आधुनिक चिकित्सा क्षेत्र में AI एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है. हाल ही में स्टैनफोर्ड के शोधकर्ताओं ने SleepFM नामक AI मॉडल विकसित किया है. यह AI मॉडल केवल एक रात की नींद के पैटर्न से 130 से अधिक गंभीर बीमारियों जैसे पार्किंसन, डिमेंशिया, हृदय रोग और कैंसर के जोखिम का सटीक अनुमान लगाता है.
पॉलीसोम्नोग्राफी डेटा पर आधारित यह तकनीक बीमारी के खतरे का पता लगाने के लिए मस्तिष्क तरंगों, हृदय गति और श्वास जैसे संकेतों का उपयोग करती है और आधुनिक चिकित्सा को नया आयाम देती है.
SleepFM AI कैसे करता है काम
यह AI केवल एक रात की नींद के दौरान शारीरिक संकेतों को रिकॉर्ड करता है. यह नया कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मॉडल भविष्य में होने वाली लगभग 130 विभिन्न बीमारियों के विकसित होने का जोखिम आंक सकता है. इसमें पार्किंसन रोग, डिमेंशिया, हृदय रोग तथा प्रोस्टेट और स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां शामिल हैं. यह तकनीक नींद को लंबे समय के स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण बायोमार्कर मानती है.
SleepFM: क्रांतिकारी AI मॉडल
स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने यह मॉडल विकसित किया है. SleepFM नामक यह AI मॉडल, जनवरी 2026 में नेचर मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन पर आधारित है. इसे 1999 से 2024 तक के 65,000 व्यक्तियों से एकत्रित लगभग 6 लाख घंटे की नींद डेटा पर प्रशिक्षित किया गया है. शोध के दौरान पॉलीसोम्नोग्राफी (PSG) विधि से मस्तिष्क तरंगें, हृदय गति, श्वास, मांसपेशी तनाव, आंखों और पैरों की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया गया. इस AI मॉडल ने 1,000 संभावित बीमारियों में से 130 को मध्यम से उच्च सटीकता के साथ पहचाना.
स्लीप डेटा का विश्लेषण
SleepFM एक लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) की तरह कार्य करता है, जहां PSG डेटा को 5-सेकंड के छोटे टुकड़ों में विभाजित किया जाता है. ये टुकड़े “शब्दों” की भांति AI को प्रशिक्षित करते हैं, जो पैटर्न पहचानकर कारण संबंधों को समझने में सक्षम होता है.
यह विधि लैब में एक रात की नींद से ही काम करती है, जो स्लीप क्लिनिक्स में पहले से उपयोग हो रही PSG पर आधारित है. हालांकि, नमूना मुख्यतः स्वास्थ्य समस्याओं का संदेह रखने वालों पर आधारित है, इसलिए सामान्य जनता पर परीक्षण अभी बाकी है.
स्वास्थ्य निगरानी में संभावनाएं
यह तकनीक चिकित्सा समझ को बढ़ा सकती है, क्योंकि नींद पैटर्न तंत्रिका, हृदय या प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रारंभिक गड़बड़ियों का संकेत दे सकते हैं. भविष्य में वियरेबल डिवाइसों (जैसे स्मार्टवॉच) से डेटा जोड़कर मॉडल को और बेहतर बनाया जा सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रोकथाम-केंद्रित स्वास्थ्य प्रबंधन संभव हो सकेगा.
मैथियास श्नाइडर जैसे वैज्ञानिकों ने नोट किया कि अधिकांश AI कारण संबंध नहीं समझते, लेकिन SleepFM नींद को व्यापक स्वास्थ्य बायोमार्कर के रूप में स्थापित कर रहा है.
अध्ययन अभी क्लीनिक रोगियों तक सीमित है, इसलिए स्वस्थ व्यक्तियों पर इसकी प्रभावशीलता सिद्ध करनी अभी बाकी है. फिर भी, यह नींद की गुणवत्ता को स्वास्थ्य पूर्वानुमान का शक्तिशाली उपकरण बनाता है. शोधकर्ता अब वियरेबल डेटा एकीकरण पर कार्यरत हैं, जो घरेलू उपयोग को सुलभ बनाएगा.