही गले में एक अजीब-सा एहसास हुआ, जो उन्होंने पहले कभी महसूस नहीं किया था. 

हालांकि, उनके मन में कहीं न कहीं बेचैनी बनी रही. इसी वजह से उन्होंने डॉक्टर से सलाह लेने का फैसला किया. जांच के दौरान ECG और 2D इको करवाया गया, लेकिन दोनों रिपोर्ट सामान्य आईं. रिपोर्ट्स ठीक आने के बाद उन्होंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया और मान लिया कि कोई गंभीर समस्या नहीं है.लेकिन कुछ महीनों बाद, दिसंबर 2023 में, श्रेयस तलपड़े को एक बड़ा हार्ट अटैक आया, जिसने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदलकर रख दिया.

 बिना किसी खतरे के भी आया हार्ट अटैक

इस घटना के वक्त श्रेयस की उम्र 40 के आसपास थी. इस अनुभव ने उन्हें शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से प्रभावित किया. अब उन्हें जीवनभर कुछ सावधानियां बरतनी होंगी. नियमित दवाइयां, समय-समय पर जांच, डॉक्टर की सलाह का पालन और फॉलो-अप अब उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं.मानसिक रूप से यह झटका और भी गहरा था, क्योंकि श्रेयस के मुताबिक उनमें हार्ट अटैक से जुड़े आम जोखिम कारक नहीं थे. वह न तो धूम्रपान करते थे, न शराब पीते थे. उन्हें न डायबिटीज थी और न ही हाई ब्लड प्रेशर. इसके बावजूद उन्हें यह गंभीर समस्या हुई.

 दिल की सेहत के लिए श्रेयस तलपड़े के मंत्र

श्रेयस मानते हैं कि शरीर जो संकेत देता है, उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर कुछ असामान्य लगे तो देरी नहीं करनी चाहिए. समय पर जांच करवाने से समस्या को पहले ही पकड़ा जा सकता है.

वह नियमित दिनचर्या पर भी जोर देते हैं. समय पर खाना, दवा और नींद-ये सभी चीजें बहुत जरूरी हैं. उनका कहना है कि रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी नींद शरीर को ठीक होने में मदद करती है.

इसके अलावा, दिल की नियमित जांच जैसे ECG, 2D इको, स्ट्रेस टेस्ट और कैल्शियम स्कोर टेस्ट बेहद जरूरी हैं. उनका मानना है कि इलाज से बेहतर बचाव होता है. साथ ही, तनाव को संभालना भी उतना ही अहम है. जो चीज़ें हमारे नियंत्रण में नहीं हैं, उन्हें छोड़ देना सीखना चाहिए.

 समय पर खाना क्यों है जरूरी

श्रेयस बताते हैं कि सही डाइट का मतलब सिर्फ सलाद खाना नहीं होता. वह संतुलित भोजन करते हैं, लेकिन तली-भुनी और मीठी चीजें सीमित मात्रा में लेते हैं. वह अपने खाने में थोड़ी मात्रा में घी भी शामिल करते हैं.

उनका कहना है कि खाने की गुणवत्ता के साथ-साथ समय भी उतना ही अहम है. अगर भोजन तय समय पर न किया जाए, तो सबसे हेल्दी खाना भी नुकसान कर सकता है. जल्दी डिनर करने से पाचन तंत्र को आराम मिलता है.

उन्होंने बताया कि उनकी पहले से चली आ रही फिटनेस आदतों ने रिकवरी में बड़ी भूमिका निभाई. उनका मानना है कि कोविड के बाद शरीर में आए बदलावों और वैक्सीन का असर भी हो सकता है, लेकिन एक्टिव लाइफस्टाइल ने उन्हें जल्दी संभलने में मदद की.

तनाव से निपटना भी है जरूरी

श्रेयस मानते हैं कि जिंदगी में तनाव से बचना मुश्किल है, लेकिन उसे संभालना सीखा जा सकता है. समय के साथ उन्होंने समझा कि हर चीज हमारे हाथ में नहीं होती. जो बदला नहीं जा सकता, उसे स्वीकार करना भी जरूरी है.

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